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Yamuna Nagar News: खेतों में टावर लगाने पर किसानों का हंगामा, रुकवाया काम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 Dec 2023 01:32 AM IST
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Farmers' uproar over installation of towers in fields, work stopped
जिले के सुढल गांव में बिजली के टावर लगाने का विरोध करते किसानों ने हंगामा कर दिया। किसानों ने खेतों में चल रहे टावर लगाने के काम को रुकवा दिया। विरोध के बावजूद एजेंसी ने टावर लगाने के लिए जेसीबी से गड्ढे खोदने का काम जारी रखा। जिस पर किसान गड्ढे में ही कूद पड़े।
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किसानों ने कहा कि वह मर जाएंगे लेकिन उचित मुआवजा मिले बिना वह टावर नहीं लगने देंगे। किसानों ने हरियाणा सरकार व जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। किसानों के हंगामे को देखते हुए मौके पर काफी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। मौके पर बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट पहुंचे नायब तहसीलदार अभिनव शर्मा ने किसानों से बात की। उन्होंने बुधवार सुबह 11 बजे किसानों को डीसी से मिलाने का आश्वासन दिया। इसके बाद काम को रोक दिया गया। वहीं जेसीबी से जो मिट्टी खोदी गई थी किसानों ने कस्सी से उसे भी दोबारा भर दिया। ड्यूटी मजिस्ट्रेट नायब तहसीलदार अभिनव शर्मा रहे।
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बकाना से सेक्टर-18 तक एचवीपीएनएल की तरफ से बिजली की लाइन डाली जा रही है। इस लाइन के लिए किसानों के खेताें में टावर लगाए जा रहे हैं। सुढल के रकबा में कुल 14 टावर लगाए जाने हैं। किसानों का कहना है कि भिवानी में जब टावर लगाए गए थे तो वहां पर किसान को 25 लाख रुपये के हिसाब से मुआवजा दिया गया परंतु यमुनानगर में औसतन एक लाख रुपये मुआवजा दिया जा रहा है। इसलिए उन्हें भी भिवानी की तर्ज पर ही मुआवजा दिया जाए। वहां भी किसानों ने विरोध करते हुए काम रुकवा दिया था। इसलिए जब तक उन्हें 25 लाख रुपये मुआवजा नहीं मिलता तब तक यहां भी काम बंद किया जाए।
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सुढल गांव में किसान हरपाल सिंह के खेत में टावर के लिए जमीन खोदने के लिए प्रशासन जेसीबी लेकर पहुंचा। हरपाल सिंह को इसका पता चला तो वह खेतों में पहुंच गए। साथ ही वह किसान भी वहां जुटने लगे जिनके खेत में टावर लगने हैं। किसानों ने मुआवजा मिलने तक काम बंद करने की मांग की परंतु जेसीबी नहीं रूकी। इस पर हरपाल सिंह व अन्य किसान खोदे गए गड्ढे में कूद पड़े और कहने लगे कि उनके ऊपर जेसीबी चलाई जाए। वह इसी गड्ढे में अपनी जान दे देंगे। इतना ही नहीं उनके परिवार के सदस्य भी इन्हीं गड्ढों में अपनी जान दे देंगे।

सूचना मिलते ही मौके पर भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के जिला प्रधान संजू गुंदियाना, निदेशक मंदीप सिंह रोड छप्पर अन्य किसानों के साथ मौके पर पहुंच गए। उन्होंने काम को रुकवा दिया। संजू गुंदियाना ने कहा कि किसान लंबे समय से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। मौके पर डीएसपी कंवलजीत सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। किसान को केवल उसी जगह का मुआवजा दिया जा रहा है जहां टावर लगना है। जबकि टावर लगने से उनका पूरा खेत खराब हो जाता है। हरपाल सिंह के अलावा गांव में राजेश, संत कुमार, अर्जुन के खेत में भी टावर लगने हैं। वह भी इसका विरोध कर रहे हैं। मौके पर एचवीपीएनएल पंचकूला से एक्सईएन राकेश कुमार, बिजली बोर्ड से एसडीओ मंदीप सिंह भी पहुंचे।

अधिकारियों व पुलिस के गांव से जाने के बाद भाकियू जिला प्रधान संजू गुंदियाना व निदेशक मंदीप सिंह रोड छप्पर ने कस्सी लेकर गड्ढों को दोबारा मिट्टी से भरना शुरू कर दिया। किसानों ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने उनके खेतों में लगी गेहूं की फसल को भी तहस नहस कर दिया। जिससे उन्हें काफी नुकसान हुआ है।


नायब तहसीलदार अभिनव शर्मा ने बताया कि बुधवार सुबह किसानों की डीसी के साथ बातचीत करेंगे। किसान भिवानी की तर्ज पर मुआवजा मांग रहे हैं। यदि ऐसी बात है तो किसान इस बात से जुड़े कोई सबूत या दस्तावेज दिखाएं। यह सही है तो इस प्रस्ताव को सरकार को भेजेंगे।
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