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कंट्रोल रूम तैयार 55 इंच की 2 एलसीडी स्क्रीन में सोमवार से नजर आएंगी प्रत्येक गतिविधि
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ंट्रोल रूम में स्थापित 55 इंच की 2 एलसीडी स्क्रीन
- फोटो : Ambala
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आखिरकार रेलवे स्टेशन की सुरक्षा अब चाक-चौंबद हो जाएगी। स्टेशन पर लगे अत्याधुनिक कैमरे प्रत्येक क्षेत्र की निगरानी करेंगे। यात्री और शरारती तत्वों की प्रत्येक गतिविधि कंट्रोल रूम में लगी 55 इंच की 2 बड़ी एलसीडी पर तो नजर आएंगी ही, साथ ही उनकी रिकॉर्डिंग भी डाटा सर्वर में होने लगेगी। सोमवार से कंट्रोल रूम का संचालन शुरू हो जाएगा।
अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए बताया था कि किस तरह लॉक डाउन में स्टेशन की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए अत्याधुनिक कैमरे तो लगा दिए गए हैं, लेकिन कंट्रोल रूम आज तक नहीं तैयार हो पाया। इसी कारण रेलवे की सुरक्षा में कभी भी कोई भी सेंध लगा सकता है।
बता दें कि जून में रेल यात्रियों और सुरक्षा एजेंसियों की बरसों पुरानी मांग पूरी हो गई थी। रेलवे परिसर सहित प्लेटफार्म, पार्सल ऑफिस, रेलवे यार्ड, स्टेशन की तरफ आने और जाने वाले सभी रास्ते पर रिवॉल्विंग यानी घूमने वाले कैमरे लगा दिए गए थे। जो 60 से 200 मीटर तक प्रत्येक घटना को रिकॉर्ड करने में सक्षम हैं।
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कंट्रोल रूम में आ रही थी दिक्कत
रेलवे स्टेशन परिसर में 92 कैमरे लगाए जाने हैं, लेकिन पहली योजना के तहत 47 कैमरों को 4 महीने पहले फिट कर दिया था। स्टेशन डायरेक्टर व विभागीय अधिकारियों के आपसी तालमेल के कारण आरपीएफ पोस्ट के साथ एक रेलवे कार्यालय की जगह को कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए चुना गया। कार्य भी शुरू हुआ, लेकिन तार और बिजली का अन्य काम होने के बाद भी न तो एलसीडी फिट हो पाई और न ही कंप्यूटर और सैट टॉप बाक्स इत्यादि फिट हो रहा था। स्टेशन की सुरक्षा से जुड़े इस अहम मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित कर उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला उजागर किया था। इसके बाद कंट्रोल रूम को पूरी तरह से तैयार करने की कार्रवाई शुरू हुई। अब कंट्रोल रूम में एलसीडी रूम और डाटा सर्वर स्थापित किया गया है।
सात राज्यों से जुड़ा है स्टेशन
कोरोन काल से पहले छावनी स्टेशन पर 300 के करीब ट्रेन आती थीं और लगभग 70 से 80 हजार यात्री आवागमन करते थे। स्टेशन पंजाब, हिमाचल, यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली और राजस्थान को आपस में जोड़ने का प्रमुख केंद्र हैं। इसलिए स्टेशन की सुरक्षा को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। ढीली सुरक्षा को लेकर लगभग 15 साल पहले स्टेशन परिसर में आरडीएक्स से भरी एक कार भी बरामद हुई थी। वहीं, स्टेशन को 4-5 बार उड़ाने की धमकी भी मिल चुकी है।
रेल टेल द्वारा 47 हाईडेफिनेशन कैमरे लगा दिए गए हैं। कंट्रोल रूम में प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखने के लिए 55 इंच की 2 एलसीडी स्क्रीन लगाई गई है। प्रत्येक गतिविधि की रिकॉर्डिंग के लिए गुरुग्राम से आए विशेष डाटा सर्वर बॉक्स को स्थापित किया गया है। उम्मीद है कि सोमवार तक कंट्रोल रूम शुरू हो जाएगी और इसे आरपीएफ के हवाले कर दिया जाएगा।
-बीएस गिल, स्टेशन निदेशक, अंबाला।
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अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित करते हुए बताया था कि किस तरह लॉक डाउन में स्टेशन की सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए अत्याधुनिक कैमरे तो लगा दिए गए हैं, लेकिन कंट्रोल रूम आज तक नहीं तैयार हो पाया। इसी कारण रेलवे की सुरक्षा में कभी भी कोई भी सेंध लगा सकता है।
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बता दें कि जून में रेल यात्रियों और सुरक्षा एजेंसियों की बरसों पुरानी मांग पूरी हो गई थी। रेलवे परिसर सहित प्लेटफार्म, पार्सल ऑफिस, रेलवे यार्ड, स्टेशन की तरफ आने और जाने वाले सभी रास्ते पर रिवॉल्विंग यानी घूमने वाले कैमरे लगा दिए गए थे। जो 60 से 200 मीटर तक प्रत्येक घटना को रिकॉर्ड करने में सक्षम हैं।
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कंट्रोल रूम में आ रही थी दिक्कत
रेलवे स्टेशन परिसर में 92 कैमरे लगाए जाने हैं, लेकिन पहली योजना के तहत 47 कैमरों को 4 महीने पहले फिट कर दिया था। स्टेशन डायरेक्टर व विभागीय अधिकारियों के आपसी तालमेल के कारण आरपीएफ पोस्ट के साथ एक रेलवे कार्यालय की जगह को कंट्रोल रूम स्थापित करने के लिए चुना गया। कार्य भी शुरू हुआ, लेकिन तार और बिजली का अन्य काम होने के बाद भी न तो एलसीडी फिट हो पाई और न ही कंप्यूटर और सैट टॉप बाक्स इत्यादि फिट हो रहा था। स्टेशन की सुरक्षा से जुड़े इस अहम मुद्दे को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित कर उच्चाधिकारियों के संज्ञान में मामला उजागर किया था। इसके बाद कंट्रोल रूम को पूरी तरह से तैयार करने की कार्रवाई शुरू हुई। अब कंट्रोल रूम में एलसीडी रूम और डाटा सर्वर स्थापित किया गया है।
सात राज्यों से जुड़ा है स्टेशन
कोरोन काल से पहले छावनी स्टेशन पर 300 के करीब ट्रेन आती थीं और लगभग 70 से 80 हजार यात्री आवागमन करते थे। स्टेशन पंजाब, हिमाचल, यूपी, उत्तराखंड, दिल्ली और राजस्थान को आपस में जोड़ने का प्रमुख केंद्र हैं। इसलिए स्टेशन की सुरक्षा को लेकर हमेशा सवाल उठते रहे हैं। ढीली सुरक्षा को लेकर लगभग 15 साल पहले स्टेशन परिसर में आरडीएक्स से भरी एक कार भी बरामद हुई थी। वहीं, स्टेशन को 4-5 बार उड़ाने की धमकी भी मिल चुकी है।
रेल टेल द्वारा 47 हाईडेफिनेशन कैमरे लगा दिए गए हैं। कंट्रोल रूम में प्रत्येक गतिविधि पर नजर रखने के लिए 55 इंच की 2 एलसीडी स्क्रीन लगाई गई है। प्रत्येक गतिविधि की रिकॉर्डिंग के लिए गुरुग्राम से आए विशेष डाटा सर्वर बॉक्स को स्थापित किया गया है। उम्मीद है कि सोमवार तक कंट्रोल रूम शुरू हो जाएगी और इसे आरपीएफ के हवाले कर दिया जाएगा।
-बीएस गिल, स्टेशन निदेशक, अंबाला।