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Yamuna Nagar News: कर्मचारियों ने बाइकों पर सवार होकर निकाला रोष मार्च
Thu, 12 Feb 2026 03:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 12 Feb 2026 03:24 AM IST
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यमुनानगर। केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी की राष्ट्रीय हड़ताल को सफल बनाने के उद्देश्य से बुधवार को सर्व कर्मचारी संघ हरियाणा के बैनर तले विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने बाइक रैली के साथ शहर की मुख्य सड़कों पर रोष मार्च निकाला। कर्मचारियों ने शहर के प्रमुख बाजारों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थलों पर पहुंचकर आम जनता से समर्थन की अपील की।
एसकेएस जिला प्रधान महिपाल सौदे, जिला सचिव सतीश कुमार, राज्य प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज, तथा नगरपालिका संघ महासचिव मांगे राम तिगरा ने बताया कि इस बार राष्ट्रीय हड़ताल को राज्य में भारी सफलता मिलेगी। क्योंकि सरकार हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद ठेका कर्मचारियों को पक्का नहीं कर रही है साथ ही पिछले पांच साल से कच्चे कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी नहीं की और न ही पुरानी पेंशन बहाली, अलग से वेतन आयोग का गठन और पांच हजार रुपये अंतरिम राहत देने, 18 महीने के बकाया डीए डीआर का भुगतान करने जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण मांगों की अनदेखी कर रही है। सरकार 30 हजार रुपये न्यूनतम वेतन लागू करने, आशा, आंगनबाड़ी व मिड डे मील वर्करों और एनएचएम आदि केंद्रीय परियोजनाओं में 10-15 सालों से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित नहीं कर रही है। चार लेबर कोड्स के द्वारा सरकार मजदूरों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने जा रही है। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय हड़ताल का संयुक्त किसान मोर्चा, अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन, जनवादी महिला समिति, जनवादी नौजवान सभा, स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया, कंस्ट्रक्शन वर्कर फेडरेशन ऑफ इंडिया समेत अन्य संगठनों ने समर्थन किया। संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जत्थे में कोषाध्यक्ष रिंकू कुमार, उपप्रधान प्रेम प्रकाश, विजय कुमार, संजय कांबोज, राकेश धनखड़, सुरेंद्र, रामपाल, रमेश, विक्की वालिया शामिल रहे।
कर्मचारियों की मुख्य मांगें:
- कच्चे कर्मचारियों को तुरंत पक्का किया जाए।
- पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।
- हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से हो रहे शोषण को बंद किया जाए।
- समान काम-समान वेतन लागू किया जाए।
- ठेका प्रथा समाप्त कर स्थायी भर्ती की जाए।
- लंबित वेतन व भत्तों का तुरंत भुगतान किया जाए।
- श्रम कानूनों में किए गए मजदूर विरोधी संशोधन वापस लिए जाएं।
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एसकेएस जिला प्रधान महिपाल सौदे, जिला सचिव सतीश कुमार, राज्य प्रेस सचिव गुलशन भारद्वाज, तथा नगरपालिका संघ महासचिव मांगे राम तिगरा ने बताया कि इस बार राष्ट्रीय हड़ताल को राज्य में भारी सफलता मिलेगी। क्योंकि सरकार हाईकोर्ट के फैसले के बावजूद ठेका कर्मचारियों को पक्का नहीं कर रही है साथ ही पिछले पांच साल से कच्चे कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी नहीं की और न ही पुरानी पेंशन बहाली, अलग से वेतन आयोग का गठन और पांच हजार रुपये अंतरिम राहत देने, 18 महीने के बकाया डीए डीआर का भुगतान करने जैसी अत्यंत महत्वपूर्ण मांगों की अनदेखी कर रही है। सरकार 30 हजार रुपये न्यूनतम वेतन लागू करने, आशा, आंगनबाड़ी व मिड डे मील वर्करों और एनएचएम आदि केंद्रीय परियोजनाओं में 10-15 सालों से कार्यरत कर्मचारियों को नियमित नहीं कर रही है। चार लेबर कोड्स के द्वारा सरकार मजदूरों को पूंजीपतियों का गुलाम बनाने जा रही है। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय हड़ताल का संयुक्त किसान मोर्चा, अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन, जनवादी महिला समिति, जनवादी नौजवान सभा, स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया, कंस्ट्रक्शन वर्कर फेडरेशन ऑफ इंडिया समेत अन्य संगठनों ने समर्थन किया। संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जत्थे में कोषाध्यक्ष रिंकू कुमार, उपप्रधान प्रेम प्रकाश, विजय कुमार, संजय कांबोज, राकेश धनखड़, सुरेंद्र, रामपाल, रमेश, विक्की वालिया शामिल रहे।
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कर्मचारियों की मुख्य मांगें:
- कच्चे कर्मचारियों को तुरंत पक्का किया जाए।
- पुरानी पेंशन योजना बहाल की जाए।
- हरियाणा कौशल रोजगार निगम के माध्यम से हो रहे शोषण को बंद किया जाए।
- समान काम-समान वेतन लागू किया जाए।
- ठेका प्रथा समाप्त कर स्थायी भर्ती की जाए।
- लंबित वेतन व भत्तों का तुरंत भुगतान किया जाए।
- श्रम कानूनों में किए गए मजदूर विरोधी संशोधन वापस लिए जाएं।