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Yamuna Nagar News: कलेसर जंगल के चिक्कन बीट में हाथियों का डेरा, पर्यटकों में उत्साह
Mon, 04 Nov 2024 02:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 04 Nov 2024 02:01 AM IST
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नवाब खान
प्रतापनगर (यमुनानगर)। पिछले एक सप्ताह से जंगली हाथियों ने कलेसर की चिक्कन बीट में डेरा जमा रखा है। यहां पर तालाब में पानी पीते, नहाते हाथी किसी भी समय देखे जा सकते हैं। जंगल में फिलहाल तीन हाथी हैं। कलेसर राष्ट्रीय उद्यान हिमाचल के सिंबल वाड़ा समेत विभिन्न जगहों पर मस्ती करते हाथियों की लोग फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं।
राष्ट्रीय उद्यान कलेसर में तीन हाथियों को घूमते देखा गया है। बरसात के दिनों में देहरादून के राजाजी नेशनल पार्क से अक्सर हाथियों का झुंड कलेसर जंगल में जाता रहता है। वन विभाग के अधिकारियों ने यहां तीन हाथी होने की पुष्टि भी की है। लगभग सात वर्ष पहले यहां एक दांत वाला हाथी था।
तब से लेकर अब तक कलेसर नेशनल पार्क में तीन हाथी हैं। हालांकि राजा जी नेशनल पार्क से यहां हाथियों का झुंड आता रहता है और समय-समय पर हिमाचल प्रदेश के सींबलवाडा, हरियाणा के कलेसर जंगल व देहरादून के राजाजी नेशनल पार्क में चक्कर लगाता रहता है। वन्य प्राणी विभाग के ब्लॉक अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि हाथियों के लिए दो पक्के तालाबों का निर्माण किया गया है।
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हाथियों को जंगल में उचित व शांत माहौल दिए जाने पर भी यह क्षेत्र उनका स्थाई ठहराव बन चुका है। जंगली हाथी आमतौर पर मानसून सीजन में लंबा भ्रमण करते हैं। यही कारण है कि राजाजी नेशनल पार्क से निकलकर हाथी साथ लगते हरियाणा के नेशनल पार्क कलेसर तक पहुंच जाते हैं।
वन्य प्राणी विभाग के जिला इंस्पेक्टर लीलू राम ने बताया कि जंगल में तीन हाथी हैं, जो किसी भी समय कहीं भी देखे जा सकते हैं। लंबे समय से तीनों हाथी कलेसर जंगल में रुके हैं। इनको यहां का वातावरण खूब भा रहा है। इनका पसंदीदा खाना बांस, भाभड घास, रैनी के पेड़ जंगल में भारी मात्रा में उपलब्ध हैं। हाथी खाने-पीने के बाद मस्ती करते हुए कई बार नेशनल हाईवे पर पहुंच जाते हैं।
राष्ट्रीय उद्यान कलेसर, हथिनीकुंड बैराज, महादेव कालेश्वर, लाल ढांग, ताजेवाला, देवीलाल पार्क समेत यहां दर्जनों की संख्या में पर्यटक स्थल हैं। ऐसे में कलेसर को पर्यटन के तौर पर विकसित करने की जरूरत है। साथ लगते राज्यों से यहां लोग कलेसर जंगल, हथिनीकुंड बैराज व अन्य जगहों पर भ्रमण करने के लिए आते हैं। संवाद
पर्यटकों को खूब भा रही हाथियों की मस्ती
जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को हाथी व अन्य जीव-जंतु घूमते दिखाई दे रहे हैं। कई बार तो हाथी फायर लाइन व बीच रास्ते में खड़े होकर पर्यटकों को पीछे हटने का इशारा करते देखे जा सकते हैं। जंगल में हाथी दिखाने से पर्यटकों में भी भारी उत्साह है क्योंकि दूर दराज से पर्यटक यहां हाथी, तेंदुआ, चीतल व अन्य जीव जंतुओं को देखने के लिए आते हैं।
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प्रतापनगर (यमुनानगर)। पिछले एक सप्ताह से जंगली हाथियों ने कलेसर की चिक्कन बीट में डेरा जमा रखा है। यहां पर तालाब में पानी पीते, नहाते हाथी किसी भी समय देखे जा सकते हैं। जंगल में फिलहाल तीन हाथी हैं। कलेसर राष्ट्रीय उद्यान हिमाचल के सिंबल वाड़ा समेत विभिन्न जगहों पर मस्ती करते हाथियों की लोग फोटो खींचकर सोशल मीडिया पर वायरल कर रहे हैं।
राष्ट्रीय उद्यान कलेसर में तीन हाथियों को घूमते देखा गया है। बरसात के दिनों में देहरादून के राजाजी नेशनल पार्क से अक्सर हाथियों का झुंड कलेसर जंगल में जाता रहता है। वन विभाग के अधिकारियों ने यहां तीन हाथी होने की पुष्टि भी की है। लगभग सात वर्ष पहले यहां एक दांत वाला हाथी था।
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तब से लेकर अब तक कलेसर नेशनल पार्क में तीन हाथी हैं। हालांकि राजा जी नेशनल पार्क से यहां हाथियों का झुंड आता रहता है और समय-समय पर हिमाचल प्रदेश के सींबलवाडा, हरियाणा के कलेसर जंगल व देहरादून के राजाजी नेशनल पार्क में चक्कर लगाता रहता है। वन्य प्राणी विभाग के ब्लॉक अधिकारी सुमित कुमार ने बताया कि हाथियों के लिए दो पक्के तालाबों का निर्माण किया गया है।
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हाथियों को जंगल में उचित व शांत माहौल दिए जाने पर भी यह क्षेत्र उनका स्थाई ठहराव बन चुका है। जंगली हाथी आमतौर पर मानसून सीजन में लंबा भ्रमण करते हैं। यही कारण है कि राजाजी नेशनल पार्क से निकलकर हाथी साथ लगते हरियाणा के नेशनल पार्क कलेसर तक पहुंच जाते हैं।
वन्य प्राणी विभाग के जिला इंस्पेक्टर लीलू राम ने बताया कि जंगल में तीन हाथी हैं, जो किसी भी समय कहीं भी देखे जा सकते हैं। लंबे समय से तीनों हाथी कलेसर जंगल में रुके हैं। इनको यहां का वातावरण खूब भा रहा है। इनका पसंदीदा खाना बांस, भाभड घास, रैनी के पेड़ जंगल में भारी मात्रा में उपलब्ध हैं। हाथी खाने-पीने के बाद मस्ती करते हुए कई बार नेशनल हाईवे पर पहुंच जाते हैं।
राष्ट्रीय उद्यान कलेसर, हथिनीकुंड बैराज, महादेव कालेश्वर, लाल ढांग, ताजेवाला, देवीलाल पार्क समेत यहां दर्जनों की संख्या में पर्यटक स्थल हैं। ऐसे में कलेसर को पर्यटन के तौर पर विकसित करने की जरूरत है। साथ लगते राज्यों से यहां लोग कलेसर जंगल, हथिनीकुंड बैराज व अन्य जगहों पर भ्रमण करने के लिए आते हैं। संवाद
पर्यटकों को खूब भा रही हाथियों की मस्ती
जंगल सफारी के दौरान पर्यटकों को हाथी व अन्य जीव-जंतु घूमते दिखाई दे रहे हैं। कई बार तो हाथी फायर लाइन व बीच रास्ते में खड़े होकर पर्यटकों को पीछे हटने का इशारा करते देखे जा सकते हैं। जंगल में हाथी दिखाने से पर्यटकों में भी भारी उत्साह है क्योंकि दूर दराज से पर्यटक यहां हाथी, तेंदुआ, चीतल व अन्य जीव जंतुओं को देखने के लिए आते हैं।