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Yamuna Nagar News: तलाश करते रहे परिजन, जेल में बंद था राहुल, मौत की खबर सुन टूटा परिवार
Sat, 11 Jul 2026 12:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 11 Jul 2026 12:45 AM IST
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राहुल। फाइल फोटो
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिला जेल में न्यायिक हिरासत में बंद 26 वर्षीय राहुल सैनी की शुक्रवार सुबह सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और मोर्चरी के बाहर हंगामा करते हुए पुलिस व जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
परिजनों का कहना है कि उन्हें यह तक जानकारी नहीं थी कि राहुल को गिरफ्तार कर जिला जेल भेजा गया है। गांव ईशरपुर निवासी राहुल सैनी काला कबाड़ी के पास चालक का काम करता था।
उसके मामा रिंपी सैनी ने बताया कि राहुल सात जुलाई को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। शुक्रवार सुबह पुलिस की ओर से राहुल की मौत की सूचना दी गई। इसके बाद उन्हें पता चला कि 19 जून को जिला जेल के पास एक ढाबे पर हुए झगड़े के मामले में दर्ज एफआईआर में राहुल को सात जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
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परिवार का कहना है कि राहुल को सुबह करीब 7:20 बजे सिविल अस्पताल लाया गया और कुछ ही मिनट बाद 7:24 बजे मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इससे पूरे घटनाक्रम पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल की मौत जेल में हुई है और वास्तविक कारण छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं जेल अधीक्षक सतेंद्र कुमार ने बताया कि राहुल ने वीरवार को पेट दर्द की शिकायत की थी, जिस पर जेल चिकित्सक ने जांच कर दवा दी थी। शुक्रवार सुबह दोबारा तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सक की सलाह पर उसे तुरंत सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि जेल में दाखिल करते समय राहुल द्वारा दिया गया परिजनों का मोबाइल नंबर लगातार बंद मिला, इसलिए परिवार से संपर्क नहीं हो सका। प्राथमिक जानकारी के अनुसार राहुल पहले से पीलिया से पीड़ित था। हालांकि मौत के वास्तविक कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
मौत की खबर से चला जेल में बंद होने का पता
मृतक के मामा रिंपी सैनी ने बताया कि राहुल सात जुलाई को घर से निकला था। इसके बाद घर नहीं लौटा। परिजन दो दिन तक रिश्तेदारों व अन्य स्थानों पर उसकी तलाश करते रहे। शुक्रवार सुबह पुलिस ने उसकी मौत की सूचना दी। तब परिवार को पहली बार पता चला कि राहुल को गिरफ्तार कर जिला जेल भेजा गया था।
जेल में बंद होने की नहीं दी गई परिवार को सूचना
राहुल सैनी के परिजनों ने आरोप लगाया कि वह तीन दिन तक जिला जेल में बंद रहा, लेकिन पुलिस और जेल प्रशासन ने परिवार को उसकी गिरफ्तारी या न्यायिक हिरासत की कोई जानकारी नहीं दी। उनका कहना है कि वे लगातार राहुल की तलाश करते रहे, जबकि वह जेल में था। परिजनों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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यमुनानगर। जिला जेल में न्यायिक हिरासत में बंद 26 वर्षीय राहुल सैनी की शुक्रवार सुबह सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे और मोर्चरी के बाहर हंगामा करते हुए पुलिस व जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए।
परिजनों का कहना है कि उन्हें यह तक जानकारी नहीं थी कि राहुल को गिरफ्तार कर जिला जेल भेजा गया है। गांव ईशरपुर निवासी राहुल सैनी काला कबाड़ी के पास चालक का काम करता था।
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उसके मामा रिंपी सैनी ने बताया कि राहुल सात जुलाई को घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। शुक्रवार सुबह पुलिस की ओर से राहुल की मौत की सूचना दी गई। इसके बाद उन्हें पता चला कि 19 जून को जिला जेल के पास एक ढाबे पर हुए झगड़े के मामले में दर्ज एफआईआर में राहुल को सात जुलाई को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
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परिवार का कहना है कि राहुल को सुबह करीब 7:20 बजे सिविल अस्पताल लाया गया और कुछ ही मिनट बाद 7:24 बजे मृत्यु प्रमाण पत्र जारी कर दिया गया। इससे पूरे घटनाक्रम पर संदेह पैदा होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल की मौत जेल में हुई है और वास्तविक कारण छिपाने का प्रयास किया जा रहा है। परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
वहीं जेल अधीक्षक सतेंद्र कुमार ने बताया कि राहुल ने वीरवार को पेट दर्द की शिकायत की थी, जिस पर जेल चिकित्सक ने जांच कर दवा दी थी। शुक्रवार सुबह दोबारा तबीयत बिगड़ने पर चिकित्सक की सलाह पर उसे तुरंत सिविल अस्पताल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि जेल में दाखिल करते समय राहुल द्वारा दिया गया परिजनों का मोबाइल नंबर लगातार बंद मिला, इसलिए परिवार से संपर्क नहीं हो सका। प्राथमिक जानकारी के अनुसार राहुल पहले से पीलिया से पीड़ित था। हालांकि मौत के वास्तविक कारण का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा।
मौत की खबर से चला जेल में बंद होने का पता
मृतक के मामा रिंपी सैनी ने बताया कि राहुल सात जुलाई को घर से निकला था। इसके बाद घर नहीं लौटा। परिजन दो दिन तक रिश्तेदारों व अन्य स्थानों पर उसकी तलाश करते रहे। शुक्रवार सुबह पुलिस ने उसकी मौत की सूचना दी। तब परिवार को पहली बार पता चला कि राहुल को गिरफ्तार कर जिला जेल भेजा गया था।
जेल में बंद होने की नहीं दी गई परिवार को सूचना
राहुल सैनी के परिजनों ने आरोप लगाया कि वह तीन दिन तक जिला जेल में बंद रहा, लेकिन पुलिस और जेल प्रशासन ने परिवार को उसकी गिरफ्तारी या न्यायिक हिरासत की कोई जानकारी नहीं दी। उनका कहना है कि वे लगातार राहुल की तलाश करते रहे, जबकि वह जेल में था। परिजनों ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।

राहुल। फाइल फोटो