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Yamuna Nagar News: कारोबारी के बैंक खाते से निकाले 95.74 लाख रुपये
Wed, 27 May 2026 01:16 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 27 May 2026 01:16 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। शहर के एक कारोबारी के साथ ठगों ने मोबाइल नंबर को स्वैप कर नया सिम जारी करा लिया और कंपनी के बैंक खाते से 95.74 लाख रुपये निकाल लिए। मामले की शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी गई है, पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार जगाधरी निवासी कारोबारी की कंपनी के बैंक खाते से एक मोबाइल नंबर जुड़ा हुआ था, जिस पर बैंक लेनदेन से संबंधित ओटीपी और अन्य अलर्ट आते थे। आरोप है कि साइबर ठगों ने इसी मोबाइल नंबर को अपने कब्जे में लेने के लिए सिम स्वैप कराया और नया सिम जारी करवा लिया। इसके बाद खाते से कई ट्रांजेक्शन कर 95.74 लाख रुपये निकाल लिए गए।
बताया जा रहा है कि घटना के दौरान अवकाश होने के कारण कारोबारी ने मोबाइल पर आने वाले ओटीपी और बैंक ट्रांजेक्शन अलर्ट पर ध्यान नहीं दिया। सोमवार को जब वह कंपनी पहुंचे और बैंक खाता जांचा, तब खाते से बड़ी रकम गायब मिलने पर ठगी का खुलासा हुआ। जिस तरीके से ठगी को अंजाम दिया गया है, उससे कारोबारी को किसी करीबी या अंदरूनी जानकारी रखने वाले व्यक्ति की संलिप्तता का भी संदेह है।
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साइबर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल नंबर स्वैप करने और रकम को ट्रांसफर किए जाने की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है।
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यमुनानगर। शहर के एक कारोबारी के साथ ठगों ने मोबाइल नंबर को स्वैप कर नया सिम जारी करा लिया और कंपनी के बैंक खाते से 95.74 लाख रुपये निकाल लिए। मामले की शिकायत साइबर थाना पुलिस को दी गई है, पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार जगाधरी निवासी कारोबारी की कंपनी के बैंक खाते से एक मोबाइल नंबर जुड़ा हुआ था, जिस पर बैंक लेनदेन से संबंधित ओटीपी और अन्य अलर्ट आते थे। आरोप है कि साइबर ठगों ने इसी मोबाइल नंबर को अपने कब्जे में लेने के लिए सिम स्वैप कराया और नया सिम जारी करवा लिया। इसके बाद खाते से कई ट्रांजेक्शन कर 95.74 लाख रुपये निकाल लिए गए।
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बताया जा रहा है कि घटना के दौरान अवकाश होने के कारण कारोबारी ने मोबाइल पर आने वाले ओटीपी और बैंक ट्रांजेक्शन अलर्ट पर ध्यान नहीं दिया। सोमवार को जब वह कंपनी पहुंचे और बैंक खाता जांचा, तब खाते से बड़ी रकम गायब मिलने पर ठगी का खुलासा हुआ। जिस तरीके से ठगी को अंजाम दिया गया है, उससे कारोबारी को किसी करीबी या अंदरूनी जानकारी रखने वाले व्यक्ति की संलिप्तता का भी संदेह है।
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साइबर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल नंबर स्वैप करने और रकम को ट्रांसफर किए जाने की पूरी प्रक्रिया की पड़ताल कर रही है।