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Yamuna Nagar News: पांच राइस मिलरों ने दबाया 36 हजार क्विंटल चावल, थमाया नोटिस

Thu, 28 Sep 2023 01:09 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Thu, 28 Sep 2023 01:09 AM IST
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Five rice millers pressed 36 thousand quintals of rice, served notice
राजेश कुमार
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यमुनानगर। पांच राइस मिलरों ने निर्धारित समय बीत जाने के बावजूद अभी तक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग, हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन और हैफेड को सीएमआर का चावल नहीं लौटाया है। सरकार ने चावल लौटाने के लिए राइस मिलरों काे 30 सितंबर तक का समय दिया है।
इतने कम समय में करीब 36 हजार क्विंटल चावल राइस मिलर लौटाएंगे भी या नहीं इस पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं। अपने ऊपर कोई आंच न आए इसके लिए अधिकारियों ने राइस मिलरों को नोटिस जारी करके अपना रिकॉर्ड तो पूरा कर रखा है, लेकिन चावल नहीं लौटाने वाले राइस मिलरों पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की।
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पांचों राइस मिलरों पर चावल की कुल 124 गाड़ियां बकाया हैं। एक गाड़ी में 290 क्विंटल चावल आता है। राइस मिलों की ओर से जो चावल अभी तक वापस नहीं लौटाया गया उसमें सबसे ज्यादा हरियाणा वेयरहाउस कॉर्पोरेशन का है। वेयरहाउस में चावल की 79 गाड़ियां आनी बाकी हैं। यह गाड़ियां दो राइस मिलों की हैं। इनमें राधे गोपाल राइस मिल रणजीतपुर की 39 गाड़ियां बकाया हैं। इस मिल को 90 गाड़ियां डिलीवर करनी थी लेकिन 51 ही की। इसी तरह श्री गणेश एग्रो बिलासपुर को चावल की 85 में से केवल 45 गाड़ियां ही डिलीवर की। इसकी 40 गाड़ियां अभी बकाया हैं।
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इसी तरह खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने सरस्वतीनगर की शाकुंभरी इंटरनेशनल व मदन लाल राइस मिलों को धान दिया था। इनमें से शाकुंभरी इंटरनेशनल ने 94 में से 72 गाड़ियां ही डिलीवर की। अभी 22 गाड़ियां बाकी हैं। वहीं मदन लाल राइस मिल 14 में से 13 गाड़ियां डिलीवर कर चुकी हैं। इसके अलावा हैफेड को सरस्वतीनगर की श्री महादेव राइस मिल से चावल लेना है। इस मिल ने 137 गाड़ियां डिलीवर करनी थी, लेकिन 115 ही भेजी। 22 गाड़ियां इनकी भी बकाया हैं। संवाद

30 अप्रैल तक डिलीवर करना था सारा चावल
अनाज मंडियों में धान की सरकारी खरीद करने वाली एजेंसियों द्वारा राइस मिलरों को हर साल धान दिया जाता है। इसके बदले में राइस मिलर एजेंसियों सरकार द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार चावल की डिलीवरी करते हैं। जिले में पिछले साल 170 राइस मिलर थे। मंडियों में गत वर्ष धान खरीद का सीजन एक अक्तूबर से 15 नवंबर तक था। राइस मिलरों को यह सारा चावल 30 अप्रैल तक वापस करना था। सरकार ने चावल डिलीवर करने के लिए कई बार आखिरी तारीख को आगे बढ़ाया, लेकिन राइस मिलरों के कानों पर जू तक नहीं रेंगी। अब सरकार ने 30 नवंबर तक का समय चावल डिलीवर करने के लिए राइस मिलरों को दिया हुआ है।

जारी किया है नोटिस : अशोक शर्मा
जिला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग अधिकारी अशोक शर्मा ने बताया कि जिले की पांच राइस मिलों पर चावल की करीब 124 गाड़ियां बकाया हैं। जिन राइस मिलों ने समय पर चावल नहीं लौटाया उन सभी को नोटिस जारी कर रखा है। फिलहाल सरकार ने चावल डिलीवर के लिए 30 सितंबर तक का समय दिया है। जो मिलर चावल नहीं लौटाएगा उन पर सरकार के आदेशानुसार नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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