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घर लौटे किसान, नाच गाकर मनाया जश्न, बांटे लड्डू
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मिल्क माजरा टोल प्लाजा पर पहुंची महिलाएं। संवाद
- फोटो : Yamuna Nagar
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मिल्क माजरा टोल प्लाजा से किसान 380 दिन बाद शनिवार को घरों के लिए रवाना हो गए। घर वापसी को लेकर टोल प्लाजा जश्न का माहौल रहा। किसानों ने जमकर डांस किया और लड्डू बांटकर खुशी मनाई। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों का किसानों ने फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया।
पुरुष किसानों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंचीं। ढोल की थाप पर किसान जमकर थिरके। बुजुर्ग किसान भी पीछे नहीं रहे। युवाओं के साथ बुजुर्गों ने भी भांगड़ा किया। देशभक्ति व पंजाबी गानों पर मिल्क प्लाजा किसी आजादी उत्सव का स्थल प्रतीत हो रहा था। एक तरफ किसानों को अपनी जीत की खुशी थी, वहीं दूसरी तरफ घर लौटने का उत्साह था।
संयुक्त मोर्चा की ओर से शनिवार घर वापसी की घोषणा की गई थी। शुक्रवार को ही किसानों ने रवानगी की तैयारियां शुरू कर दी थी। मिल्क टोल प्लाजा से शुक्रवार देर रात तक ढोल बजते रहे। शनिवार सुबह भी ढोल की थाप पर किसानों ने भांगड़ा किया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, अखिल भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष जरनैल सिंह सांगवान, भाकियू के प्रदेश संगठन सचिव हरपाल सिंह सुढ़ल सहित अन्य नेताओं ने किसानों को संबोधित किया।
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संजू गुंदियाना ने कहा कि किसान आश्वासन पर नहीं, बल्कि जीतकर घर लौट रहे हैं। यह जीत किसानों की नहीं बल्कि हर कामगार व श्रमिक की है। एक साल चले आंदोलन में किसानों के सहयोग से यह लड़ाई जीती गई है। तीनों कृषि कानून रद्द होने से किसानों में भारी जोश है। किसानों ने आंदोलन के अग्नि कुंड में अपने प्राणों की आहुति दी है। संजू ने कहा कि संयुक्त संगठन की यह जीत स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी। संगठन मृतक किसानों के परिवार के साथ हमेशा खड़ा रहेगा। इन परिवारों की हर संभव सहायता की जाएगी। इस दौरान जरनैल सिंह सांगवान, धर्मपाल चौहान, हरपाल सुढ़ल, गुरुवीर सिंह, सतपाल कौशिक, आदर्शपाल, पार्षद देवेंद्र सिंह, साहब सिंह गुर्जर, कृष्णपाल, मानसिंह, रूपिंदर कौर, रीटा चहल, हैप्पी सहित अन्य किसान नेता व संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिले में दो किसानों की गई जान
किसान आंदोलन में 750 से ज्यादा किसानों की जान जा चुकी है। इस दौरान जिले के दो किसानों की भी मौत आंदोलन के दौरान हुई है। किसान रणधीर की मौत दिल्ली में आंदोलन के दौरान हो गई थी। तबीयत बिगड़ने पर रणधीर को करनाल, कैथल के अस्पताल से पीजीआई तक ले जाया गया, लेकिन वह बच नहीं पाया। वहीं भारत बंद के दौरान किसान रमनदीप की मौत सड़क हादसे में हो गई थी। रमनदीप सड़क पर बैठे किसानों के लिए जलपान की व्यवस्था में लगा था। इस दौरान एक से दूसरे स्थान पर जाते समय ट्रक चालक ने उसे टक्कर मार दी थी।
निकालेंगे धन्यवाद रैली
भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि किसान टोल प्लाजा से घर के लिए रवाना हो गए हैं। दिल्ली के विभिन्न सीमाओं पर बैठे किसान जत्थे भी रवाना हो चुके हैं। जत्थों के यहां पर पहुंचने पर सभी का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा के सभी पदाधिकारी जिले भर में धन्यवाद रैली निकालेंगे। इस आंदोलन में किसानों के साथ श्रमिकों, कर्मचारी, कामगारों, व्यापारियों सहित आम लोगों ने भी भरपूर समर्थन दिया है। इस रैली से उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जाएगा।
टोल प्लाजा पर लगा राजनेताओं का तांता
किसानों के जश्न में राजनैतिक दलों के नेता भी शामिल हुए। यहां उन्होंने किसानों साथ नाचकर कानून रद्द होने की खुशी मनाई। कांग्रेस जिला कोआर्डिनेटर श्याम सुंदर बतरा ने सभी को जीत की बधाई दी। उन्होंने कहा कि कानून वापसी किसानों का संघर्ष और संयम का परिणाम है। सरकार को सभी विधानसभाओं, लोकसभा व राज्यसभा में सभा करके आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए। बसपा नेता जगजीत सिंह जीत ने कहा कि किसान केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए लड़ाई लड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों की जीत पूरे देश की जीत है। बसपा किसानों के साथ आंदोलन के पहले दिन से ही कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रही। भविष्य में भी किसानों के साथ रहेगी।
गाजीपुर बार्डर पर टिकैत ने किया सम्मानित
भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर अपने समर्थकों के साथ गाजीपुर बार्डर पर मौजूद रहे। उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष रतनमान सिंह, राष्ट्रीय महासचिव राकेश टिकैत सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ जीत का जश्न मनाया। इस दौरान राकेश टिकैत ने कहा देश के हर किसान का इस आंदोलन में संघर्ष और जीत में विशेष भूमिका है। हरियाणा के लोगों की जिस प्रकार इस आंदोलन को मजबूत करने और किसान संघर्ष की जीत को बनाने में जो भूमिका निभाई है, वह सदैव ऐतिहासिक रहेगी। टिकैत ने जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर को पटका पहनाकर सम्मानित किया।
दो दिन में शुरू होगा टोल
मिल्क माजरा टोल प्लाजा के प्रबंधक विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि किसान शनिवार को रवाना शुरू हो गए। देर रात तक उनका जाना लगा रहा। टोल प्लाजा की व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। रविवार तक प्लाजा पूरी तरह खाली हो जाएगा। संभव है कि सोमवार से कर वसूलना शुरू हो जाएगा। विक्रम सिंह ने कहा कि टोल टैक्स में कोई वृद्धि नहीं की गई। यह वृद्धि नए वित्त वर्ष में की जाती है। इस दौरान पांच से 15 रुपये तक की वृद्धि की गई है, जो वित्त वर्ष की शुरुआत में हुई थी। आंदोलन के कारण कर नहीं लिया जा रहा था।
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यमुनानगर। मिल्क माजरा टोल प्लाजा से किसान 380 दिन बाद शनिवार को घरों के लिए रवाना हो गए। घर वापसी को लेकर टोल प्लाजा जश्न का माहौल रहा। किसानों ने जमकर डांस किया और लड्डू बांटकर खुशी मनाई। इस दौरान संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों का किसानों ने फूल मालाएं पहनाकर स्वागत किया।
पुरुष किसानों के साथ बड़ी संख्या में महिलाएं भी पहुंचीं। ढोल की थाप पर किसान जमकर थिरके। बुजुर्ग किसान भी पीछे नहीं रहे। युवाओं के साथ बुजुर्गों ने भी भांगड़ा किया। देशभक्ति व पंजाबी गानों पर मिल्क प्लाजा किसी आजादी उत्सव का स्थल प्रतीत हो रहा था। एक तरफ किसानों को अपनी जीत की खुशी थी, वहीं दूसरी तरफ घर लौटने का उत्साह था।
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संयुक्त मोर्चा की ओर से शनिवार घर वापसी की घोषणा की गई थी। शुक्रवार को ही किसानों ने रवानगी की तैयारियां शुरू कर दी थी। मिल्क टोल प्लाजा से शुक्रवार देर रात तक ढोल बजते रहे। शनिवार सुबह भी ढोल की थाप पर किसानों ने भांगड़ा किया। इस दौरान भारतीय किसान यूनियन चढूनी गुट के जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना, अखिल भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष जरनैल सिंह सांगवान, भाकियू के प्रदेश संगठन सचिव हरपाल सिंह सुढ़ल सहित अन्य नेताओं ने किसानों को संबोधित किया।
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संजू गुंदियाना ने कहा कि किसान आश्वासन पर नहीं, बल्कि जीतकर घर लौट रहे हैं। यह जीत किसानों की नहीं बल्कि हर कामगार व श्रमिक की है। एक साल चले आंदोलन में किसानों के सहयोग से यह लड़ाई जीती गई है। तीनों कृषि कानून रद्द होने से किसानों में भारी जोश है। किसानों ने आंदोलन के अग्नि कुंड में अपने प्राणों की आहुति दी है। संजू ने कहा कि संयुक्त संगठन की यह जीत स्वर्णिम अक्षरों में लिखी जाएगी। संगठन मृतक किसानों के परिवार के साथ हमेशा खड़ा रहेगा। इन परिवारों की हर संभव सहायता की जाएगी। इस दौरान जरनैल सिंह सांगवान, धर्मपाल चौहान, हरपाल सुढ़ल, गुरुवीर सिंह, सतपाल कौशिक, आदर्शपाल, पार्षद देवेंद्र सिंह, साहब सिंह गुर्जर, कृष्णपाल, मानसिंह, रूपिंदर कौर, रीटा चहल, हैप्पी सहित अन्य किसान नेता व संगठन पदाधिकारी उपस्थित रहे।
जिले में दो किसानों की गई जान
किसान आंदोलन में 750 से ज्यादा किसानों की जान जा चुकी है। इस दौरान जिले के दो किसानों की भी मौत आंदोलन के दौरान हुई है। किसान रणधीर की मौत दिल्ली में आंदोलन के दौरान हो गई थी। तबीयत बिगड़ने पर रणधीर को करनाल, कैथल के अस्पताल से पीजीआई तक ले जाया गया, लेकिन वह बच नहीं पाया। वहीं भारत बंद के दौरान किसान रमनदीप की मौत सड़क हादसे में हो गई थी। रमनदीप सड़क पर बैठे किसानों के लिए जलपान की व्यवस्था में लगा था। इस दौरान एक से दूसरे स्थान पर जाते समय ट्रक चालक ने उसे टक्कर मार दी थी।
निकालेंगे धन्यवाद रैली
भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि किसान टोल प्लाजा से घर के लिए रवाना हो गए हैं। दिल्ली के विभिन्न सीमाओं पर बैठे किसान जत्थे भी रवाना हो चुके हैं। जत्थों के यहां पर पहुंचने पर सभी का स्वागत किया जाएगा। इसके बाद संयुक्त किसान मोर्चा के सभी पदाधिकारी जिले भर में धन्यवाद रैली निकालेंगे। इस आंदोलन में किसानों के साथ श्रमिकों, कर्मचारी, कामगारों, व्यापारियों सहित आम लोगों ने भी भरपूर समर्थन दिया है। इस रैली से उन सभी लोगों का धन्यवाद किया जाएगा।
टोल प्लाजा पर लगा राजनेताओं का तांता
किसानों के जश्न में राजनैतिक दलों के नेता भी शामिल हुए। यहां उन्होंने किसानों साथ नाचकर कानून रद्द होने की खुशी मनाई। कांग्रेस जिला कोआर्डिनेटर श्याम सुंदर बतरा ने सभी को जीत की बधाई दी। उन्होंने कहा कि कानून वापसी किसानों का संघर्ष और संयम का परिणाम है। सरकार को सभी विधानसभाओं, लोकसभा व राज्यसभा में सभा करके आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देनी चाहिए। बसपा नेता जगजीत सिंह जीत ने कहा कि किसान केवल अपने लिए नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए लड़ाई लड़ रहे थे। उन्होंने कहा कि किसानों की जीत पूरे देश की जीत है। बसपा किसानों के साथ आंदोलन के पहले दिन से ही कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी रही। भविष्य में भी किसानों के साथ रहेगी।
गाजीपुर बार्डर पर टिकैत ने किया सम्मानित
भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर अपने समर्थकों के साथ गाजीपुर बार्डर पर मौजूद रहे। उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष रतनमान सिंह, राष्ट्रीय महासचिव राकेश टिकैत सहित अन्य पदाधिकारियों के साथ जीत का जश्न मनाया। इस दौरान राकेश टिकैत ने कहा देश के हर किसान का इस आंदोलन में संघर्ष और जीत में विशेष भूमिका है। हरियाणा के लोगों की जिस प्रकार इस आंदोलन को मजबूत करने और किसान संघर्ष की जीत को बनाने में जो भूमिका निभाई है, वह सदैव ऐतिहासिक रहेगी। टिकैत ने जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर को पटका पहनाकर सम्मानित किया।
दो दिन में शुरू होगा टोल
मिल्क माजरा टोल प्लाजा के प्रबंधक विक्रम सिंह चौहान ने बताया कि किसान शनिवार को रवाना शुरू हो गए। देर रात तक उनका जाना लगा रहा। टोल प्लाजा की व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। रविवार तक प्लाजा पूरी तरह खाली हो जाएगा। संभव है कि सोमवार से कर वसूलना शुरू हो जाएगा। विक्रम सिंह ने कहा कि टोल टैक्स में कोई वृद्धि नहीं की गई। यह वृद्धि नए वित्त वर्ष में की जाती है। इस दौरान पांच से 15 रुपये तक की वृद्धि की गई है, जो वित्त वर्ष की शुरुआत में हुई थी। आंदोलन के कारण कर नहीं लिया जा रहा था।

मिल्क माजरा टोल प्लाजा पर लोगों को लड्डू बांटते किसान। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar

नाच कर आंदोलन में जीत का जश्न मनाते किसान। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar

मिल्क माजरा टोल प्लाजा पर नाचकर जीत का जश्न मनातीं महिलाएं। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar

जीत का जश्न मनाने पहुंची बच्ची लोगों को देखकर थिरकने लगी। संवाद- फोटो : Yamuna Nagar