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सम्मान भत्ता पाने के लिए बुजुर्गों ने भरी हुंकार, डीसी कार्यालय में किया प्रदर्शन
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यमुनानगर। हाथों में लाठी, लड़खड़ाते कदम और चिलचिलाती धूप के बीच पेंशन पाने की आस में बुजुर्ग अनाजमंडी में एकत्रित हुए। यहां उन्होंने पेंशन न मिलने का आरोप लगाते हुए सरकार और विभाग अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी की। सूचना मिलते ही एसडीएम सुशील कुमार मौके पर पहुंचे और उन्होंने बुजुर्गों की समस्या को सुना। इस दौरान बुजुर्गों ने एसडीएम सुशील कुमार को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।
बुजुर्गों ने एसडीएम को व्यथा सुनाई। किसी ने कहा कि दो महीने से पेंशन नहीं आई है, उसके पास दवाई लेने तक के पैसे नहीं है। किसी ने कहा कि वह निशक्त है और पेंशन से ही उसका गुजारा होता है। किसी की विधवा पेंशन तो किसी की बुढ़ापा पेंशन है। तो किसी ने पेंशन कटने का दुखड़ा रोया।
बुजुर्गों के हंगामे के सूचना पाकर जिला समाज कल्याण अधिकारी विनोद कुमार लघु सचिवालय पहुंचे। विनोद कुमार के हाथ में फैक्चर है और प्लास्टर लगाकर वे लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान बुजुर्गों को समझाने में अधिकारियों के पसीने छूट गए। यहां विनोद ने कहा कि वे बुजुर्गों की समस्याएं समझते हैं। यह परेशानी विभाग की ओर से नहीं आई है। उनकी परिवार पहचान पत्र में आय ज्यादा लिख दी गई है। पोर्टल पर अपलोड होने से उनकी पेंशन कट गई। इस खामी को दूर कर दिया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
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बुजुर्गों के समर्थन में उतरी भाकपा
बुजुर्ग पेंशन पाने के लिए दो महीने से धक्के खा रहे हैं। इस दौरान बुजुर्गों ने प्रदर्शन भी किया लेकिन समाधान नहीं हुआ। ऐसे में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बुजुर्गों के समर्थन में उतर आई। पार्टी की ओर से पिछले सप्ताह गांव-गांव से पेंशन न पाने वाले पात्रों की जानकारी एकत्र कर विभाग को सौंपी गई थी। जिसके बाद सोमवार को बुजुर्गों के समर्थन में पार्टी नेता व कार्यकर्ता एसडीएम से मिले। यहां अनाजमंडी में पार्टी कार्यकर्ताओं ने बुजुर्गों के पेंशन फार्म भरे। इस दौरान अरुण कुमार, नीलम संधू, गुरभजन सिंह मुंझेल, विपिन बरार, विजय पाल, राम करण शर्मा, फकीर चंद, धर्मपाल टप्परवाल सहित अन्य पार्टी सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो:- 13
25 किलोमीटर से आए
गांव ज्ञानेवाला निवासी बलवीर निशक्त हैं और उन्हें विकलांग पेंशन मिलती है। दो महीने से उसे पेंशन नहीं मिली। इस बारे में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से बात की लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। पेंशन न मिलने से उन्हें भारी आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। इसलिए आज वह 25 किलोमीटर दूर यहां पहुंचा है।
फोटो:- 14
आय का साधन नहीं
बिलासपुर के गांव ज्ञानेवाला निवासी सुमन को विकलांग पेंशन मिलती है। उनकी दोनों टांगें काम नहीं करती हैं। पेंशन से उनका खर्च चलता है। दो महीने से सरकार की ओर से भत्ता नहीं मिला। ऐसे में वे दवा के लिए भी मोहताज हो गए हैं। मौसम ऐसा है कि रोज बीमार हो रहे हैं लेकिन इलाज करवाने के लिए रुपये नहीं है।
फोटो:- 15
खंड छछरौली निवासी सुरेश कुमार भी पेंशन न आने से परेशान हैं। उसका एक हाथ दुर्घटना में कट गया था। उसे पता चला था कि जिनकी पेंशन नहीं आई है उन्हें सोमवार को बुलाया गया है। जिसके बाद वह गर्मी में किराया खर्च कर ऑटो से अनाजमंडी पहुंचा। सुरेश ने कहा कि हाथ न होने से वह अन्य लोगों की तरह काम नहीं कर सकता है।
फोटो:- 16
चल नहीं पातीं, पर पेंशन के लिए आई
बाड़ीमाजरा निवासी लाजोदेवी ने बताया कि हादसे में उसकी दोनों टांगें टूट गई थीं। काफी इलाज करवाया लेकिन टांगें ठीक नहीं हुई। अब वह वॉकर के सहारे के चलती हैं। उसके पास आमदनी का कोई जरिया नहीं है। पेंशन से उसका गुजारा होता है। दो महीने से पेंशन नहीं आई तो घर का सामान तक नहीं ले पा रही हैं। आज भी वह पेंशन मिलने की आस से यहां पहुंची थीं।
बुजुर्गों की पेंशन पोर्टल पर आई दिक्कत के कारण कटी है। जिसके लिए कर्मचारी काम कर रहे हैं। उनकी पीपीपी में आय अधिक होने के कारण ऐसी दिक्कत आई है। जिसे दूर किया जा रहा है, जल्द ही पात्रों को पेंशन मिल जाएगी।
- सुशील कुमार, एसडीएम, यमुनानगर।
पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) में आय अधिक होने व सरकारी पेंशन लिखा होने से पोर्टल ने इसे रिजेक्ट कर दिया। जिससे कई लोगों की पेंशन कट गई। यह खामी सीएससी सेंटर की तरफ से हुई है। आज बुजुर्गों के फार्म लिए गए हैं। अब इसे ठीक कर दिया जाएगा।
- विनोद कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी।
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बुजुर्गों ने एसडीएम को व्यथा सुनाई। किसी ने कहा कि दो महीने से पेंशन नहीं आई है, उसके पास दवाई लेने तक के पैसे नहीं है। किसी ने कहा कि वह निशक्त है और पेंशन से ही उसका गुजारा होता है। किसी की विधवा पेंशन तो किसी की बुढ़ापा पेंशन है। तो किसी ने पेंशन कटने का दुखड़ा रोया।
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बुजुर्गों के हंगामे के सूचना पाकर जिला समाज कल्याण अधिकारी विनोद कुमार लघु सचिवालय पहुंचे। विनोद कुमार के हाथ में फैक्चर है और प्लास्टर लगाकर वे लघु सचिवालय पहुंचे। इस दौरान बुजुर्गों को समझाने में अधिकारियों के पसीने छूट गए। यहां विनोद ने कहा कि वे बुजुर्गों की समस्याएं समझते हैं। यह परेशानी विभाग की ओर से नहीं आई है। उनकी परिवार पहचान पत्र में आय ज्यादा लिख दी गई है। पोर्टल पर अपलोड होने से उनकी पेंशन कट गई। इस खामी को दूर कर दिया जाएगा। इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम एसडीएम को ज्ञापन सौंपा।
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बुजुर्गों के समर्थन में उतरी भाकपा
बुजुर्ग पेंशन पाने के लिए दो महीने से धक्के खा रहे हैं। इस दौरान बुजुर्गों ने प्रदर्शन भी किया लेकिन समाधान नहीं हुआ। ऐसे में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी बुजुर्गों के समर्थन में उतर आई। पार्टी की ओर से पिछले सप्ताह गांव-गांव से पेंशन न पाने वाले पात्रों की जानकारी एकत्र कर विभाग को सौंपी गई थी। जिसके बाद सोमवार को बुजुर्गों के समर्थन में पार्टी नेता व कार्यकर्ता एसडीएम से मिले। यहां अनाजमंडी में पार्टी कार्यकर्ताओं ने बुजुर्गों के पेंशन फार्म भरे। इस दौरान अरुण कुमार, नीलम संधू, गुरभजन सिंह मुंझेल, विपिन बरार, विजय पाल, राम करण शर्मा, फकीर चंद, धर्मपाल टप्परवाल सहित अन्य पार्टी सदस्य उपस्थित रहे।
फोटो:- 13
25 किलोमीटर से आए
गांव ज्ञानेवाला निवासी बलवीर निशक्त हैं और उन्हें विकलांग पेंशन मिलती है। दो महीने से उसे पेंशन नहीं मिली। इस बारे में जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों से बात की लेकिन कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। पेंशन न मिलने से उन्हें भारी आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है। इसलिए आज वह 25 किलोमीटर दूर यहां पहुंचा है।
फोटो:- 14
आय का साधन नहीं
बिलासपुर के गांव ज्ञानेवाला निवासी सुमन को विकलांग पेंशन मिलती है। उनकी दोनों टांगें काम नहीं करती हैं। पेंशन से उनका खर्च चलता है। दो महीने से सरकार की ओर से भत्ता नहीं मिला। ऐसे में वे दवा के लिए भी मोहताज हो गए हैं। मौसम ऐसा है कि रोज बीमार हो रहे हैं लेकिन इलाज करवाने के लिए रुपये नहीं है।
फोटो:- 15
खंड छछरौली निवासी सुरेश कुमार भी पेंशन न आने से परेशान हैं। उसका एक हाथ दुर्घटना में कट गया था। उसे पता चला था कि जिनकी पेंशन नहीं आई है उन्हें सोमवार को बुलाया गया है। जिसके बाद वह गर्मी में किराया खर्च कर ऑटो से अनाजमंडी पहुंचा। सुरेश ने कहा कि हाथ न होने से वह अन्य लोगों की तरह काम नहीं कर सकता है।
फोटो:- 16
चल नहीं पातीं, पर पेंशन के लिए आई
बाड़ीमाजरा निवासी लाजोदेवी ने बताया कि हादसे में उसकी दोनों टांगें टूट गई थीं। काफी इलाज करवाया लेकिन टांगें ठीक नहीं हुई। अब वह वॉकर के सहारे के चलती हैं। उसके पास आमदनी का कोई जरिया नहीं है। पेंशन से उसका गुजारा होता है। दो महीने से पेंशन नहीं आई तो घर का सामान तक नहीं ले पा रही हैं। आज भी वह पेंशन मिलने की आस से यहां पहुंची थीं।
बुजुर्गों की पेंशन पोर्टल पर आई दिक्कत के कारण कटी है। जिसके लिए कर्मचारी काम कर रहे हैं। उनकी पीपीपी में आय अधिक होने के कारण ऐसी दिक्कत आई है। जिसे दूर किया जा रहा है, जल्द ही पात्रों को पेंशन मिल जाएगी।
- सुशील कुमार, एसडीएम, यमुनानगर।
पीपीपी (परिवार पहचान पत्र) में आय अधिक होने व सरकारी पेंशन लिखा होने से पोर्टल ने इसे रिजेक्ट कर दिया। जिससे कई लोगों की पेंशन कट गई। यह खामी सीएससी सेंटर की तरफ से हुई है। आज बुजुर्गों के फार्म लिए गए हैं। अब इसे ठीक कर दिया जाएगा।
- विनोद कुमार, जिला समाज कल्याण अधिकारी।