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मकान बेचने का इकरारनामा कर महिला से बैनामे के सवा चार लाख रुपये ठगे
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यमुनानगर। मकान बेचने के नाम पर एक व्यक्ति ने महिला से सवा चार लाख रुपये लेकर हड़प लिए। आरोपी ने महिला को 12 लाख रुपये में मकान बेचने का इकरारनामा तैयार करवाकर बैनामे के रूप में सवा चार लाख रुपये लिए थे, लेकिन बाद में रजिस्ट्री नहीं करवाई। जब महिला ने इंतकाल की नकल निकलवाई तो पता चला कि आरोपी ने उस मकान को बिलासपुर के दो अन्य व्यक्तियों को बेच दिया है। महिला ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। पुलिस ने तीनों आरोपियों पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रोफेसर कॉलोनी निवासी सुरेश रानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि साल 2018 में उसे मकान खरीदना था। इस दौरान उसकी मुलाकात मारवां खुर्द निवासी डॉ. गोपाल से हुई। दिसंबर 2018 में आरोपी डॉ. गोपाल सिंह ने उसे बिलासपुर में एक मकान दिखाया। मकान उसके पसंद आ गया। 19 दिसंबर 2018 को 12 लाख रुपये में मकान बेचने का इकरारनामा हो गया। जगाधरी तहसील में इकरारनामा तैयार करवाया गया। इकरारनामा होने पर उसने आरोपी को 4 लाख 25 हजार रुपये ब्याना के तौर पर दे दिए। इसके बाद 19 नवंबर 2019 को मकान की रजिस्ट्री करवाना निश्चित किया गया, लेकिन बाद में आरोपी ने रजिस्ट्री करवाने की तारीख 19 नवंबर 2019 से बढ़ाकर 15 दिसंबर 2020 कर दी। 15 दिसंबर को बकाया रकम, दस्तावेज स्टांप लेकर वह सब रजिस्ट्रार कार्यालय बिलासपुर में पहुंच गई, लेकिन आरोपी गोपाल सिंह वहां नहीं आया। आरोपी का मोबाइल भी बंद आया। उसने शाम तक इंतजार किया, लेकिन वह रजिस्ट्री करवाने नहीं पहुंचा। दिसंबर 2020 के आखिरी सप्ताह में उसे पता चला कि आरोपी गोपाल ने उस मकान को चार दिसंबर 2019 को बिलासपुर के खेड़ा मोहल्ला निवासी अशोक कुमार व बिलासपुर की कारपेट गली निवासी तरुण कुमार को बेच दिया। 14 जनवरी 2021 को जब उसने मकान के इंतकाल की नकल मिली तो इस बात की पुष्टि हुई। जबकि आरोपी ऐसा नहीं कर सकता था। क्योंकि उसने पहले ही उससे इकरारनामा कर सवा चार लाख रुपये लिए हुए है। आरोप है कि तीनों आरोपियों ने मिलकर उसे धोखा दिया और मकान बेचने के नाम पर 4 लाख 25 हजार रुपये ले लिए। इस शिकायत पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
बिलासपुर थाना प्रभारी जोगिंद्र सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रोफेसर कॉलोनी निवासी सुरेश रानी ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि साल 2018 में उसे मकान खरीदना था। इस दौरान उसकी मुलाकात मारवां खुर्द निवासी डॉ. गोपाल से हुई। दिसंबर 2018 में आरोपी डॉ. गोपाल सिंह ने उसे बिलासपुर में एक मकान दिखाया। मकान उसके पसंद आ गया। 19 दिसंबर 2018 को 12 लाख रुपये में मकान बेचने का इकरारनामा हो गया। जगाधरी तहसील में इकरारनामा तैयार करवाया गया। इकरारनामा होने पर उसने आरोपी को 4 लाख 25 हजार रुपये ब्याना के तौर पर दे दिए। इसके बाद 19 नवंबर 2019 को मकान की रजिस्ट्री करवाना निश्चित किया गया, लेकिन बाद में आरोपी ने रजिस्ट्री करवाने की तारीख 19 नवंबर 2019 से बढ़ाकर 15 दिसंबर 2020 कर दी। 15 दिसंबर को बकाया रकम, दस्तावेज स्टांप लेकर वह सब रजिस्ट्रार कार्यालय बिलासपुर में पहुंच गई, लेकिन आरोपी गोपाल सिंह वहां नहीं आया। आरोपी का मोबाइल भी बंद आया। उसने शाम तक इंतजार किया, लेकिन वह रजिस्ट्री करवाने नहीं पहुंचा। दिसंबर 2020 के आखिरी सप्ताह में उसे पता चला कि आरोपी गोपाल ने उस मकान को चार दिसंबर 2019 को बिलासपुर के खेड़ा मोहल्ला निवासी अशोक कुमार व बिलासपुर की कारपेट गली निवासी तरुण कुमार को बेच दिया। 14 जनवरी 2021 को जब उसने मकान के इंतकाल की नकल मिली तो इस बात की पुष्टि हुई। जबकि आरोपी ऐसा नहीं कर सकता था। क्योंकि उसने पहले ही उससे इकरारनामा कर सवा चार लाख रुपये लिए हुए है। आरोप है कि तीनों आरोपियों ने मिलकर उसे धोखा दिया और मकान बेचने के नाम पर 4 लाख 25 हजार रुपये ले लिए। इस शिकायत पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।
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बिलासपुर थाना प्रभारी जोगिंद्र सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।