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फैक्टरियों में शाम की शिफ्ट का काम बंद
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माई सिटी रिपोर्टर
यमुनानगर। कोरोना संक्रमण के चलते लगाया गया रात का कर्फ्यू उद्यमियों और व्यापारी वर्ग के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। कर्फ्यू से इंडस्ट्री के लिए रात की शिफ्ट में काम करने वाली लेबर के आने जाने की परेशानी हो गई है। जिन फैक्टरियों में तीन शिफ्ट में काम होता है, उनकी दूसरी शिफ्ट में दिक्कत हो रही है। जिसके मद्देनजर अधिकतर फैक्टरी संचालकों ने दूसरी शिफ्ट खत्म कर दी है। नाइट कर्फ्यू जारी रहने तक अब फैक्टरियों में केवल दिन और रात की शिफ्टों में ही काम होगा।
काम प्रभावित न हो, इसके लिए कई फैक्टरियों में श्रमिकों को विश्राम देकर लंबी शिफ्ट रखी गई है। हालांकि उनसे काम आठ घंटे ही लिया जाएगा। श्रमिकों को एक से दो घंटा अतिरिक्त फैक्टरी में गुजारना पड़ेगा। रात के खाने का इंतजाम भी खुद इंडस्ट्री संचालक ही कर रहे हैं। ताकि लेबर को रात के समय खाने के लिए बाहर ना जाना पड़े। वहीं, रात्रि कर्फ्यू के चलते होटल और रेस्टारेंट इंडस्ट्री की भी कमर टूट गई है। 10 बजे कर्फ्यू शुरू होता है। चालान कटने के डर से उन्हें नौ बजे ही अपना काम समेटना पड़ता है। होम डिलीवरी के लिए भी नौ बजे के बाद ऑर्डर लेने बंद कर दिए जाते हैं।
रात की शिफ्ट में लेबर को आने जाने की परेशानी हो रही है। प्रशासन को पत्र लिखकर अनुमति मांगी जाएगी कि श्रमिकों को रात की शिफ्ट में आने जाने की रियायत दी जाए। हमारी मांग है कि प्रबंधन से जारी किए गए पहचान पत्र के आधार पर ही उन्हें आने जाने की छूट मिलनी चाहिए। -सुरेंद्र पाल, अध्यक्ष, डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन
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रात्रि शिफ्ट के दौरान भी काम जारी रहे, इसके लिए कोशिश कर रहे हैं कि कर्फ्यू से पहले ही लेबर को बुलाया जाए। उनके खाने पीने का इंतजाम भी रखना पड़ेगा। इससे काफी परेशानी होनी तय है। -अनिल बोरा, आर्किटेक्ट
शादियों का सीजन चल रहा है। गर्मियों में ग्राहक शाम के बाद ही बाजारों में पहुंचते हैं, लेकिन नौ बजे के बाद काम समेटना शुरू कर देते हैं। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। दुकानदार सुबह जल्दी मार्केट खोलने पर विचार कर रहे हैं। -आशीष मित्तल, महासचिव, उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा
पिछले वर्ष के कोरोना के प्रभाव से रेस्टोरेंट कारोबार धीरे-धीरे उबरने का प्रयास कर रहा था। मार्च के मध्य तक रेस्टोरेंट का कारोबार सुधरता नजर आ रहा था। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर अब रात 10 बजे से कर्फ्यू लगने के कारण रेस्टोरेंट का कारोबारी बिल्कुल बैठ गया है। -राजेश सेठ, खाद्य पूर्ति व्यापार संघ
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यमुनानगर। कोरोना संक्रमण के चलते लगाया गया रात का कर्फ्यू उद्यमियों और व्यापारी वर्ग के लिए परेशानी का सबब बनता जा रहा है। कर्फ्यू से इंडस्ट्री के लिए रात की शिफ्ट में काम करने वाली लेबर के आने जाने की परेशानी हो गई है। जिन फैक्टरियों में तीन शिफ्ट में काम होता है, उनकी दूसरी शिफ्ट में दिक्कत हो रही है। जिसके मद्देनजर अधिकतर फैक्टरी संचालकों ने दूसरी शिफ्ट खत्म कर दी है। नाइट कर्फ्यू जारी रहने तक अब फैक्टरियों में केवल दिन और रात की शिफ्टों में ही काम होगा।
काम प्रभावित न हो, इसके लिए कई फैक्टरियों में श्रमिकों को विश्राम देकर लंबी शिफ्ट रखी गई है। हालांकि उनसे काम आठ घंटे ही लिया जाएगा। श्रमिकों को एक से दो घंटा अतिरिक्त फैक्टरी में गुजारना पड़ेगा। रात के खाने का इंतजाम भी खुद इंडस्ट्री संचालक ही कर रहे हैं। ताकि लेबर को रात के समय खाने के लिए बाहर ना जाना पड़े। वहीं, रात्रि कर्फ्यू के चलते होटल और रेस्टारेंट इंडस्ट्री की भी कमर टूट गई है। 10 बजे कर्फ्यू शुरू होता है। चालान कटने के डर से उन्हें नौ बजे ही अपना काम समेटना पड़ता है। होम डिलीवरी के लिए भी नौ बजे के बाद ऑर्डर लेने बंद कर दिए जाते हैं।
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रात की शिफ्ट में लेबर को आने जाने की परेशानी हो रही है। प्रशासन को पत्र लिखकर अनुमति मांगी जाएगी कि श्रमिकों को रात की शिफ्ट में आने जाने की रियायत दी जाए। हमारी मांग है कि प्रबंधन से जारी किए गए पहचान पत्र के आधार पर ही उन्हें आने जाने की छूट मिलनी चाहिए। -सुरेंद्र पाल, अध्यक्ष, डिस्ट्रीब्यूशन एसोसिएशन
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रात्रि शिफ्ट के दौरान भी काम जारी रहे, इसके लिए कोशिश कर रहे हैं कि कर्फ्यू से पहले ही लेबर को बुलाया जाए। उनके खाने पीने का इंतजाम भी रखना पड़ेगा। इससे काफी परेशानी होनी तय है। -अनिल बोरा, आर्किटेक्ट
शादियों का सीजन चल रहा है। गर्मियों में ग्राहक शाम के बाद ही बाजारों में पहुंचते हैं, लेकिन नौ बजे के बाद काम समेटना शुरू कर देते हैं। इससे व्यापार प्रभावित हो रहा है। दुकानदार सुबह जल्दी मार्केट खोलने पर विचार कर रहे हैं। -आशीष मित्तल, महासचिव, उद्योग व्यापार मंडल हरियाणा
पिछले वर्ष के कोरोना के प्रभाव से रेस्टोरेंट कारोबार धीरे-धीरे उबरने का प्रयास कर रहा था। मार्च के मध्य तक रेस्टोरेंट का कारोबार सुधरता नजर आ रहा था। कोरोना संक्रमण बढ़ने पर अब रात 10 बजे से कर्फ्यू लगने के कारण रेस्टोरेंट का कारोबारी बिल्कुल बैठ गया है। -राजेश सेठ, खाद्य पूर्ति व्यापार संघ