फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Expressed strong displeasure over pollution in Yamuna, encroachment on ponds and condition of roads

Yamuna Nagar News: यमुना में प्रदूषण, तालाबों पर कब्जे और सड़कों की हालत पर जताई कड़ी नाराजगी

Thu, 09 Apr 2026 03:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Thu, 09 Apr 2026 03:07 AM IST
विज्ञापन
Expressed strong displeasure over pollution in Yamuna, encroachment on ponds and condition of roads
अ​धिकारियों के साथ बैठक करते कुरूक्षेत्र सांसद नवीन जिंदल। डीआईपीआरओ
यमुनानगर। जिला सचिवालय में बुधवार को आयोजित डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट कोऑर्डिनेशन एवं मॉनिटरिंग कमेटी (दिशा) की बैठक में प्रदूषण, तालाबों के नवीनीकरण और कब्जों का मुद्दा और सड़कों की हालत पर सांसदों ने नाराजगी जताई। बैठक में दिशा के अध्यक्ष कुरुक्षेत्र सांसद नवीन जिंदल और उपाध्यक्ष अंबाला सांसद वरुण चौधरी ने विकास कार्यों की समीक्षा के दौरान कई विभागों की लापरवाही उजागर की और अधिकारियों से सवाल जवाब किए। उन्होंने अधिकारियों की आधी-अधूरी तैयारी और गलत आंकड़ों पर सवाल उठाए।
विज्ञापन

पंचायती राज विभाग के एक्सईएन लव कुमार की रिपोर्ट के अनुसार जिले में तालाबों के सुधार से जुड़े 127 कार्यों में से 20 कार्य अब तक शुरू ही नहीं हो पाए हैं। इस पर सांसद वरुण चौधरी ने कहा कि तालाबों पर अवैध कब्जे भी एक बड़ी समस्या हैं, जिन्हें हटाने के लिए ठोस कार्रवाई जरूरी है। अंबाला से सांसद वरुण चौधरी ने बीसीजी टीकाकरण के आंकड़ों में बड़ी गड़बड़ी पकड़ी। रिपोर्ट में दर्शाया गया कि जितने बच्चों का जन्म ही नहीं हुआ, उनसे अधिक बच्चों को बीसीजी के टीके लगा दिए गए। आंकड़ों के अनुसार 1332 ऐसे बच्चों को टीके लगाए गए, जिनका जन्म ही नहीं हुआ। इस पर सांसद ने सवाल पूछा तो स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके यहीं नहीं, टीबी की जांच और उससे संबंधित रिपोर्टों में भी आंकड़ों की सत्यता पर सांसदों ने कहा कि यदि रिपोर्ट ही गलत होंगी तो योजनाओं का सही क्रियान्वयन कैसे संभव होगा। बैठक के दौरान डीसी प्रीति को कई बार हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही आकड़ों का सत्यापन करने के निर्देश दिए। इस मौके पर एसीयूटी सुमन यादव, एडीसी नवीन आहूजा, जगाधरी के एसडीएम विश्वनाथ, व्यासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल, रादौर के एसडीएम नरेंद्र कुमार, छछरौली के एसडीएम रोहित कुमार, डिप्टी सीईओ जिला परिषद जसविंद्र सिंह समेत अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन

सांसद ने पूछा, क्या गारंटी है बाढ़ नहीं आएगी
सांसदों ने यमुना नदी में आने वाली बाढ़ को भी गंभीरता से लिया। वरुण मुलाना ने कहा कि इस बात की कोई गारंटी है कि इस बार बाढ़ नहीं आएगी। समय पर बाढ़ बचाव के कार्य नहीं होते। बाद में कहते हैं कि बाढ़ के पानी में स्ट्ड बह गए। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि हर साल कुछ प्रतिशत काम पक्का तरीके से किया जाए तो भविष्य में बाढ़ जैसी समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सकता है। यमुना नदी में प्रदूषण का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। सांसद नवीन जिंदल ने अधिकारियों से पूछा कि यमुना में कितना गंदा पानी छोड़ा जा रहा है। अधिकारियों ने बताया कि सीवरेज और ड्रेन का पानी ट्रीटमेंट के बाद ही नदी में डाला जाता है। इस पर जिंदल ने उद्योगों से निकलने वाले पानी पर सवाल उठाते हुए कहा कि इंडस्ट्री का गंदा पानी बाहर आना ही नहीं चाहिए। उन्होंने साफ कहा कि उद्योगों को पर्यावरण प्रदूषित करने का कोई अधिकार नहीं है। सांसदों ने बाढ़ के दौरान होने वाले नुकसान पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि यमुना नदी में बाढ़ आने से हर साल किसानों को भारी नुकसान होता है, लेकिन उन्हें समय पर पर्याप्त मुआवजा नहीं मिल पाता। इस दिशा में ठोस नीति बनाने और प्रभावित किसानों को राहत देने के निर्देश दिए गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

--------
38 स्कूलों में शिक्षक ही नहीं
शिक्षा विभाग की स्थिति पर भी बैठक में नाराजगी देखने को मिली। जिले के 38 राजकीय स्कूलों में शिक्षकों की कमी को गंभीर मुद्दा बताते हुए सांसदों ने तुरंत दूर करने को कहा। उन्होंने सुझाव दिया कि गांव के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को भत्ता देकर स्कूलों में लगाया जाए, ताकि पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके साथ ही स्कूलों की सफाई व्यवस्था को भी प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए। सड़कों की बदहाल स्थिति को लेकर भी अधिकारियों को घेरा गया। खासतौर पर एनएच-344 की हालत पर चिंता जताई गई, जहां वाहनों के झूलने की शिकायत सामने आई। सांसदों ने संबंधित विभाग को निर्देश दिए कि सड़क को जल्द से जल्द ठीक किया जाए। पूरी बैठक के दौरान यह साफ नजर आया कि कई अधिकारी बिना पूरी तैयारी के पहुंचे थे। एजेंडे में भी कई जगह पुराना और गलत डाटा शामिल था, जिससे समीक्षा प्रक्रिया प्रभावित हुई। सांसदों ने कहा कि भविष्य में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और अधिकारियों को पूरी तैयारी के साथ ही बैठक में उपस्थित होना होगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed