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Yamuna Nagar News: कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा पर दिया गया जोर

Mon, 09 Feb 2026 12:56 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Mon, 09 Feb 2026 12:56 AM IST
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Emphasis was placed on the safety of women in the workplace
कार्यशाला में मौजूद बाल विकास विभाग की अ​धिकारी व कर्मचारी। डीआईपीआरओ
संवाद न्यूज एजेंसी
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यमुनानगर। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न से संरक्षण (पॉश एक्ट) को लेकर जिला सचिवालय सभागार में जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया गया। वक्ताओं ने कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा पर जोर दिया।
कार्यक्रम में हरियाणा राज्य अटॉर्नी-एट-लॉ अंकुर अग्रवाल, एडीसी नवीन आहूजा, सीटीएम पीयूष गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी मिक्षा रंगा, सीडीपीओ कुसुम लता, कार्यवाहक जिला बाल संरक्षण अधिकारी रंजन शर्मा और संरक्षण अधिकारी प्रीति शर्मा सहित अन्य अधिकारी पहुंचे। राज्य अटॉर्नी-एट-लॉ अंकुर अग्रवाल ने पॉश एक्ट 2013 के प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि यह कानून सरकारी और निजी दोनों संस्थानों में कार्यरत महिलाओं को कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा शुरू किए गए ‘शी-बॉक्स’ पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी, जिसके माध्यम से महिलाएं कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न, हिंसा या अन्य समस्याओं से संबंधित शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकती हैं।
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कार्यशाला में बताया गया कि पॉश एक्ट 9 दिसंबर 2013 को लागू हुआ था और यह सरकारी कार्यालयों, फैक्ट्री, दुकानों, अस्पतालों, स्कूलों, कॉलेजों और गैर-सरकारी संस्थानों पर समान रूप से लागू होता है। कानून के तहत अशोभनीय टिप्पणी, अनुचित स्पर्श, अश्लील संदेश या कॉल, ई-मेल, यौन संबंध का दबाव, आपत्तिजनक फोटो या वीडियो दिखाना और नौकरी या प्रमोशन के बदले अनुचित लाभ की मांग जैसे कृत्य यौन उत्पीड़न की श्रेणी में आते हैं।

अधिकारियों ने बताया कि 10 से अधिक कर्मचारियों वाले संस्थानों में आंतरिक शिकायत समिति का गठन अनिवार्य है। इससे कम कर्मचारियों वाले संस्थानों के लिए स्थानीय शिकायत समिति का प्रावधान है। पीड़िता तीन माह के भीतर शिकायत दर्ज कर सकती है और दोषी पाए जाने पर वेतन कटौती, मुआवजा, स्थानांतरण या बर्खास्तगी तक की कार्रवाई संभव है। जिला कार्यक्रम अधिकारी मिक्षा रंगा ने कहा कि पॉश एक्ट महिलाओं को सुरक्षित कार्यस्थल उपलब्ध कराने का महत्वपूर्ण कानून है।
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