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Yamuna Nagar News: अगले साल किसानों को नहीं मिलेगी पॉपुलर की सरकारी पौध

Sun, 31 May 2026 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 31 May 2026 12:30 AM IST
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Farmers will not receive government-supplied poplar saplings next year
वन विभाग की नर्सरी में तैयार किए जा रहे पौधे। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। जिले के किसानों को अगले वर्ष वन विभाग की ओर से पॉपुलर की सरकारी पौध नहीं मिलेगी। वन विभाग ने इस बार अपनी नर्सरियों में पॉपुलर के पौधे तैयार नहीं करने का निर्णय लिया है। विभागीय स्तर पर इसके पीछे पौध उत्पादन की बढ़ती लागत को प्रमुख कारण बताया जा रहा है।
अब तक जिले की विभिन्न वन नर्सरियों में हर वर्ष बड़ी संख्या में पॉपुलर के पौधे तैयार किए जाते थे। इस बार धौलरा, मानकपुर, छछरौली, रामगढ़ सेवाई, सुंदर बहादुरपुर, डूमावाला, कोट और नैनावाली नर्सरी में तैयार किए गए करीब छह लाख पॉपुलर पौधे किसानों को उपलब्ध कराए गए थे। इसके अलावा अंबाला जिले की नर्सरियों में भी लगभग तीन लाख पौधे तैयार होते थे। दोनों जिलों को मिलाकर हर साल करीब नौ लाख पौधे किसानों तक पहुंचते थे। वन विभाग किसानों को पॉपुलर का एक पौधा 18 रुपये की दर से उपलब्ध कराता था। हालांकि विभागीय सूत्रों के अनुसार एक पौधा तैयार करने में 30 रुपये से अधिक की लागत आ रही थी। उत्पादनऔर बिक्री मूल्य के बीच बढ़ते अंतर को देखते हुए इस बार पौध तैयार न करने का फैसला लिया गया है।
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अब उन्हें निजी नर्सरियों और बाजार से पॉपुलर के पौधे खरीदने होंगे। बाजार में पॉपुलर की अच्छी कंपनी का किस्मों के पौधे की कीमत 50 रुपये तक है। इसके अलावा अन्य क्वालिटी का पौधा 30 से 40 रुपये तक मिल जाता है।
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हरित क्षेत्र पर पड़ सकता है असर : डॉ. भारद्वाज

सैंबर सोसाइटी के अध्यक्ष एवं पर्यावरण प्रेमी डॉ. केआर भारद्वाज का कहना है कि पॉपुलर की खेती को प्रोत्साहन न मिलने से आने वाले वर्षों में इसके रकबे में कमी आ सकती है। यमुनानगर और आसपास के क्षेत्रों में पॉपुलर आधारित उद्योग हैं। यदि पौधरोपण कम हुआ तो भविष्य में उद्योगों को भी इसका असर झेलना पड़ सकता है। वन विभाग के इस फैसले से सरकार के राजस्व पर असर पड़ सकता है। पॉपुलर तेजी से बढ़ने वाला वृक्ष है और हरियाली बढ़ाने में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। बड़े पैमाने पर पौधरोपण में कमी आने से जिले के हरित क्षेत्र पर भी असर पड़ सकता है।


किसानों पर पड़ेगा बोझ : संजू गुंदियाना
भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना का कहना है कि वन विभाग से पौध नहीं मिली तो बाहर से पौधा खरीदने से किसानों पर महंगाई का एक और बोझ पड़ेगा। पॉपुलर आधारित उद्योगों से जुड़े लाइसेंस और अन्य शुल्कों के माध्यम से विभाग को अच्छी आय होती है। एक पॉपुलर प्रेस का लाइसेंस जारी करने पर करीब 10 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त होता है, जबकि पत्तियों की कुट्टी बनाने वाली मशीन के लाइसेंस से लगभग तीन लाख रुपये की आय होती है।
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