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Yamuna Nagar News: गन्ने की मिठास से किसानों का मोहभंग, एक साल में घटा 15 फीसदी रकबा
Mon, 25 Nov 2024 06:49 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 25 Nov 2024 06:49 AM IST
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दीपेंद्र कुमार
यमुनानगर। गन्ने की मिठास से हरियाणा के किसानों का मोहभंग हो रहा है। यही कारण है कि किसानों ने गन्ने की खेती को तवज्जो देनी कम कर दी है। हाल ही में हुए एक सर्वे में यह सच्चाई सामने आई है। पिछले एक साल में हरियाणा में गन्ने का रकबा करीब 15 फीसदी तक कम हो गया है। जिससे मिलों के सामने भी गन्ने की आपूर्ति का संकट पैदा हो सकता है।
जानकारी के अनुसार हरियाणा में 14 शुगर मिल हैं। इनमें पानीपत, रोहतक, करनाल, सोनीपत, शाहबाद, जींद, पलवल, महम, कैथल, गोहाना और असंध में स्थित सहकारी और नारायणगढ़, भादशोन और यमुनानगर में निजी शुगर मिल हैं। चीनी मिलों का पेराई सत्र शुरू हो चुका है। पेराई सत्र शुरू होने से पहले सभी चीनी मिलों की ओर से गन्ने के रकबे का सर्वे किया गया था। जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। चालू पेराई सत्र में गन्ने की आपूर्ति में कमी का सामना करना पड़ सकता है। जिसका मुख्य कारण गन्ने के रकबे में कमी आना है। 2023-24 में 359803 एकड़ से घटकर 2024-25 में 304309 एकड़ रह गया है। यानि एक साल में 15 फीसदी तक रकबा घट गया है।
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पैदावार में कमी के कारण कम हुआ रकबा
गन्ने का रकबा कम होने के कई कारण माने जा रहे हैं। जिनमें मौसमी परिस्थितियों के कारण पैदावार में भारी कमी, गन्ने की खेती में कटाई सहित विभिन्न आवश्यकताओं के लिए आवश्यक श्रमिकों की अनुपलब्धता को प्रमुख माना जा रहा है। सरस्वती शुगर मिल, यमुनानगर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (गन्ना) डीपी सिंह ने बताया कि पंजाब और हरियाणा के किसान गन्ने की खेती के लिए पूरी तरह से प्रवासी श्रमिकों पर निर्भर हैं। मजदूर न आने के कारण गन्ने की खेती पर असर पड़ा है। इसके साथ ही गेंहू, धान और अन्य फसलों में किसानों अच्छी पैदावार मिल रही है।
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गन्ने का रकबा हुआ कम
सरस्वती शुगर मिल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (गन्ना) डीपी सिंह का कहना है सर्वे में पिछले एक साल में हरियाणा में गन्ने का रकबा कम हुआ है। जिस कारण चीनी मिलों में गन्ने की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही अगले साल की बुवाई पर भी असर पड़ सकता है।
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फैक्ट फाइल
मिल का नाम 2023-24 में रकबा 2024-25 में रकबा
पानीपत 26118 28918
रोहतक 31661 22058
करनाल 23522 22407
सोनीपत 13710 13032
शाहबाद 31572 22360
जींद 11312 10469
पलवल 17180 15519
महम 19075 15376
कैथल 12106 7607
गोहाना 14934 8874
नारायणगढ़ 28000 26414
भादसों 25800 17800
एसएसएम 96000 85600
असंध 8813 7975
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यमुनानगर। गन्ने की मिठास से हरियाणा के किसानों का मोहभंग हो रहा है। यही कारण है कि किसानों ने गन्ने की खेती को तवज्जो देनी कम कर दी है। हाल ही में हुए एक सर्वे में यह सच्चाई सामने आई है। पिछले एक साल में हरियाणा में गन्ने का रकबा करीब 15 फीसदी तक कम हो गया है। जिससे मिलों के सामने भी गन्ने की आपूर्ति का संकट पैदा हो सकता है।
जानकारी के अनुसार हरियाणा में 14 शुगर मिल हैं। इनमें पानीपत, रोहतक, करनाल, सोनीपत, शाहबाद, जींद, पलवल, महम, कैथल, गोहाना और असंध में स्थित सहकारी और नारायणगढ़, भादशोन और यमुनानगर में निजी शुगर मिल हैं। चीनी मिलों का पेराई सत्र शुरू हो चुका है। पेराई सत्र शुरू होने से पहले सभी चीनी मिलों की ओर से गन्ने के रकबे का सर्वे किया गया था। जिसमें कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। चालू पेराई सत्र में गन्ने की आपूर्ति में कमी का सामना करना पड़ सकता है। जिसका मुख्य कारण गन्ने के रकबे में कमी आना है। 2023-24 में 359803 एकड़ से घटकर 2024-25 में 304309 एकड़ रह गया है। यानि एक साल में 15 फीसदी तक रकबा घट गया है।
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पैदावार में कमी के कारण कम हुआ रकबा
गन्ने का रकबा कम होने के कई कारण माने जा रहे हैं। जिनमें मौसमी परिस्थितियों के कारण पैदावार में भारी कमी, गन्ने की खेती में कटाई सहित विभिन्न आवश्यकताओं के लिए आवश्यक श्रमिकों की अनुपलब्धता को प्रमुख माना जा रहा है। सरस्वती शुगर मिल, यमुनानगर के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (गन्ना) डीपी सिंह ने बताया कि पंजाब और हरियाणा के किसान गन्ने की खेती के लिए पूरी तरह से प्रवासी श्रमिकों पर निर्भर हैं। मजदूर न आने के कारण गन्ने की खेती पर असर पड़ा है। इसके साथ ही गेंहू, धान और अन्य फसलों में किसानों अच्छी पैदावार मिल रही है।
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गन्ने का रकबा हुआ कम
सरस्वती शुगर मिल के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (गन्ना) डीपी सिंह का कहना है सर्वे में पिछले एक साल में हरियाणा में गन्ने का रकबा कम हुआ है। जिस कारण चीनी मिलों में गन्ने की आपूर्ति प्रभावित हो सकती है। इसके साथ ही अगले साल की बुवाई पर भी असर पड़ सकता है।
फैक्ट फाइल
मिल का नाम 2023-24 में रकबा 2024-25 में रकबा
पानीपत 26118 28918
रोहतक 31661 22058
करनाल 23522 22407
सोनीपत 13710 13032
शाहबाद 31572 22360
जींद 11312 10469
पलवल 17180 15519
महम 19075 15376
कैथल 12106 7607
गोहाना 14934 8874
नारायणगढ़ 28000 26414
भादसों 25800 17800
एसएसएम 96000 85600
असंध 8813 7975