जिले में ठंड का प्रकोप है। दिन में पारा 10-12 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। जबकि रात को तापमान दो डिग्री तक जा पहुंचा है। दिन रात चलने वाली शीत लहर ने जीवन अस्त व्यस्त कर दिया है। ऐसे में खुले आसमान के नीचे रात बिताना जान आफत में डालने के बराबर है। वैसे तो लोग अपने घरों में दुबके रहते हैं, लेकिन बेसहारों के लिए सरकार की ओर से रैन बसेरों की व्यवस्था की गई है। लेकिन यहां कि व्यवस्था ऐसी है कि लोगों का यहां रुकने का मन ही नहीं करता। वहीं शाम के समय ही रैन बसेरा के कर्मचारी ताला लगाकर खुद सौ जाते हैं। इसे लेकर अमर उजाला कई दिन रैन बसेरों की खबरें प्रकाशित कर चुका है। जिसके बाद अधिकारियों ने व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए थे और निरीक्षण कर जांच की थी। ऐसे में शनिवार रात को प्रदेश कैबिनेट मिनिस्टर कंवरपाल रैन बसेरों में पहुंचे। यहां उन्होंने बसेरों का निरीक्षण किया और लोगों से बातचीत की। शिक्षा मंत्री कंवरपाल जगाधरी बस स्टैंड, यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन पर बने रैन बसेरों में पहुंचे। यहां उन्होंने लोगों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। उन्होंने यहां पहुंचकर रजिस्टर की चेकिंग की। उन्होंने कर्मचारी से वहां रुकने वाले लोगों के बारे पूछा और रजिस्टर की एंट्री का मिलान किया।
इस दौरान शिक्षा मंत्री ने वहां मौजूद लोगों से बातचीत कर उनसे मिलने वाली सुविधाओं के बारे पूछा। उन्होंने लोगों को ओढ़ने के लिए दिए जाने वाले कंवल जांचे कि वह स्वच्छ हैं या नहीं। इस दौरान मंत्री कंवरपाल ने रैन बसेरों में रुके लोगों को गर्म जर्सियां बांटी। शिक्षा मंत्री कंवरपाल ने कहा कि हरियाणा सरकार रैन बसेरों में ज्यादा से ज्यादा सुविधाएं उपलब्ध कराएगी, ताकि ठंड के मौसम में किसी भी व्यक्ति को खुले आसमान के नीचे न सोना पड़े। उन्होंने कहा कि रेडक्रास सहित सभी अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि कोई भी व्यक्ति रात को खुले में सोता है तो उसे वहां से उठाकर उसे गर्म वस्त्र उपलब्ध कराएं और उस को रैन बसेरों में लाकर ठहराए। उन्होंने कहा कि आगे भी इसी प्रकार रैन बसेरों का औचक निरीक्षण करते रहेंगे।