{"_id":"6668f197c21c38de7b0dab96","slug":"fire-raining-from-the-sky-mercury-crossed-45-degrees-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1023-120274-2024-06-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: आसमान से बरस रही आग, पारा 45 डिग्री के पार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: आसमान से बरस रही आग, पारा 45 डिग्री के पार
विज्ञापन
यमुनानगर। जिले में एकबार फिर चढ़ते पारे और लू ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। मंगलवार को तापमान 45 डिग्री पार हो गया। वहीं गर्म हवाओं के कारण दिन में सड़कों और बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा। स्वास्थ्य विभाग की ओर से आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। कारण कि अस्पतालों में डायरिया और लू लगने से बीमार पड़ने वालों की संख्या बढ़ने लगी है। मौसम विभाग के अनुसार, इस सप्ताह गर्मी से राहत की उम्मीद नहीं है।
बीते सप्ताह नौतपा के बाद सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने लोगों को गर्मी से कुछ राहत दी थी, लेकिन इसके बाद पिछले दो दिनों से तापमान बढ़ता जा रहा है। गर्मी एक बार फिर से लोगों को नौतपा का एहसास करवा रही है। स्थिति यह है कि मंगलवार को सुबह साढ़े नौ बजे से ही लू चलनी शुरू हो गई थी जो देर शाम तक जारी रही। गर्मी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि छतों पर टंकी का पानी मानों उबल रहा हो, उसे पीना तो दूर हाथ-मुंह धुलना भी मुश्किल हो रहा है। गर्मी से बचने के लिए लोग एसी, कूलर के साथ ही शीतल पेय पदार्थों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
चिकित्सक दे रहे आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह
गर्मी के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ना शुरू हो गया है। निजी अस्पतालों के अलावा जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। डायरिया के अलावा, आंखों में जलन और बुखार के मरीज भी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने गर्मी से बचने के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। सिविल अस्पताल के डॉक्टर सचिन का कहना है कि झुलसा देने वाली गर्मी में बाहर निकलने से परहेज करें। जरूरी होने पर घर से बाहर खाना खाने के बाद ही निकलना चाहिए। कोशिश करें कि सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक धूप से बचें एवं बाहर जाने पर धूप से बचने के लिए सिर पर गमछा, टोपी, धूप का चश्मा तथा सूती के ढीले कपडे़ पहनें। प्यास न लगने पर भी पानी पीते रहें। मौसमी फल जैसे तरबूज, ककड़ी, छाछ, लस्सी समय-समय पर लेते रहें। अगर लू के चपेट में आ जाएं तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस की सुविधा भी उपलब्ध है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बीते सप्ताह नौतपा के बाद सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ ने लोगों को गर्मी से कुछ राहत दी थी, लेकिन इसके बाद पिछले दो दिनों से तापमान बढ़ता जा रहा है। गर्मी एक बार फिर से लोगों को नौतपा का एहसास करवा रही है। स्थिति यह है कि मंगलवार को सुबह साढ़े नौ बजे से ही लू चलनी शुरू हो गई थी जो देर शाम तक जारी रही। गर्मी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि छतों पर टंकी का पानी मानों उबल रहा हो, उसे पीना तो दूर हाथ-मुंह धुलना भी मुश्किल हो रहा है। गर्मी से बचने के लिए लोग एसी, कूलर के साथ ही शीतल पेय पदार्थों का सहारा लेने को मजबूर हैं।
विज्ञापन
चिकित्सक दे रहे आवश्यक एहतियात बरतने की सलाह
गर्मी के कारण मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ना शुरू हो गया है। निजी अस्पतालों के अलावा जिला नागरिक अस्पताल में मरीजों की संख्या में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। डायरिया के अलावा, आंखों में जलन और बुखार के मरीज भी अस्पतालों में पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग ने गर्मी से बचने के लिए सावधानी बरतने की अपील की है। सिविल अस्पताल के डॉक्टर सचिन का कहना है कि झुलसा देने वाली गर्मी में बाहर निकलने से परहेज करें। जरूरी होने पर घर से बाहर खाना खाने के बाद ही निकलना चाहिए। कोशिश करें कि सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक धूप से बचें एवं बाहर जाने पर धूप से बचने के लिए सिर पर गमछा, टोपी, धूप का चश्मा तथा सूती के ढीले कपडे़ पहनें। प्यास न लगने पर भी पानी पीते रहें। मौसमी फल जैसे तरबूज, ककड़ी, छाछ, लस्सी समय-समय पर लेते रहें। अगर लू के चपेट में आ जाएं तो नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। स्वास्थ्य केंद्रों में ओआरएस की सुविधा भी उपलब्ध है।
विज्ञापन