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Yamuna Nagar News: कागजों में कचरा अलग-अलग, हकीकत कुछ और

Fri, 07 Mar 2025 12:25 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 07 Mar 2025 12:25 AM IST
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Garbage is different on paper, reality is something else
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। स्वच्छ सर्वेक्षण में गत वर्ष रैंकिंग बिगड़ने के बाद भी कई बिंदुओं में शहर की स्थिति कमजोर है। इसमें एक बिंदु कचरे को इकट्ठा करने से लेकर उठान अलग-अलग करने की व्यवस्था है। हालांकि अफसरों की बैठकों और कागजों में तो कचरा अलग-अलग हो रहा है, पर धरातल पर स्थिति कुछ और है।
अधिकांश घरों, दुकानों व अन्य भवनों में लोग हर तरह का कचरा एक ही कचरा डस्टबिन में इकट्ठा कर रहे हैं। जो लोग भवनों में कचरे को अलग-अलग रख रहे हैं, उनका कचरा भी नगर निगम के वाहनों में मिक्स हो रहा है। ऐसा होते सरेआम देखा जा सकता है, वहीं निवर्तमान पार्षद भी ऐसे आरोप लगा रहे हैं।
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स्वच्छ सर्वेक्षण-2024 के लिए केंद्रीय टीम कभी भी शहर में आ सकती है। इस बार सर्वेक्षण ट्रिपल आर (रीयूज, रिड्यूस, रीसाइकिल) के आधार पर हो रहा है। इसके कुल 9500 अंक का है। तीन हिस्सों में बंटे सर्वेक्षण में 60 फीसदी यानी 5705 अंक सेवाओं के स्तर में प्रगति, 26 फीसदी यानी 2500 अंक सर्टिफिकेशन व 14 फीसदी यानी 1295 अंक लोगों के फीडबैक के निर्धारित हैं।
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स्वच्छ सर्वेक्षण-2021 में शहर की स्वच्छ रैंकिंग राष्ट्र स्तर पर 243 रही। इसमें सुधार करते हुए स्वच्छ सर्वेक्षण-2022 में यह 170वें रैंक पर आ गई, किंतु स्वच्छ सर्वेक्षण-2023 में 51 पायदान नीचे 221 रैंक रही। गत वर्ष रैंकिंग बिगड़ी देख निगम अफसरों ने सर्वेक्षण के कई बिंदुओं पर शहर की स्थिति को मजबूत किया है, पर कचरा संग्रहण के बिंदु पर स्थिति सही नहीं है।
कई वर्षों से शहर के लोगों को अपने घरों, दुकानों व अन्य भवनों में गीले-सूखे व अन्य कचरे को अलग-अलग रखने के निर्देश जारी किए जा रहे हैं, पर धरातल पर अभी भी ऐसा नहीं हो पाया है। अभी भी ज्यादातर घरों-दुकानों व अन्य भवनों में गीला-सूखा व अन्य कचरा एक ही डस्टबिन में इकट्ठा हो रहा है। इसका उठान भी निगम के कचरा उठान वाहनों में मिक्स हो रहा है।
ऐसे आरोप लगाते हुए पूर्व पार्षद नीरज राणा, रामआसरा भारद्वाज ने कहा कि वर्षाें बाद भी कचरा अलग-अलग उठान की व्यवस्था नहीं बन पाई है, क्योंकि इस पर सही निगरानी के बजाए निगम अफसर केवल दिशा-निर्देश करने तक सिमटे हैं। निगम के कचरा उठान वाहनों में भी कचरा मिक्स हो रहा है। यह मिक्स कचरा कचरा प्लांट पहुंचता है, जिससे निस्तारण में समय अधिक लगता है। साथ ही इसका असर शहर की स्वच्छ रैंकिंग पर भी पड़ता है।

गत वर्षों में स्वच्छता रैंकिंग
वर्ष - रैंक
2017 - 346
2018 - 310
2019 - 218
2020 - 147
2021 - 243
2022 - 170
2023 - 221
शहर के लोगों से अपील है कि घरों, दुकानों व अन्य भवनों में कचरे को अलग-अलग इकट्ठा करें। कचरा उठान कर रही एजेंसी को भी कचरे का अलग-अलग उठान करने के निर्देश हैं। इस पर निगरानी के लिए अफसरों को जिम्मेदारी दी गई है। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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