{"_id":"60c127178ebc3e817a33c268","slug":"fraud-from-sim-card-verification-yamuna-nagar-news-knl72660191","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिम कार्ड वेरिफिकेशन कराने के नाम पर साइबर ठगों ने की धोखाधड़ी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिम कार्ड वेरिफिकेशन कराने के नाम पर साइबर ठगों ने की धोखाधड़ी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
किसी व्यक्ति ने सिम कार्ड वेरिफिकेशन कराने के नाम पर माडल टाउन निवासी किरण चोपड़ा के खाते से एक लाख रुपये निकाल लिए। जब मोबाइल पर खाते से पैसे कटने का मैसेज आया, तो ठगी का पता लगा। पुलिस ने शिकायत पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।।
मॉडल टाउन निवासी किरण चोपड़ा ने शहर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह रिटायर्ड सरकारी डॉक्टर है। सात जून को करीब सवा 11 बजे उसके मोबाइल पर एक नंबर से मैसेज आया। जिसमें सिम वेरिफिकेशन करवाने के बारे में लिखा था। सिम कार्ड की वेरिफिकेशन कराने के लिए नंबर भी दिया गया था। उन्होंने उस नंबर पर काल किया, तो उधर से उन्हें क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड करने के लिए कहा। इस एप में दस रुपये डालने के लिए कहा। उन्होंने एप डाउनलोड कर गूगल पे से दस रुपये आरोपी द्वारा बताए खाते में डाल दिए। कुछ देर बाद फिर से आरोपी का फोन आया, उसने कहा कि रुपये नहीं आए, दोबारा से भेजो। इस तरह से आरोपी ने उनको बातों में उलझाकर पूरी डिटेल ली। कुछ ही देर में खाते से चार बार में 24 हजार 989 रुपये करके करीब एक लाख रुपये निकालने का मैसेज आया, तो उन्हें ठगी का पता लगा। जब आरोपी को फोन किया गया तो उसका नंबर बंद आया। उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन
मॉडल टाउन निवासी किरण चोपड़ा ने शहर पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह रिटायर्ड सरकारी डॉक्टर है। सात जून को करीब सवा 11 बजे उसके मोबाइल पर एक नंबर से मैसेज आया। जिसमें सिम वेरिफिकेशन करवाने के बारे में लिखा था। सिम कार्ड की वेरिफिकेशन कराने के लिए नंबर भी दिया गया था। उन्होंने उस नंबर पर काल किया, तो उधर से उन्हें क्विक सपोर्ट एप डाउनलोड करने के लिए कहा। इस एप में दस रुपये डालने के लिए कहा। उन्होंने एप डाउनलोड कर गूगल पे से दस रुपये आरोपी द्वारा बताए खाते में डाल दिए। कुछ देर बाद फिर से आरोपी का फोन आया, उसने कहा कि रुपये नहीं आए, दोबारा से भेजो। इस तरह से आरोपी ने उनको बातों में उलझाकर पूरी डिटेल ली। कुछ ही देर में खाते से चार बार में 24 हजार 989 रुपये करके करीब एक लाख रुपये निकालने का मैसेज आया, तो उन्हें ठगी का पता लगा। जब आरोपी को फोन किया गया तो उसका नंबर बंद आया। उसने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ धोखाधड़ी के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर थाना प्रभारी सुखबीर सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है।
विज्ञापन