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मंत्रियों का जानकार बताकर रिटायर्ड कर्मी से ठगे 41 लाख

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2020 11:36 PM IST
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देश के गृहमंत्री व मुख्यमंत्री का कथित रिश्तेदार बताकर दो लोगों ने पीडब्ल्यूडी रिटायर्ड कर्मी जयपाल को विधानसभा चुनाव में पार्टी का टिकट दिलाने का झांसा देकर 36 लाख रुपये हड़प लिए। वहीं, बेटे को पुलिस में नौकरी दिलाने के नाम पर पांच लाख रुपये ठगे। लेकिन न तो बेटे की पुलिस में नौकरी लगी और न ही उसे विधानसभा चुनाव में पार्टी का टिकट मिला। आरोपियों के झांसे में आकर रिटायर्ड कर्मी ने जहां रिटायर्डमेंट के 14 लाख रुपये गवाएं, वहीं, गहने तक बैंक में गिरवी रख दिए। इसके साथ ही रिश्तेदारों का भी कर्जमंद हो गया। रुपये न लौटाने पर पीड़ित ने शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्जकर जांच शुरू कर दी है।
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शिवपुरी बी निवासी जयपाल ने फर्कपुर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह पीडब्ल्यूडी से फरवरी 2018 में क्लर्क रिटायर्ड है। उसके एक रिश्तेदार ने उसे कहा था कि वह उसके बेटे की सरकारी नौकरी लगवा देगा। इसके लिए उसने पांच लाख रुपये का खर्च आने की बात कहीं। उसने उसे पांच लाख रुपये दे दिए। लेकिन कई माह तक वह उसे झूठे आश्वासन देता रहा। लेकिन उसके बेटे की नौकरी नहीं लगी। फिर उसने उसे कहा कि उसका दोस्त विष्णु कुमार बीजेपी में चेयरमैन है। उसके दो-तीन चाचे कैबिनेट मंत्री है। वे उसे चुनाव में टिकट दिलवा देंगे। उसके रिश्तेदार ने वर्ष 2018 में उसे आरोपी विष्णु कुमार व मनजीत सिंह से मिलाया। विष्णु ने उसे कहा कि उसके गृहमंत्री अमित शाह व मुख्यमंत्री मनोहर लाल से घरेलू रिश्ते है। उसे चुनाव में टिकट आराम से मिल जाएगा। इसके लिए उन्होंने कई लाख का खर्च आने की बात कहीं। जुलाई 2018 में विष्णु व मनजीत ने उससे रुपये लेने शुरू कर दिए। ज्यादातर रुपये नकद दिए गए। एक साल में उसने तीन-चार गाड़ियां हल्का सढौरा में प्रचार के लिए लगाई। उसने खुद भी हल्के के गांव गांव में जाकर प्रचार किया। जयपाल ने बताया कि आरोपियों ने उससे 35-36 लाख रुपये लिए है। जिनमें से 7-8 लाख रुपये बैंक के माध्यम से अलग अलग खातों में भेजा गया। नकद राशि आरोपियों ने करनाल के नीलकंड, हवेली, कर्णलेक, झिलमिल व पीपली के पैराकिट होटल में बुलाकर लिए। उसके घूमने फिरने में भी पांच-छह लाख रुपये खर्च हो गए। टिकट न मिलने पर जब उसने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने देने से मना कर दिया और इस बारे में किसी को बताने व शिकायत करने पर उसे व परिवार को जान से मारने की धमकी दी। उसने शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में आरोपी विष्णु व मनजीत के खिलाफ आईपीसी की धारा 420 व 406 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच अधिकारी एसआई सतपाल का कहना है कि मामले में दोनों आरोपियों पर केस दर्जकर लिया गया है। मामले की गहनता से जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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आरोपियों ने पीडब्ल्यूडी कर्मी को अपने जाल में ऐसे फंसाया कि इसके बाद वह निकल ही नहीं पाया। शिकायतकर्ता जयपाल ने बताया कि आरोपियों को उसने सबसे पहले रिटायर्डमेंट में मिले लगभग 14 लाख रुपये दिए। इसके बाद प्लाट बेचकर 12 लाख रुपये दिए। लड़कियों से तीन लाख रुपये व अन्य रिश्तेदारों से उधार लिए। फिर भी आरोपियों की डिमांड पूरी नहीं हुई तो उसने गहने पर लोन लिया। लेकिन आरोपी उसका सारा रुपया खा गए। अब न तो उनके पास रहने के लिए जगह बची है और न ही पैसा। अब वो और उसका परिवार सुसाइड करने के कगार पर है।
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