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Yamuna Nagar News: वार्डबंदी आकलन में उलझे चुनाव के दावेदार
Mon, 09 Dec 2024 12:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Mon, 09 Dec 2024 12:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी चुनाव लड़ने के इच्छुक दोवदार वार्डबंदी के ड्राफ्ट का आकलन करने में लग गए हैं पर इसमें संपत्तियों के मालिक के नाम के स्थान पर अलग-अलग प्रॉपर्टी आईडी होने से वह उलझन में हैं। उनकी मानें तो प्रॉपर्टी आईडी का ब्योरा नगर निगम व जमाबंदी पोर्टल पर ऑनलाइन नहीं दिख रहा।
ऐसे में प्रॉपर्टी आईडी के स्थान पर संपत्तियों के मालिक के नाम दिए जाने की मांग है। नगर निगम यमुनानगर जगाधरी की वार्डबंदी का ड्राफ्ट शहरी स्थानीय निकाय ओर से ने शनिवार को सार्वजनिक कर दिया गया। इसके तहत नगर निगम कार्यालय के सूचना पट्ट पर वार्डों की सीमाओं की अनुसूची चस्पाई गई। कई पूर्व पार्षदों व चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों को इस बात की चिंता है कि कहीं उनके प्रभाव वाला क्षेत्र दूसरे वार्ड में शामिल न हो गया हो।
साथ ही विपक्ष के कई पूर्व पार्षदों को सत्तापक्ष के हस्तक्षेप से वार्डों के क्षेत्र में फेरबदल की आशंका है। ऐसे में उन्होंने वार्डबंदी के ड्राफ्ट की प्रति जुटाने के बाद वार्डबंदी का आकलन शुरू कर दिया है, लेकिन वह प्रॉपर्टी आईडी की उलझन में उलझे नजर आ रहे हैं। क्योंकि इस बार हर वार्ड की सीमाएं व क्षेत्र बताने के लिए ड्राफ्ट में अलग-अलग प्रॉपर्टी आईडी संख्या दी गई हैं।
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कई पूर्व पार्षदों ने रविवार को इन प्रॉपर्टी आईडी का ब्योरा ऑनलाइन देखने का प्रयास किया, पर उन्हें नहीं मिला। पूर्व पार्षदों में नीरज राणा, विनोद मरवाह ने कहा कि नगर निगम और जमाबंदी के पोर्टल पर इन प्रॉपर्टी आईडी से प्रॉपर्टी मालिक नाम व क्षेत्र देखने के कई बार प्रयास किए, पर यह ब्योरा नहीं मिला।
नगर निगम की वेबसाइट पर प्रॉपर्टी टैक्स के विकल्प पर क्लिक करने पर पेज नहीं खुला। यही स्थिति जमाबंदी पोर्टल पर रही। ऐसे में वार्ड में कौन-सा क्षेत्र शामिल किया गया और कौन-सा क्षेत्र वार्ड से हटाया गया, यह पता नहीं लगा पाए। ऐसे में ड्राफ्ट पर आपत्तियां व सुझाव देने में असमर्थ हैं। उनकी मांग है कि ड्राफ्ट में प्रॉपर्टी आईडी के स्थान पर मालिक के नाम दिए जाएं। निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने कहा कि समस्या के समाधान के प्रयास होंगे। नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।
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यमुनानगर। नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी चुनाव लड़ने के इच्छुक दोवदार वार्डबंदी के ड्राफ्ट का आकलन करने में लग गए हैं पर इसमें संपत्तियों के मालिक के नाम के स्थान पर अलग-अलग प्रॉपर्टी आईडी होने से वह उलझन में हैं। उनकी मानें तो प्रॉपर्टी आईडी का ब्योरा नगर निगम व जमाबंदी पोर्टल पर ऑनलाइन नहीं दिख रहा।
ऐसे में प्रॉपर्टी आईडी के स्थान पर संपत्तियों के मालिक के नाम दिए जाने की मांग है। नगर निगम यमुनानगर जगाधरी की वार्डबंदी का ड्राफ्ट शहरी स्थानीय निकाय ओर से ने शनिवार को सार्वजनिक कर दिया गया। इसके तहत नगर निगम कार्यालय के सूचना पट्ट पर वार्डों की सीमाओं की अनुसूची चस्पाई गई। कई पूर्व पार्षदों व चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों को इस बात की चिंता है कि कहीं उनके प्रभाव वाला क्षेत्र दूसरे वार्ड में शामिल न हो गया हो।
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साथ ही विपक्ष के कई पूर्व पार्षदों को सत्तापक्ष के हस्तक्षेप से वार्डों के क्षेत्र में फेरबदल की आशंका है। ऐसे में उन्होंने वार्डबंदी के ड्राफ्ट की प्रति जुटाने के बाद वार्डबंदी का आकलन शुरू कर दिया है, लेकिन वह प्रॉपर्टी आईडी की उलझन में उलझे नजर आ रहे हैं। क्योंकि इस बार हर वार्ड की सीमाएं व क्षेत्र बताने के लिए ड्राफ्ट में अलग-अलग प्रॉपर्टी आईडी संख्या दी गई हैं।
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कई पूर्व पार्षदों ने रविवार को इन प्रॉपर्टी आईडी का ब्योरा ऑनलाइन देखने का प्रयास किया, पर उन्हें नहीं मिला। पूर्व पार्षदों में नीरज राणा, विनोद मरवाह ने कहा कि नगर निगम और जमाबंदी के पोर्टल पर इन प्रॉपर्टी आईडी से प्रॉपर्टी मालिक नाम व क्षेत्र देखने के कई बार प्रयास किए, पर यह ब्योरा नहीं मिला।
नगर निगम की वेबसाइट पर प्रॉपर्टी टैक्स के विकल्प पर क्लिक करने पर पेज नहीं खुला। यही स्थिति जमाबंदी पोर्टल पर रही। ऐसे में वार्ड में कौन-सा क्षेत्र शामिल किया गया और कौन-सा क्षेत्र वार्ड से हटाया गया, यह पता नहीं लगा पाए। ऐसे में ड्राफ्ट पर आपत्तियां व सुझाव देने में असमर्थ हैं। उनकी मांग है कि ड्राफ्ट में प्रॉपर्टी आईडी के स्थान पर मालिक के नाम दिए जाएं। निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने कहा कि समस्या के समाधान के प्रयास होंगे। नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।