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Yamuna Nagar News: अवैध कॉलोनियों पर बिजली निगम मेहरबान, दे रहे सुविधाएं
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यमुनानगर। जिले में अवैध कॉलोनियों का मकड़जाल फैला हुआ है। पिछले कुछ सालों में जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) सैकड़ों अवैध कॉलोनियों पर जेसीबी चलवा चुके हैं। फिर भी अवैध कालोनियों की संख्या कम होने का नाम नहीं ले रही। कहा जा रहा है कि जब तक अधिकारी अवैध कॉलोनियों पर मेहरबान होंगे तब तक संख्या कम होगी भी नहीं। अवैध कालोनियों में सरकारी विभागों द्वारा ही सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं। सात जून को सीएम फ्लाइंग ने बिलासपुर में एमआर इंटरनेशनल स्कूल के पास अवैध काॅलोनी पर दबिश दी थी उसमें बिजली के पोल, पीवीसी केवल व तार डालने में बिजली निगम ने कोई कसर नहीं छोड़ी। कॉलोनी में बिजली निगम द्वारा करीब 20 पोल लगाए गए हैं। बिजली, पानी जैसी सुविधाओं की तरफ आकर्षित होकर लोग अवैध कॉलोनियों में प्लाट खरीद रहे हैं।
डीटीपी की तरफ से बिजली निगम के सभी एसडीओ को पत्र लिखा हुआ है कि किसी भी अवैध कॉलोनी में लोगों को बिजली के कनेक्शन जारी न किए जाएं। परंतु कनेक्शन देने के लिए बिजली निगम पूरी तरह से तैयार बैठा है। कनेक्शन जारी करने से पहले बिजली निगम के अधिकारी अवैध कॉलोनियों में पोल व तारें कॉलोनाइजरों को दे रहे हैं। बिजली के पोल व तार लगवा कर लोगों को प्लाट बेचना सबसे आसान होता है। क्योंकि खरीदार सबसे पहल कॉलोनी में बिजली की सुविधा देखता है। लोग कॉलोनाइजरों के झांसे में आकर वहां प्लाट खरीद कर निर्माण कर लेते हैं। रजिस्ट्री होने के बाद उन्हें पता चलता है कि कॉलोनी अवैध है। जिस पर जेसीबी चलाई जाती है।
हमने कई पत्र लिखे हुए हैं : अशोक गर्ग
डीटीपी अशोक गर्ग का कहना है कि उनके कार्यालय की तरफ से कई पत्र बिजली निगम को लिखे हुए हैं। जिसमें कहा गया है कि निगम किसी भी अवैध कॉलोनी में लोगों को बिजली के कनेक्शन जारी न करने तथा सभी तहसील में तहसीलदार को प्लाटों की रजिस्ट्री न करने के लिए पत्र लिखा हुआ है। इससे लोगों का नुकसान होता है। वहीं अवैध कॉलोनी में कार्रवाई करने के दौरान भी परेशानी होती है। पत्र लिखने के बावजूद बिजली निगम बिजली के पोल व तार क्यों लगा रहा है इसके बारे में बिजली निगम के अधिकारी ही बता सकते हैं।
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डीसी व नगर निगम को लिखते हैं पत्र: जेसी शर्मा
बिजली निगम के एसई जेसी शर्मा का कहना है कि जब कहीं पोल व तार लगाने के लिए आवेदन आता है तो बिजली निगम की तरफ से डीसी व नगर निगम को पत्र लिखा जाता है। यदि उन्हें कोई आपत्ति नहीं होती है तो कनेक्शन जारी कर देते हैं। किसी का भी जमीन पर मालिकाना होना चाहिए। बिजली निगम कनेक्शन जारी कर सकता है।
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डीटीपी की तरफ से बिजली निगम के सभी एसडीओ को पत्र लिखा हुआ है कि किसी भी अवैध कॉलोनी में लोगों को बिजली के कनेक्शन जारी न किए जाएं। परंतु कनेक्शन देने के लिए बिजली निगम पूरी तरह से तैयार बैठा है। कनेक्शन जारी करने से पहले बिजली निगम के अधिकारी अवैध कॉलोनियों में पोल व तारें कॉलोनाइजरों को दे रहे हैं। बिजली के पोल व तार लगवा कर लोगों को प्लाट बेचना सबसे आसान होता है। क्योंकि खरीदार सबसे पहल कॉलोनी में बिजली की सुविधा देखता है। लोग कॉलोनाइजरों के झांसे में आकर वहां प्लाट खरीद कर निर्माण कर लेते हैं। रजिस्ट्री होने के बाद उन्हें पता चलता है कि कॉलोनी अवैध है। जिस पर जेसीबी चलाई जाती है।
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हमने कई पत्र लिखे हुए हैं : अशोक गर्ग
डीटीपी अशोक गर्ग का कहना है कि उनके कार्यालय की तरफ से कई पत्र बिजली निगम को लिखे हुए हैं। जिसमें कहा गया है कि निगम किसी भी अवैध कॉलोनी में लोगों को बिजली के कनेक्शन जारी न करने तथा सभी तहसील में तहसीलदार को प्लाटों की रजिस्ट्री न करने के लिए पत्र लिखा हुआ है। इससे लोगों का नुकसान होता है। वहीं अवैध कॉलोनी में कार्रवाई करने के दौरान भी परेशानी होती है। पत्र लिखने के बावजूद बिजली निगम बिजली के पोल व तार क्यों लगा रहा है इसके बारे में बिजली निगम के अधिकारी ही बता सकते हैं।
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डीसी व नगर निगम को लिखते हैं पत्र: जेसी शर्मा
बिजली निगम के एसई जेसी शर्मा का कहना है कि जब कहीं पोल व तार लगाने के लिए आवेदन आता है तो बिजली निगम की तरफ से डीसी व नगर निगम को पत्र लिखा जाता है। यदि उन्हें कोई आपत्ति नहीं होती है तो कनेक्शन जारी कर देते हैं। किसी का भी जमीन पर मालिकाना होना चाहिए। बिजली निगम कनेक्शन जारी कर सकता है।