{"_id":"671e91c17bd8025414055104","slug":"festival-of-lights-and-darkness-on-the-streets-yamuna-nagar-news-c-246-1-sknl1022-127584-2024-10-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Yamuna Nagar News: दीपों का पर्व और सड़कों पर अंधेरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Yamuna Nagar News: दीपों का पर्व और सड़कों पर अंधेरा
Mon, 28 Oct 2024 12:47 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 28 Oct 2024 12:47 AM IST
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। दिवाली उत्सव पर रंग बिरंगी लाइटों से घर जगमगा रहे हैं। वहीं काफी गलियों-सड़कों पर अंधेरा छाया रहता है। शहर में काफी जगह ऐसे हैं, जहां स्ट्रीट लाइट नहीं हैं या वह खराब हो चुकी हैं। वार्डों के निवर्तमान पार्षदों से लेकर शहर के लोग स्ट्रीट लाइट के बारे में शिकायतें कर रहे हैं।
आरोप है कि न नए लाइट लग रही हैं और न खराब लाइट ठीक हो रहे हैं। ऐसे में रोशनी के पर्व दिवाली पर गलियों-सड़कों में अंधेरा देख लोग नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। साथ ही मांग कर रहे हैं कि दिवाली तक जरूरी स्थानों पर नए लाइट लगें व खराब लाइट ठीक की जाएगी
सवा साल पहले नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र के लिए यूएलबी (अर्बन लोकल बॉडी) से 41011 एलईडी लाइट खरीदने की मंजूरी मिल गई थी। यह लाइट कहां-कहां लगेंगे, इसका सर्वे हुआ। इसमें एलईडी लाइट लगाने के 28 हजार नए और 13 हजार पुराने प्वाइंट (जहां सोडियम लाइट-बल्ब, ट्यूब लाइट व सीएफएल लगे) चिह्नित किए गए। साथ ही परियोजना की डीपीआर तैयार कराई।
विज्ञापन
इसके आगे की कार्रवाई कुछ माह लोकसभा चुनाव आने से आचार संहिता के चलते लटक गई। चुनाव संपन्न होने पर फिर से परियोजना सिरे चढ़ाने के लिए अफसरों ने कदम बढ़ाए। इसके लिए 38.46 करोड़ रुपये के फंड पर प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया पूरी कर ली, पर विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ आचार संहिता लगने से दोबारा परियोजना अधर में लटक गई।
निवर्तमान पार्षदों में रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान ने कहा कि दीपावली व अन्य बड़े त्योहारों पर चारों ओर रोशनी जरूरी है, पर शहर के वार्डों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था खराब है। क्योंकि पांच वर्षों में 22 में से 14 वार्ड एलईडी लाइट परियोजना में कवर नहीं हो पाए।
जहां पुराने लगे सोडियम लाइट-बल्ब, ट्यूब लाइट व सीएफएल भी खराब हो रहे हैं, जिन्हें ठीक होने में कई दिन व हफ्ते लग जाते हैं। आठ वार्डों (2, 6, 8, 9, 10, 15, 19 व 21) में जो एलईडी लाइट लगाए गए थे, उनमें भी कई बंद व खराब मिलते हैं। त्योहारी सीजन में जरूरी स्थानों पर नई लाइटें लगाते हुए पुरानी खराब लाइटों को ठीक कराया जाना चाहिए।
नई लाइटें लगाने व खराब लाइटें ठीक करने बारे नगर निगम की संबंधित शाखा के अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। जहां भी स्ट्रीट लाइट की समस्या है, उसे दुरुस्त कर दिया जाएगा। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
विज्ञापन
यमुनानगर। दिवाली उत्सव पर रंग बिरंगी लाइटों से घर जगमगा रहे हैं। वहीं काफी गलियों-सड़कों पर अंधेरा छाया रहता है। शहर में काफी जगह ऐसे हैं, जहां स्ट्रीट लाइट नहीं हैं या वह खराब हो चुकी हैं। वार्डों के निवर्तमान पार्षदों से लेकर शहर के लोग स्ट्रीट लाइट के बारे में शिकायतें कर रहे हैं।
आरोप है कि न नए लाइट लग रही हैं और न खराब लाइट ठीक हो रहे हैं। ऐसे में रोशनी के पर्व दिवाली पर गलियों-सड़कों में अंधेरा देख लोग नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रहे हैं। साथ ही मांग कर रहे हैं कि दिवाली तक जरूरी स्थानों पर नए लाइट लगें व खराब लाइट ठीक की जाएगी
विज्ञापन
सवा साल पहले नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी क्षेत्र के लिए यूएलबी (अर्बन लोकल बॉडी) से 41011 एलईडी लाइट खरीदने की मंजूरी मिल गई थी। यह लाइट कहां-कहां लगेंगे, इसका सर्वे हुआ। इसमें एलईडी लाइट लगाने के 28 हजार नए और 13 हजार पुराने प्वाइंट (जहां सोडियम लाइट-बल्ब, ट्यूब लाइट व सीएफएल लगे) चिह्नित किए गए। साथ ही परियोजना की डीपीआर तैयार कराई।
विज्ञापन
इसके आगे की कार्रवाई कुछ माह लोकसभा चुनाव आने से आचार संहिता के चलते लटक गई। चुनाव संपन्न होने पर फिर से परियोजना सिरे चढ़ाने के लिए अफसरों ने कदम बढ़ाए। इसके लिए 38.46 करोड़ रुपये के फंड पर प्रशासनिक मंजूरी की प्रक्रिया पूरी कर ली, पर विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ आचार संहिता लगने से दोबारा परियोजना अधर में लटक गई।
निवर्तमान पार्षदों में रामआसरा भारद्वाज, विनोद मरवाह, निर्मल चौहान ने कहा कि दीपावली व अन्य बड़े त्योहारों पर चारों ओर रोशनी जरूरी है, पर शहर के वार्डों में स्ट्रीट लाइट व्यवस्था खराब है। क्योंकि पांच वर्षों में 22 में से 14 वार्ड एलईडी लाइट परियोजना में कवर नहीं हो पाए।
जहां पुराने लगे सोडियम लाइट-बल्ब, ट्यूब लाइट व सीएफएल भी खराब हो रहे हैं, जिन्हें ठीक होने में कई दिन व हफ्ते लग जाते हैं। आठ वार्डों (2, 6, 8, 9, 10, 15, 19 व 21) में जो एलईडी लाइट लगाए गए थे, उनमें भी कई बंद व खराब मिलते हैं। त्योहारी सीजन में जरूरी स्थानों पर नई लाइटें लगाते हुए पुरानी खराब लाइटों को ठीक कराया जाना चाहिए।
नई लाइटें लगाने व खराब लाइटें ठीक करने बारे नगर निगम की संबंधित शाखा के अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। जहां भी स्ट्रीट लाइट की समस्या है, उसे दुरुस्त कर दिया जाएगा। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।