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Yamuna Nagar News: टूटी सड़क से नाराज किसानों ने दिया धरना
Wed, 19 Aug 2026 01:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 19 Aug 2026 01:18 AM IST
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पीडब्ल्यूडी एक्सईएन के खिलाफ नारेबाजी करते किसान। भाकियू
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। रादौर के गांव चमरोड़ी से हिरण छप्पर तक जर्जर सड़क की मरम्मत के लिए मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के बैनर तले किसानों ने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन पुनीत मित्तल के कार्यालय के गेट पर धरना दिया। किसानों ने एक्सईएन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की।
भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि शामली से अंबाला तक हाईवे निर्माण के दौरान सड़क पर दिन-रात भारी डंपरों की आवाजाही हुई। हाईवे में इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री और मिट्टी इसी मार्ग से ले जाई गई। भारी वाहनों की वजह से सड़क पूरी तरह टूटकर जर्जर हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि ग्रामीण जब नेशनल हाईवे के अधिकारियों के पास जाते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि सड़क पीडब्ल्यूडी की है। वहीं पीडब्ल्यूडी अधिकारी मरम्मत की जिम्मेदारी एनएच अधिकारियों की बताते हैं।
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किसानों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी के जेई ने उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। भाकियू निदेशक मंदीप सिंह रोडछप्पर ने कहा कि इससे परेशान होकर किसानों को कार्यालय के गेट पर धरना देना पड़ा।
एक्सईएन पुनीत मित्तल कार्यालय से बाहर आए और किसानों को बातचीत के लिए अंदर ले गए। उन्होंने किसानों को दो माह में सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया।
कंपनी के खिलाफ दर्ज हो चुकी प्राथमिकी
सड़क की मरम्मत में लापरवाही के आरोप में रादौर थाना पुलिस ने नौ अगस्त को एपीसीओ इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ की शिकायत के अनुसार विभाग ने कंपनी को सड़क पर पैचवर्क कराने के निर्देश दिए थे। विभाग ने कंपनी को मरम्मत के लिए 15 दिन का समय दिया था। निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं होने पर एसडीओ ने पुलिस में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कराई थी।
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यमुनानगर। रादौर के गांव चमरोड़ी से हिरण छप्पर तक जर्जर सड़क की मरम्मत के लिए मंगलवार को भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी के बैनर तले किसानों ने पीडब्ल्यूडी एक्सईएन पुनीत मित्तल के कार्यालय के गेट पर धरना दिया। किसानों ने एक्सईएन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सड़क की जल्द मरम्मत कराने की मांग की।
भाकियू जिलाध्यक्ष संजू गुंदियाना ने कहा कि शामली से अंबाला तक हाईवे निर्माण के दौरान सड़क पर दिन-रात भारी डंपरों की आवाजाही हुई। हाईवे में इस्तेमाल होने वाली निर्माण सामग्री और मिट्टी इसी मार्ग से ले जाई गई। भारी वाहनों की वजह से सड़क पूरी तरह टूटकर जर्जर हो चुकी है।
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उन्होंने कहा कि ग्रामीण जब नेशनल हाईवे के अधिकारियों के पास जाते हैं तो उन्हें बताया जाता है कि सड़क पीडब्ल्यूडी की है। वहीं पीडब्ल्यूडी अधिकारी मरम्मत की जिम्मेदारी एनएच अधिकारियों की बताते हैं।
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किसानों का आरोप है कि पीडब्ल्यूडी के जेई ने उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया। भाकियू निदेशक मंदीप सिंह रोडछप्पर ने कहा कि इससे परेशान होकर किसानों को कार्यालय के गेट पर धरना देना पड़ा।
एक्सईएन पुनीत मित्तल कार्यालय से बाहर आए और किसानों को बातचीत के लिए अंदर ले गए। उन्होंने किसानों को दो माह में सड़क निर्माण कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद किसानों ने धरना समाप्त किया।
कंपनी के खिलाफ दर्ज हो चुकी प्राथमिकी
सड़क की मरम्मत में लापरवाही के आरोप में रादौर थाना पुलिस ने नौ अगस्त को एपीसीओ इंफ्राटेक प्राइवेट लिमिटेड और उसके अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी। पीडब्ल्यूडी के एसडीओ की शिकायत के अनुसार विभाग ने कंपनी को सड़क पर पैचवर्क कराने के निर्देश दिए थे। विभाग ने कंपनी को मरम्मत के लिए 15 दिन का समय दिया था। निर्धारित अवधि में काम पूरा नहीं होने पर एसडीओ ने पुलिस में शिकायत देकर एफआईआर दर्ज कराई थी।