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Yamunanagar: गर्मी में हथिनियां रहेंगी कूल, डाइट में शामिल हुआ गन्ना, खीरा और तरबूज

Tue, 09 May 2023 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो कौशिक खान, संवाद न्यूज एजेंसी, छछरौली, यमुनानगर (हरियाणा)
कौशिक खान, संवाद न्यूज एजेंसी, छछरौली, यमुनानगर (हरियाणा) Published by: अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 09 May 2023 01:21 AM IST
सार

हाथी पुनर्वास केंद्र बणसंतोर में रह रही मादा हाथियों की सर्दी की डाइट गुड़ और बाजरा अब गर्मी में बंद कर दी गई है। केंद्र प्रबंधन की ओर से तैयारियां की गई। नहाने के लिए पक्के कुंड बनवाए गए हैं। पांचों हथिनियों के लिए 90 किलो कद्दू, 40 किलो केला और 250 किलोग्राम गन्ने की प्रतिदिन व्यवस्था हो रही है। 

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Elephants will remain cool in summer, sugarcane, cucumber and watermelon are included in the diet
सांकेतिक तस्वीर हाथियों का झुंड - फोटो : Social Media

विस्तार

हाथी पुनर्वास केंद्र बणसंतोर में रह रही हथिनियों के लिए सर्दी में दी जाने वाली विशेष डाइट को बंद कर अब मौसम के अनुकूल गन्ना, खीरा और तरबूज को शामिल किया गया है। यही नहीं गर्मी में हथिनियों को कूल-कूल रखने के लिए पक्के कुंड बनवाए गए हैं, ताकि उन्हें मौसम की मार से राहत मिल सके।

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केंद्र में रह रही पांचों हथिनियों के लिए प्रतिदिन 90 किलो कद्दू, 40 किलो केला और 250 किलोग्राम गन्ने की प्रतिदिन व्यवस्था की जा रही है। प्रत्येक हाथी पर करीब ढाई से तीन हजार रुपये तक खर्च बताया जा रहा है।
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हाथी पुनर्वास केंद्र के मैनेजर आशीष शर्मा ने बताया कि हाथी पुनर्वास केंद्र बणसंतोर में रह रही हथिनियों के लिए सर्दी की डाइट गुड बाजरा बंद कर अब गर्मी में दी जाने वाली गन्ना, तरबूज, खरबूज, केला, खीरा, गोभी शुरू कर दिया गया है। साथ ही केंद्र में हथिनियों के नहाने के लिए पक्के कुंड बनवाए गए हैं, जिसमें गर्मी के मौसम में हाथी अठखेलियां करते नजर आएंगे। हथिनियों को सुबह और शाम के समय जंगल के अंदर ही पगडंडी पर करीब तीन किमी तक सैर भी कराई जा रही है।
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केंद्र में पांच हथिनियों की देखभाल के लिए अलग-अलग महावत भी नियुक्त किए गए हैं। प्रत्येक महावत सुबह से शाम तक उनकी डाइट और अन्य देखरेख करता है। केंद्र में 10 शेड बने हैं, जिनमें 20 हाथियों को रखने की क्षमता है। हथिनियों को गर्मी के सीजन में ठंडी चीजें दी जाती हैं, जिसमें तरबूज, खरबूज, केला, खीरा, गोभी हाथियों को काफी पसंद आती है। गर्मी के सीजन में रोजाना हथिनियों को यह सामग्री पर्याप्त मात्रा में दी जाती है।


चंचल सबसे उम्रदराज और लक्ष्मी-2 है छोटी
मैनेजर आशीष शर्मा ने बताया कि हाथी पुनर्वास केंद्र में पांचों हथिनियों में सबसे अधिक उम्रदराज चंचल (85) है। जबकि लक्ष्मी-1 (65), मोती (60), फिर लिली (50) सबसे छोटी लक्ष्मी-2 (40) है। वहीं असमार, अलीशेर, शादाब, आरिफ, खुरशीद इन हथिनियों के महावत हैं। इन सभी मादाओं की देखरेख का जिम्मा वाइल्ड लाइफ एसओएस संस्था करती है।

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