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Yamuna Nagar News: चुनाव की ड्यूटी, किसी की घर शादी तो कई का बढ़ रहा बीपी
Thu, 27 Feb 2025 01:32 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Thu, 27 Feb 2025 01:32 AM IST
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यमुनानगर। दो मार्च को नगर निगम यमुनानगर और नगरपालिका रादौर का चुनाव होना है। चुनाव की लगभग सभी तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। एक उन कर्मचारियों के बहाने कम होने का नाम नहीं ले रहे जिनकी चुनाव में ड्यूटी लगी है। अब तक दर्जनों कर्मचारी अपनी ड्यूटी चुनाव से कटवा चुके हैं। इनमें कुछ की समस्या जायज है तो ड्यूटी से बचने के लिए एक से एक बहाने बना रहे हैं। कोई बीपी और शुगर बढ़ने का तो कोई परिवार में शादी होने का बहाना बना रहे हैं।
चुनाव से तीन दिन पहले तक ड्यूटी कटवाने के लिए आ रहे कर्मचारियों से एसडीएम से लेकर डीसी तक सभी परेशान हो गए हैं। निकाय चुनाव के लिए कुल 2054 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें करीब 500 कर्मचारी ऐसे हैं जो रिजर्व रखे गए हैं। किसी भी चुनाव में 25 प्रतिशत रिजर्व कर्मचारी इसलिए रखे जाते हैं ताकि ड्यूटी में लगा यदि कोई कर्मचारी किसी आपात स्थिति या अन्य कारणों से पोलिंग बूथ पर न पहुंचे पाए तो उसकी जगह रिजर्व ड्यूटी में रखे गए स्टाफ को भेजा जा सके। पांच साल में लोकसभा, विधानसभा, शहरी निकाय के अलावा ग्राम पंचायत के चुनाव होते हैं। परंतु काफी कर्मचारी ऐसे हैं जो इन चुनावों के लिए भी ड्यूटी नहीं कर सकते। यह ड्यूटी भी मुफ्त में नहीं करवाई जाती। इसके लिए चुनाव आयोग द्वारा कर्मचारी के पद के हिसाब से भुगतान किया जाता है।
इसके बावजूद कर्मचारी चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए एक से एक बहाने बना रहे हैं। अब कर्मचारी कहीं बीमारी का बहाना बना रहे हैं तो कहीं परिवार में शादी होने की बात कही जा रही है। वहीं ऐसे कर्मचारी भी हैं जिनका यहां तक कहना है कि यदि वह चुनाव ड्यूटी पर चले गए तो पीछे से घर पर उनके माता-पिता देखभाल करने वाला कोई नहीं है। इनके अलावा कर्मचारी खुद का ब्लड प्रेशर बढ़ने, शुगर बढ़ने, हार्ट की दिक्कत होने समेत अन्य कारण गिनवा रहे हैं। इसके लिए कर्मचारी बड़ी संख्या में जिला नागरिक अस्पताल में मेडिकल बनवाने के लिए भी पहुंच रहे हैं।
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नेताओं से करवा रहे हैं फोन
ऐसे कर्मचारी भी हैं जिन्हें चुनाव ड्यूटी नहीं कटने के लिए साफ जवाब मिल चुका है। जब ड्यूटी नहीं कटी तो कर्मचारियों ने अपनी राजनीतिक पहुंच दिखानी शुरू कर दी। इसके लिए सत्ता पक्ष के नेताओं, विधायकों व मंत्रियों के यहां से फोन कराया जा रहा है। शुरूआत में जब चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए कर्मचारी आ रहे तो अधिकारियों ने मजबूरी समझ कर उन्हें अनुमति दे दी थी। परंतु अब लाइन लगी हो अधिकारियों को भी काफी माथा-पच्ची करनी पड़ रही है।
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चुनाव से बचना नहीं चाहिए : सोनू राम
नगर निगम चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम जगाधरी सोनू राम का कहना है कि चुनाव ड्यूटी से बचना नहीं चाहिए। ऐसे अवसर कुछ न कुछ नया सीखने का मौका देते हैं। किसी कर्मचारी की यदि बहुत ज्यादा गंभीर समस्या थी उस पर ही विचार किया गया है। अब किसी की चुनाव ड्यूटी नहीं काटी जा रही।
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चुनाव से तीन दिन पहले तक ड्यूटी कटवाने के लिए आ रहे कर्मचारियों से एसडीएम से लेकर डीसी तक सभी परेशान हो गए हैं। निकाय चुनाव के लिए कुल 2054 कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें करीब 500 कर्मचारी ऐसे हैं जो रिजर्व रखे गए हैं। किसी भी चुनाव में 25 प्रतिशत रिजर्व कर्मचारी इसलिए रखे जाते हैं ताकि ड्यूटी में लगा यदि कोई कर्मचारी किसी आपात स्थिति या अन्य कारणों से पोलिंग बूथ पर न पहुंचे पाए तो उसकी जगह रिजर्व ड्यूटी में रखे गए स्टाफ को भेजा जा सके। पांच साल में लोकसभा, विधानसभा, शहरी निकाय के अलावा ग्राम पंचायत के चुनाव होते हैं। परंतु काफी कर्मचारी ऐसे हैं जो इन चुनावों के लिए भी ड्यूटी नहीं कर सकते। यह ड्यूटी भी मुफ्त में नहीं करवाई जाती। इसके लिए चुनाव आयोग द्वारा कर्मचारी के पद के हिसाब से भुगतान किया जाता है।
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इसके बावजूद कर्मचारी चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए एक से एक बहाने बना रहे हैं। अब कर्मचारी कहीं बीमारी का बहाना बना रहे हैं तो कहीं परिवार में शादी होने की बात कही जा रही है। वहीं ऐसे कर्मचारी भी हैं जिनका यहां तक कहना है कि यदि वह चुनाव ड्यूटी पर चले गए तो पीछे से घर पर उनके माता-पिता देखभाल करने वाला कोई नहीं है। इनके अलावा कर्मचारी खुद का ब्लड प्रेशर बढ़ने, शुगर बढ़ने, हार्ट की दिक्कत होने समेत अन्य कारण गिनवा रहे हैं। इसके लिए कर्मचारी बड़ी संख्या में जिला नागरिक अस्पताल में मेडिकल बनवाने के लिए भी पहुंच रहे हैं।
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नेताओं से करवा रहे हैं फोन
ऐसे कर्मचारी भी हैं जिन्हें चुनाव ड्यूटी नहीं कटने के लिए साफ जवाब मिल चुका है। जब ड्यूटी नहीं कटी तो कर्मचारियों ने अपनी राजनीतिक पहुंच दिखानी शुरू कर दी। इसके लिए सत्ता पक्ष के नेताओं, विधायकों व मंत्रियों के यहां से फोन कराया जा रहा है। शुरूआत में जब चुनाव ड्यूटी से नाम कटवाने के लिए कर्मचारी आ रहे तो अधिकारियों ने मजबूरी समझ कर उन्हें अनुमति दे दी थी। परंतु अब लाइन लगी हो अधिकारियों को भी काफी माथा-पच्ची करनी पड़ रही है।
चुनाव से बचना नहीं चाहिए : सोनू राम
नगर निगम चुनाव के रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम जगाधरी सोनू राम का कहना है कि चुनाव ड्यूटी से बचना नहीं चाहिए। ऐसे अवसर कुछ न कुछ नया सीखने का मौका देते हैं। किसी कर्मचारी की यदि बहुत ज्यादा गंभीर समस्या थी उस पर ही विचार किया गया है। अब किसी की चुनाव ड्यूटी नहीं काटी जा रही।