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जिले में बड़े राजनीतिज्ञ करवा रहे अवैध खनन
ब्यूरो/अमर उजाला यमुनानगर
Updated Sat, 12 Sep 2015 11:53 PM IST
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करनाल के डिप्टी मेयर व माइनिंग के कांट्रैक्टर मनोज वधवा ने आरोप लगाया है कि यमुनानगर जिले के बड़े भाजपा नेता की मिलीभगत से अवैध खनन किया जा रहा है। यहां पत्रकार वार्ता में वधवा ने कहा कि उनके पास करनाल के यूनिट नंबर एक का कांट्रैक्ट है।
यमुनानगर जिले के खनन जोन में हो रहे अवैध खनन के कारण प्रतिदिन 300-400 ट्रक रेत-बजरी यहां से प्रदेश के दूसरे जिलों में पहुंच रहा है। इससे प्रदेश को लाखों-करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। जबकि सरकार को रायल्टी देने के बावजूद उन्हें भी अवैध खनन के कारण प्रतिदिन 10-15 लाख का नुकसान हो रहा है। वधवा ने कहा कि यूपी और पौंटा साहिब की फर्जी पर्चियों के सहारे माफिया अवैध खनन को नंबर एक का शो करते हैं, जबकि ये पर्चियां पूरी तरह फर्जी होती हैं।
यदि इसकी जांच की जाए तो बड़े घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है। वधवा ने कहा कि वे चाहते हैं कि प्रदेश के खजाने में करोड़ों रुपये आएं, लेकिन खनन माफिया और राजनीतिज्ञ मिलकर सरकार को ही चूना लगा रहे हैं। इस काम में जिला प्रशासन भी उनका साथ दे रहा है।
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उन्होंने कहा कि यमुनानगर जिले में अभी तक खनन शुरू नहीं हुआ है। बावजूद इसके यहां रेत-बजरी की कोई कमी नहीं है। उल्टे अवैध खनन से प्रदेश भर में रेत-बजरी पहुंच रही है। अवैध खनन पर रोक लगाने के बजाय जिला प्रशासन मात्र खानापूर्ति कर रहा है।
वधवा ने कहा कि उनके अलावा अन्य कांट्रैक्टरों को भी यमुनानगर जिले में हो रहे अवैध खनन से नुकसान हो रहा है। यदि प्रदेश सरकार इस पर अंकुश लगाए तो सरकार को भारी राजस्व की प्राप्ति हो सकती है।
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यमुनानगर जिले के खनन जोन में हो रहे अवैध खनन के कारण प्रतिदिन 300-400 ट्रक रेत-बजरी यहां से प्रदेश के दूसरे जिलों में पहुंच रहा है। इससे प्रदेश को लाखों-करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान हो रहा है। जबकि सरकार को रायल्टी देने के बावजूद उन्हें भी अवैध खनन के कारण प्रतिदिन 10-15 लाख का नुकसान हो रहा है। वधवा ने कहा कि यूपी और पौंटा साहिब की फर्जी पर्चियों के सहारे माफिया अवैध खनन को नंबर एक का शो करते हैं, जबकि ये पर्चियां पूरी तरह फर्जी होती हैं।
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यदि इसकी जांच की जाए तो बड़े घोटाले का पर्दाफाश हो सकता है। वधवा ने कहा कि वे चाहते हैं कि प्रदेश के खजाने में करोड़ों रुपये आएं, लेकिन खनन माफिया और राजनीतिज्ञ मिलकर सरकार को ही चूना लगा रहे हैं। इस काम में जिला प्रशासन भी उनका साथ दे रहा है।
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उन्होंने कहा कि यमुनानगर जिले में अभी तक खनन शुरू नहीं हुआ है। बावजूद इसके यहां रेत-बजरी की कोई कमी नहीं है। उल्टे अवैध खनन से प्रदेश भर में रेत-बजरी पहुंच रही है। अवैध खनन पर रोक लगाने के बजाय जिला प्रशासन मात्र खानापूर्ति कर रहा है।
वधवा ने कहा कि उनके अलावा अन्य कांट्रैक्टरों को भी यमुनानगर जिले में हो रहे अवैध खनन से नुकसान हो रहा है। यदि प्रदेश सरकार इस पर अंकुश लगाए तो सरकार को भारी राजस्व की प्राप्ति हो सकती है।