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Yamuna Nagar News: नेत्र जांच की मशीन खराब, मरीज परेशान
Tue, 19 Nov 2024 02:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 19 Nov 2024 02:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले शहर के उपनागरिक अस्पताल की व्यवस्थाएं लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि यहां से मरीजों को जिला अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। हालांकि जगाधरी अस्पताल प्रसव संबंधी सेवाएं देने में सबसे आगे है, लेकिन ओपीडी व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में पीछे है।
अस्पताल में सोमवार को काफी भीड़ देखने को मिली।तु इस दौरान कई मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया। इससे मरीजों के साथ तीमारदारों को काफी परेशान होना पड़ा। इस दौरान सबसे ज्यादा आंखों के मरीजों को रेफर किया गया। चूंकि अस्पताल की आंख जांच मशीन खराब हो गई है।
ऐसे में आंख संबंधी शिकायत लेकर आने वाले मरीजों को जांच के लिए सिविल अस्पताल रेफर किया जा रहा है। इलाज जगाधरी अस्पताल में किया जा रहा है। यह व्यवस्था लोगों को काफी परेशान कर रही है। जगाधरी अस्पताल में पहुंच रहे आंख के मरीजों को जांच के लिए यमुनानगर भेजा जा रहा है। यहां जांच के बाद मरीज रिपोर्ट लेकर जगाधरी अस्पताल पहुंचते हैं, तो वहां उन्हें संबंधी बीमारी की दवा व सलाह दी जाती है।
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सोमवार को यमुनानगर से एक व्यक्ति जगाधरी अस्पताल पहुंचा। यहां नेत्र चिकित्सक ने उसे वापस यमुनानगर अस्पताल में जाने को कहा। इस पर व्यक्ति चिकित्सा अधीक्षक के पास पहुंचा और समस्या बताई। एमएस ने जब इसके बारे जानकारी ली तो पता चला कि मशीन खराब होने के कारण जांच के लिए भेजा जा रहा है।
उपनागरिक अस्पताल से जिला अस्पताल की दूरी करीब चार किलोमीटर है। मरीजों को जांच के लिए चार किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। वहीं, रिपोर्ट लेकर वापस जगाधरी सिविल अस्पताल इलाज के जाना पड़ता है। यदि जिला अस्पताल में भीड़ के कारण समय लग जाए तो चिकित्सक दो बजे के बाद उठ जाते हैं। ऐसे में मरीज को दवा नहीं मिलती है।
इसके बाद अगले दिन मरीज को फिर से पर्ची पर नया नंबर लगाने के लिए काउंटर की लाइन में लगना पड़ता है। बता दें कि उपनागरिक अस्पताल में एक ही नेत्र चिकित्सक है। जिस कारण मरीजों को यहां ज्यादा समय लगता है। वहीं अब रेटिनोस्कॉपी मशीन खराब होने से मरीजों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है, चूंकि इलाज के लिए उन्हें धक्के खाने पड़ रहे हैं।
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वर्जन
आंख जांच की मशीन खराब हो गई थी। मशीन ठीक कराया जा रहा है। मरीजों को केवल जांच के लिए भेजा जा रहा है। इलाज यहीं पर दिया जा रहा है। जल्द ही मशीन ठीक हो जाएगी, जिसके बाद लोगों को यही सुविधा मिलेगी। - डॉ. अनुज मंगला, चिकित्सा अधीक्षक, जगाधरी।
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जगाधरी। स्वास्थ्य सेवाएं देने वाले शहर के उपनागरिक अस्पताल की व्यवस्थाएं लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालात ऐसे हैं कि यहां से मरीजों को जिला अस्पताल में रेफर किया जा रहा है। हालांकि जगाधरी अस्पताल प्रसव संबंधी सेवाएं देने में सबसे आगे है, लेकिन ओपीडी व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में पीछे है।
अस्पताल में सोमवार को काफी भीड़ देखने को मिली।तु इस दौरान कई मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल रेफर कर दिया गया। इससे मरीजों के साथ तीमारदारों को काफी परेशान होना पड़ा। इस दौरान सबसे ज्यादा आंखों के मरीजों को रेफर किया गया। चूंकि अस्पताल की आंख जांच मशीन खराब हो गई है।
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ऐसे में आंख संबंधी शिकायत लेकर आने वाले मरीजों को जांच के लिए सिविल अस्पताल रेफर किया जा रहा है। इलाज जगाधरी अस्पताल में किया जा रहा है। यह व्यवस्था लोगों को काफी परेशान कर रही है। जगाधरी अस्पताल में पहुंच रहे आंख के मरीजों को जांच के लिए यमुनानगर भेजा जा रहा है। यहां जांच के बाद मरीज रिपोर्ट लेकर जगाधरी अस्पताल पहुंचते हैं, तो वहां उन्हें संबंधी बीमारी की दवा व सलाह दी जाती है।
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सोमवार को यमुनानगर से एक व्यक्ति जगाधरी अस्पताल पहुंचा। यहां नेत्र चिकित्सक ने उसे वापस यमुनानगर अस्पताल में जाने को कहा। इस पर व्यक्ति चिकित्सा अधीक्षक के पास पहुंचा और समस्या बताई। एमएस ने जब इसके बारे जानकारी ली तो पता चला कि मशीन खराब होने के कारण जांच के लिए भेजा जा रहा है।
उपनागरिक अस्पताल से जिला अस्पताल की दूरी करीब चार किलोमीटर है। मरीजों को जांच के लिए चार किलोमीटर दूर जाना पड़ रहा है। वहीं, रिपोर्ट लेकर वापस जगाधरी सिविल अस्पताल इलाज के जाना पड़ता है। यदि जिला अस्पताल में भीड़ के कारण समय लग जाए तो चिकित्सक दो बजे के बाद उठ जाते हैं। ऐसे में मरीज को दवा नहीं मिलती है।
इसके बाद अगले दिन मरीज को फिर से पर्ची पर नया नंबर लगाने के लिए काउंटर की लाइन में लगना पड़ता है। बता दें कि उपनागरिक अस्पताल में एक ही नेत्र चिकित्सक है। जिस कारण मरीजों को यहां ज्यादा समय लगता है। वहीं अब रेटिनोस्कॉपी मशीन खराब होने से मरीजों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है, चूंकि इलाज के लिए उन्हें धक्के खाने पड़ रहे हैं।
वर्जन
आंख जांच की मशीन खराब हो गई थी। मशीन ठीक कराया जा रहा है। मरीजों को केवल जांच के लिए भेजा जा रहा है। इलाज यहीं पर दिया जा रहा है। जल्द ही मशीन ठीक हो जाएगी, जिसके बाद लोगों को यही सुविधा मिलेगी। - डॉ. अनुज मंगला, चिकित्सा अधीक्षक, जगाधरी।