यमुनानगर में हंगामा: भाजपा की बैठक के विरोध में किसानों ने तोड़ी बैरिकेडिंग, कई पुलिसकर्मियों और किसानों को आई चोटें
भाकियू के जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक किसान भाजपा के सभी कार्यक्रमों का विरोध करते रहेंगे। वहीं, शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने किसानों के प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि यह किसानों का नहीं बल्कि कुछ लोगों का विरोध है, जो अशांति फैलाना चाहते हैं।
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हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी के किसी भी कार्यक्रम को लेकर किसानों का विरोध जारी है। शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में किसानों ने पार्टी की जिला कार्यकारिणी बैठकों का विरोध किया और जाम भी लगाया। यमुनानगर में बैठक के मद्देनजर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद किसानों ने ट्रैक्टर चढ़ाकर पुलिस की बैरिकेडिंग ध्वस्त कर दी। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच झड़प भी हुई। वहीं जींद, हिसार, कुरुक्षेत्र और चरखी दादरी में भी भाजपा नेताओं को किसानों के विरोध का सामना करना पड़ा।
यमुनानगर के रामलीलाभवन में बैठक के मद्देनजर पूर्व केंद्रीय मंत्री रतनलाल कटारिया, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा और शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर पहुंचे थे। संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों ने पहले ही विरोध का एलान कर रखा था। 11:00 बजे से निर्धारित बैठक के लिए सुबह 9:00 बजे किसान एकत्रित होने लगे थे। एसपी कमलदीप गोयल ने शनिवार सुबह से ही रामलीला भवन क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी थी। मौके पर बैरिकेडिंग के साथ कंटीले तार भी लगा रखे थे।
बैठक शुरू होते ही किसानों ने सड़क पर हंगामा शुरू कर दिया। गुस्साए किसानों ने ट्रैक्टर से टक्कर मारकर कंटीले तार और अवरोधक तोड़ दिए। बड़ी संख्या में किसान अवरोधकों पर चढ़कर दूसरी ओर जाने लगे। इस दौरान धक्का-मुक्की और झड़प में 8-10 किसान और 4-5 पुलिसकर्मी चोटिल हो गए। पुलिस बल ने भाकियू जिला प्रधान सुभाष गुर्जर सहित 26 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया और बमुश्किल स्थिति को काबू किया।
उन्हें जगाधरी सिटी थाने में अवरुद्ध किया कर दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पाने के बाद आक्रोशित किसान मटका चौक पर ही धरने पर बैठ गए। तीन घंटे तक किसान और पुलिसकर्मी आमने-सामने रहे। दोपहर 2:00 बजे तक चली भाजपा की बैठक के बाद हिरासत में लिए किसानों को भी रिहा कर दिया।
विरोध जारी रहेगा: भाकियू
वहीं भाकियू जिलाध्यक्ष सुभाष गुर्जर ने कहा कि भाजपा नेता पुलिस को आगे कर टकराव की स्थिति बना रहे हैं। जब तक कृषि कानूनों को वापस नहीं लिया जाता, तब तक भाजपा के कार्यक्रमों का विरोध जारी रहेगा।
प्रदर्शन राजनीति से प्रेरित: कंवरपाल
वहीं, शिक्षामंत्री कंवरपाल गुर्जर ने किसानों के प्रदर्शन को राजनीति से प्रेरित बताया और कहा कि यह किसानों का नहीं बल्कि कुछ लोगों का विरोध है, जो अशांति फैलाना चाहते हैं।
किसानों ने कार्यक्रम स्थल के बाहर धरना प्रदर्शन किया। धक्का-मुक्की में कई पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। कार्यक्रम स्थल तक किसी भी किसान को नहीं पहुंचने दिया गया। मामले में कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - कमलदीप गोयल, एसपी यमुनानगर।
हिसार: धनखड़ को दिखाए काले झंडे
भाजपा की बैठक का विरोध करने पहुंचे किसान 8 घंटे जीजेयू के तीनों गेट पर झंडे लेकर डटे रहे। दोपहर डेढ़ बजे प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ओपी धनखड़ का काफिला गेट नंबर एक से विश्वविद्यालय परिसर में जाने लगा तो किसानों ने काले झंडे दिखाकर विरोध जताया। किसानों ने हिसार-बरवाला रोड पर जाम भी लगाया।
किसानों का आरोप है कि मीटिंग खत्म होने के बाद शाम करीब 6:00 बजे भाजपा के काफिले में शामिल हांसी विधायक की गाड़ी में सवार व्यक्ति ने प्रदर्शनकारी महिलाओं की ओर अश्लील इशारा किया, इसके विरोध में ही उन्होंने जाम लगाया। देर शाम किसानों ने रामायण टोल प्लाजा पर जाम लगा दिया।
जींद में मंत्री ढांडा और सांसद दुग्गल का विरोध
कैथल रोड स्थित पार्टी जिला कार्यालय में जिला कार्यकारिणी की बैठक में पहुंचीं राज्यमंत्री कमलेश ढांडा, सिरसा सांसद सुनीता दुग्गल और रमेश कौशिक का आंदोलनकारियों ने विरोध किया। कार्यकारिणी की बैठक पुलिस के पहरे में दो घंटे तक चली। किसानों ने सड़क जाम लगाकर कार्यालय के बाहर काले झंडे दिखाकर विरोध प्रदर्शन किया और कार्यालय के बाहर लगे सीएम, प्रदेशाध्यक्ष व जिला प्रधान के बैनर को भी आंदोलनकारियों ने पुलिस पहरे को तोड़कर फाड़ डाला।
चरखी दादरी: किसानों-पुलिस में नोकझोंक
चरखी दादरी में दो जगह भाजपा नेताओं का विरोध करने के लिए किसान काले झंडे लेकर पहुंचे। रानीला गांव में तो पुलिस ने आयोजन स्थल से 300 मीटर दूर किसानों को रोक दिया। दादरी रेस्ट हाउस में सहकारिता मंत्री का डेढ़ घंटे तक इंतजार करने के बाद किसान लौट गए। इससे पहले दोनों जगहों पर पुलिस के रोकने पर किसानों की नोकझोंक भी हुई।
कुरुक्षेत्र: जुटे किसान, डेढ़ घंटे बाद लौटे
कुरुक्षेत्र के निजी होटल में भाजपा जिला कार्यकारिणी की बैठक में पहुंचे पूर्व प्रदेशाध्यक्ष सुभाष बराला, सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा अन्य पहुंचे थे। पुलिस ने बैठक स्थल जाने वाले सभी रास्तों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी। 11:00 बजे किसान एक गाड़ी में पहुंचे और लाउडस्पीकर से चेतावनी देते हुए बैठक रद्द करने को कहा। मौके पर तैनात डीएसपी नरेंद्र ने किसानों को रोककर समझाया और वापस भेजा। उधर बैरिकेडिंग के बाहर भी कुछ किसान एकत्रित हो गए और डेढ़ घंटा किसान डटे रहे।