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स्कूल के खातों में गड़बड़ी कर अकाउंटेंट ने किया सवा दो लाख रुपये का गबन
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यमुनानगर। गुरु नानक खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के अकाउंटेंट रमेश पर बच्चों की फीस व संस्था की दुकानों का किराये में गड़बड़ी कर सवा दो लाख रुपये के गबन का आरोप लगा है। आरोप है कि अकाउंटेंट ने संस्था के खातों में गड़बड़ी करके अपनी बेटी व बेटे के अकाउंट में रुपये जमा करवा लिए। लॉकडाउन होने के कारण स्कूल प्रबंधक समिति को गबन का पता नहीं चल पाया। पता चलने पर आरोपी अकाउंटेंट ने 50 हजार रुपये जमा करवा दिए, जबकि बाकी रुपये जमा नहीं करवाए। इसकी शिकायत स्कूल हैड क्लर्क ने पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी अकाउंट, उसकी बेटी व बेटे के खिलाफ धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
गुरुनानक खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के हैड क्लर्क सूरज गोयल ने शहर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा स्कूल संचालित किया जाता है। प्रबंधन समिति ने एक जनवरी 2019 को चौपड़ा गार्डन निवासी रमेश कुमार पांचाल को अकाउंटेंट के रूप में नियुक्त किया गया था। उस पर स्कूल के सभी खातों, लेनदेन, बच्चों की फीस का हिसाब-किताब रखने व जमा करवाने व संस्था की दुकानों का किराया लेने समेत लेनदेन के अन्य काम की उसे जिम्मेदारी दी गई थी। शुरू में उसने ईमानदारी से अपना काम किया। लेकिन इसके बाद उसने अपने बेटी चेतना पांचाल व बेटे गौरव पांचाल के साथ मिलकर स्कूल की फीस, दुकानों का किराया व अन्य लेनदेन के कार्यों में गड़बड़ी करना शुरू कर दिया।
आरोप है कि आरोपी ने स्कूल और प्रबंधन के रुपयों का गबन करना शुरू कर दिया। आरोपी ने छात्रों से फीस एकत्र की और स्कूल के खाते में पूरी राशि जमा नहीं करवाई। इसी तरह आरोपी ने भी संस्था की दुकानों के किरायेदारों से उसके द्वारा वसूले गए किराए की राशि का भी गबन किया। यह रुपये आरोपी ने अपनी बेटी व बेटे के अकाउंट में जमा करवाई। संस्था द्वारा जांच की गई तो 225256 रुपये की गड़बड़ी पाई गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि कोविड-19 के चलते लगे लॉकडाउन के कारण इस गड़बड़ी की तरफ प्रबंधन कमेटी ध्यान नहीं दे पाई। गड़बड़ी पता चलने पर प्रबंधक समिति ने अकाउंट रमेश से जांच मांगा और गबन की गई राशि का भुगतान करने का कहा गया। इस पर रमेश ने 50 हजार रुपये स्कूल प्रबंधन को लौटा दिए। लेकिन बाकी रुपये वह जमा नहीं करवा पाया। रुपये न देने पर उन्होंने शिकायत एसपी को दी थी। इसके बाद कोर्ट में याचिका दायर की गई। कोर्ट के आदेश पर शहर पुलिस ने रविवार देर शाम आरोपी रमेश पांचाल, उसकी बेटी चेतना पांचाल व बेटे गौरव पांचाल पर आईपीसी की धारा 420, 408, 506 के तहत धोखाधड़ी व गबन के आरोप में केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है।
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शहर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने तीनों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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गुरुनानक खालसा सीनियर सेकेंडरी स्कूल के हैड क्लर्क सूरज गोयल ने शहर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि स्कूल प्रबंधन समिति द्वारा स्कूल संचालित किया जाता है। प्रबंधन समिति ने एक जनवरी 2019 को चौपड़ा गार्डन निवासी रमेश कुमार पांचाल को अकाउंटेंट के रूप में नियुक्त किया गया था। उस पर स्कूल के सभी खातों, लेनदेन, बच्चों की फीस का हिसाब-किताब रखने व जमा करवाने व संस्था की दुकानों का किराया लेने समेत लेनदेन के अन्य काम की उसे जिम्मेदारी दी गई थी। शुरू में उसने ईमानदारी से अपना काम किया। लेकिन इसके बाद उसने अपने बेटी चेतना पांचाल व बेटे गौरव पांचाल के साथ मिलकर स्कूल की फीस, दुकानों का किराया व अन्य लेनदेन के कार्यों में गड़बड़ी करना शुरू कर दिया।
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आरोप है कि आरोपी ने स्कूल और प्रबंधन के रुपयों का गबन करना शुरू कर दिया। आरोपी ने छात्रों से फीस एकत्र की और स्कूल के खाते में पूरी राशि जमा नहीं करवाई। इसी तरह आरोपी ने भी संस्था की दुकानों के किरायेदारों से उसके द्वारा वसूले गए किराए की राशि का भी गबन किया। यह रुपये आरोपी ने अपनी बेटी व बेटे के अकाउंट में जमा करवाई। संस्था द्वारा जांच की गई तो 225256 रुपये की गड़बड़ी पाई गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि कोविड-19 के चलते लगे लॉकडाउन के कारण इस गड़बड़ी की तरफ प्रबंधन कमेटी ध्यान नहीं दे पाई। गड़बड़ी पता चलने पर प्रबंधक समिति ने अकाउंट रमेश से जांच मांगा और गबन की गई राशि का भुगतान करने का कहा गया। इस पर रमेश ने 50 हजार रुपये स्कूल प्रबंधन को लौटा दिए। लेकिन बाकी रुपये वह जमा नहीं करवा पाया। रुपये न देने पर उन्होंने शिकायत एसपी को दी थी। इसके बाद कोर्ट में याचिका दायर की गई। कोर्ट के आदेश पर शहर पुलिस ने रविवार देर शाम आरोपी रमेश पांचाल, उसकी बेटी चेतना पांचाल व बेटे गौरव पांचाल पर आईपीसी की धारा 420, 408, 506 के तहत धोखाधड़ी व गबन के आरोप में केस दर्जकर छानबीन शुरू कर दी है।
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शहर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने तीनों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।