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Yamuna Nagar News: सरकारी कॉलेज के पास अपना भवन न स्टाफ
Mon, 03 Jun 2024 03:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 03 Jun 2024 03:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। खंड सरस्वती नगर की तरह प्रताप नगर खंड में भी सरकारी कॉलेज को अपनी छत नहीं मिल पाई है। कॉलेज पांच वर्षों से प्रतापनगर के राजकीय स्कूल में लग रहा है। जहां कमरों, स्टाफ व सुविधाओं की कमी में कोर्स की संख्या भी दो से आगे नहीं बढ़ पाई है।
प्रतापनगर खंड को पांच वर्ष पहले सरकारी कॉलेज की सौगात मिली थी। पांच वर्ष बीतने पर भी कॉलेज में दो ही कोर्स हैं। इसकी एक वजह कॉलेज के पास अपना भवन न होना भी है। कॉलेज प्रतापनगर के सरकारी स्कूल में लग रहा है, जहां कोर्स व विषयों की संख्या बढ़ाने के लिए कमरे व अन्य सुविधाएं कम हैं। साथ ही स्टाफ भी दूसरे सरकारी कॉलेज से डेपुटेशन पर हैं। इन हालात में यहां अभी भी बीए में 60 व बीकॉम की 40 सीटों से काम चलाया जा रहा है।
कॉलेज स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कॉलेज के अपने भवन के लिए अभी तक जमीन तय नहीं हो पाई है। इसलिए सत्र 2024-25 में कॉलेज का प्रतापनगर में आईटीआई के लिए बने भवन में शिफ्ट करने की तैयारी है, जिसका पत्र आ चुका है। जल्द ही कॉलेज आईटीआई के बने भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा। जिससे कमरों की कमी की दिक्कत नहीं रहेगी।
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युवा करते एडेड व सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों का रुख
कॉलेज में कमरों, स्टाफ व सुविधाओं की स्थिति देख क्षेत्र के काफी युवा पास में कम खर्च में बीए व बीकॉम कोर्स होने के बाद भी दूर के एडेड व सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को रुख कर जाते हैं। ऐसे ही प्रतापनगर के आवेश, भानू, निखिल ने बताया कि अभी 12वीं परीक्षा पास की है। यूजी में दाखिला लेना है, पर पास के सरकारी कॉलेज में दो ही कोर्स हैं, इसलिए छछरौली के सरकारी कॉलेज या यमुनानगर के एडेड कॉलेजों में दाखिला लेने का मन बनाया है।
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यमुनानगर। खंड सरस्वती नगर की तरह प्रताप नगर खंड में भी सरकारी कॉलेज को अपनी छत नहीं मिल पाई है। कॉलेज पांच वर्षों से प्रतापनगर के राजकीय स्कूल में लग रहा है। जहां कमरों, स्टाफ व सुविधाओं की कमी में कोर्स की संख्या भी दो से आगे नहीं बढ़ पाई है।
प्रतापनगर खंड को पांच वर्ष पहले सरकारी कॉलेज की सौगात मिली थी। पांच वर्ष बीतने पर भी कॉलेज में दो ही कोर्स हैं। इसकी एक वजह कॉलेज के पास अपना भवन न होना भी है। कॉलेज प्रतापनगर के सरकारी स्कूल में लग रहा है, जहां कोर्स व विषयों की संख्या बढ़ाने के लिए कमरे व अन्य सुविधाएं कम हैं। साथ ही स्टाफ भी दूसरे सरकारी कॉलेज से डेपुटेशन पर हैं। इन हालात में यहां अभी भी बीए में 60 व बीकॉम की 40 सीटों से काम चलाया जा रहा है।
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कॉलेज स्टाफ ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि कॉलेज के अपने भवन के लिए अभी तक जमीन तय नहीं हो पाई है। इसलिए सत्र 2024-25 में कॉलेज का प्रतापनगर में आईटीआई के लिए बने भवन में शिफ्ट करने की तैयारी है, जिसका पत्र आ चुका है। जल्द ही कॉलेज आईटीआई के बने भवन में शिफ्ट कर दिया जाएगा। जिससे कमरों की कमी की दिक्कत नहीं रहेगी।
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युवा करते एडेड व सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों का रुख
कॉलेज में कमरों, स्टाफ व सुविधाओं की स्थिति देख क्षेत्र के काफी युवा पास में कम खर्च में बीए व बीकॉम कोर्स होने के बाद भी दूर के एडेड व सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों को रुख कर जाते हैं। ऐसे ही प्रतापनगर के आवेश, भानू, निखिल ने बताया कि अभी 12वीं परीक्षा पास की है। यूजी में दाखिला लेना है, पर पास के सरकारी कॉलेज में दो ही कोर्स हैं, इसलिए छछरौली के सरकारी कॉलेज या यमुनानगर के एडेड कॉलेजों में दाखिला लेने का मन बनाया है।