{"_id":"69b9a2520e69f18c290e9004","slug":"fraud-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1018-153007-2026-03-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 70 हजार की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 70 हजार की ठगी
Wed, 18 Mar 2026 12:19 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 18 Mar 2026 12:19 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यमुनानगर। बिजली निगम में नौकरी दिलाने का झांसा देकर एक युवक के पिता से 70 हजार रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
झज्जर जिले के गांव मालियावास निवासी अजय कुमार ने शहर यमुनानगर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह हरियाणा रोडवेज यमुनानगर डिपो में चालक के पद पर कार्यरत है। सितंबर 2025 में उसकी मुलाकात बस स्टैंड यमुनानगर पर इंद्रजीत नामक व्यक्ति से हुई। आरोपी ने खुद को फरीदाबाद डीसी का पीए बताते हुए बिजली निगम में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। अजय कुमार ने अपने बेटे मोहित की नौकरी के लिए बात की तो आरोपी ने पानीपत बिजली निगम में नियुक्ति का झांसा दिया।
इस दौरान इंद्रजीत और उसके साथी दिनेश ने अलग-अलग किश्तों में 70 हजार रुपये ले लिए और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। जब मोहित नियुक्ति पत्र लेकर बिजली निगम पानीपत कार्यालय पहुंचा तो दस्तावेज फर्जी निकला। पीड़ित ने आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने इनकार कर दिया और धमकी देने लगे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
झज्जर जिले के गांव मालियावास निवासी अजय कुमार ने शहर यमुनानगर थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह हरियाणा रोडवेज यमुनानगर डिपो में चालक के पद पर कार्यरत है। सितंबर 2025 में उसकी मुलाकात बस स्टैंड यमुनानगर पर इंद्रजीत नामक व्यक्ति से हुई। आरोपी ने खुद को फरीदाबाद डीसी का पीए बताते हुए बिजली निगम में नौकरी लगवाने का भरोसा दिलाया। अजय कुमार ने अपने बेटे मोहित की नौकरी के लिए बात की तो आरोपी ने पानीपत बिजली निगम में नियुक्ति का झांसा दिया।
विज्ञापन
इस दौरान इंद्रजीत और उसके साथी दिनेश ने अलग-अलग किश्तों में 70 हजार रुपये ले लिए और बाद में फर्जी नियुक्ति पत्र थमा दिया। जब मोहित नियुक्ति पत्र लेकर बिजली निगम पानीपत कार्यालय पहुंचा तो दस्तावेज फर्जी निकला। पीड़ित ने आरोपियों से पैसे वापस मांगे तो उन्होंने इनकार कर दिया और धमकी देने लगे। संवाद
विज्ञापन