फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Even after the controversy, the congregation bowed their heads and was adamant on building a langar hall

Yamuna Nagar News: विवाद के बाद भी संगत ने टेका माथा, लंगर हॉल बनाने पर अड़े

Fri, 04 Apr 2025 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 04 Apr 2025 01:21 AM IST
विज्ञापन
Even after the controversy, the congregation bowed their heads and was adamant on building a langar hall
संवाद न्यूज एजेंसी जठलाना (यमुनानगर)। संसद में वक्फ बोर्ड बिल संशोधन में जिस जठलाना गुरुद्वारा का जिक्र हुआ था, वीरवार को उसी गांव के लोग गुरुद्वारा साहिब में पहुंचे और माथा टेका। गुरुद्वारा साहिब का जिक्र होने पर ग्रामीणों ने केंद्र सरकार का आभार जताकर खुशी मनाई है। वहीं जयघोष करते हुए यहां पर नल लगाने व लंगर हॉल को बनाने की बात भी कही।
विज्ञापन

बताया जा रहा है कि 1947 में जब भारत पाक के बीच में बंटवारा हुआ था, तभी यह जगह मस्तान चंद के नाम अलॉट हुई थी। मस्तान चंद ने ही यह जगह गुरुद्वारा को सौंप दी थी। लेकिन इस जगह पर 1967 में वक्फ बोर्ड ने अपना दावा कर दिया और तब से अब तक यह मामला कोर्ट में चल रहा था और इस गुरुद्वारा में विकास के नाम की एक ईंट तक नहीं लगी।
विज्ञापन

गुरुद्वारा खंडहर में तब्दील हो गया, लेकिन संसद में इसकी बात सामने आते ही इलाके के लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। अभी भी मुस्लिम पक्ष इस पर अपना हक जता रहा है और इसे मस्जिद बता रहे हैं। स्थानीय निवासी सतीश कुमार, अग्नि विजय सिंह, देवेंद्र चौहान आदि ने बताया कि 1963-64 में जब वक्फ बोर्ड बना तो ठीक उसके तीन साल बाद इस जमीन पर मुस्लिम पक्ष ने अपना दावा ठोक दिया और यहां मस्जिद होने का दावा किया। वर्ष 1967 से शुरू हुआ यह विवाद अभी तक कोर्ट में चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

दोनों पक्षों की माने तो कभी फेवर हिंदू पक्ष में तो कभी मुस्लिम पक्ष में आता रहा है। लोअर कोर्ट में शुरू हुआ यह मामला हाईकोर्ट, सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। अब जैसे ही यह मामला संसद में उठा तो जठलाना के लोगों में खुशी की लहर दौड़ पड़ी। मुस्लिम पक्ष के अब्दुल रहीम के मुताबिक मामला शुरू से ही उनके पक्ष में है और यहां पहले मस्जिद हुआ करती थी और यह जगह वक्फ बोर्ड के नाम पर है।

फिलहाल मामला कोर्ट में चल रहा है और इस जगह को लेकर कोर्ट ने स्टे भी लगा रखा है। हालांकि आज लोगों की भीड़ को देखते हुए मुस्लिम पक्ष के लोगों ने पुलिस को भी इस मामले की सूचना दे दी। हिंदू व सिख पक्ष का कहना है कि जब सरकार ने वक्फ बोर्ड के बिल में संशोधन किया है तो यहां पर काम करने से कौन रोक सकता है। ऐसे में अगर हिंदू, सिख पक्ष के लोगों को जेल में भी जाना पड़े तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed