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Yamuna Nagar News: सख्ती और जागरूकता गतिविधियों के असर से थमी डेंगू की रफ्तार
Tue, 17 Dec 2024 01:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Tue, 17 Dec 2024 01:00 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। नवंबर माह में जिस तरह से जिले में डेंगू के केस बढ़ने लगे थे उसे देखते हुए लग रहा था कि इस बार आंकड़ा 400 के पार जा सकता है। परंतु ऐसा नहीं हुआ। इस बार डेंगू के मरीजों की संख्या 200 तक भी नहीं पहुंच पाई है। मरीजों का आंकड़ा 188 पर आकर रूक गया है।
इस बार जिला मलेरिया विभाग द्वारा बरती गई सतर्कता और जागरूकता के अलावा नगर निगम द्वारा लगातार की गई फॉगिंग की वजह से डेंगू को बढ़ने से रोक दिया गया। क्योंकि अब सर्दी बढ़ने लगी है ऐसे में माना जा रहा है कि डेंगू के अब ज्यादा मामले बढ़ने की उम्मीद भी नहीं है। वह इसलिए क्योंकि सर्दी की वजह से मच्छर मरने लगे हैं।
इस बार जिले में डेंगू के सारे केस टाइप-टू के ही मिले। डेंगू टाइप-टू टाइप-वन से थोड़ा ज्यादा तकलीफदेह होता है। 188 में से केवल एक मरीज ही टाइप-ए का मिला था। जिला मलेरिया विभाग की तरफ से मच्छरों का लारवा जांचने के लिए इस बार 40 ब्रीडिंग चेकर रखे गए थे। इनमें से 10 ग्रामीण व 30 शहरी क्षेत्र में लगाए गए थे।
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इसके साथ ही प्रत्येक सोमवार काे प्रवासी मजदूरों के आबादी क्षेत्र में लारवा की चेकिंग व जागरूकता कार्यक्रम किए गए। ऐसा पहली बार देखा गया कि जब नगर निगम की तरफ से सभी वार्डों में एक-दो बार नहीं बल्कि कई-कई बार बार फॉगिंग कराई गई। इतना ही नहीं यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने भी स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के अधिकारियों की कई बार बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि फॉगिंग अभियान रूकना नहीं चाहिए। उधर डेंगू से लोगों को निजात दिलाने के लिए कुछ एनजीओ भी स्वास्थ्य विभाग की मदद करने के लिए आगे आई।
रोटरी क्लब यमुनानगर रिवेरा ने अधिकारियों के साथ मिलकर लोगों को जागरूक किया। डेंगू के 101 केस ग्रामीण व 87 शहरी क्षेत्र में मिले। इनमें 110 पुरुष व 78 महिलाएं डेंगू की शिकार हुई। वहीं 7941 जगह पर डेंगू फैलाने वाले मच्छरों का लारवा मिला जिसके बाद लोगों को नोटिस दिए गए।
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यमुनानगर। नवंबर माह में जिस तरह से जिले में डेंगू के केस बढ़ने लगे थे उसे देखते हुए लग रहा था कि इस बार आंकड़ा 400 के पार जा सकता है। परंतु ऐसा नहीं हुआ। इस बार डेंगू के मरीजों की संख्या 200 तक भी नहीं पहुंच पाई है। मरीजों का आंकड़ा 188 पर आकर रूक गया है।
इस बार जिला मलेरिया विभाग द्वारा बरती गई सतर्कता और जागरूकता के अलावा नगर निगम द्वारा लगातार की गई फॉगिंग की वजह से डेंगू को बढ़ने से रोक दिया गया। क्योंकि अब सर्दी बढ़ने लगी है ऐसे में माना जा रहा है कि डेंगू के अब ज्यादा मामले बढ़ने की उम्मीद भी नहीं है। वह इसलिए क्योंकि सर्दी की वजह से मच्छर मरने लगे हैं।
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इस बार जिले में डेंगू के सारे केस टाइप-टू के ही मिले। डेंगू टाइप-टू टाइप-वन से थोड़ा ज्यादा तकलीफदेह होता है। 188 में से केवल एक मरीज ही टाइप-ए का मिला था। जिला मलेरिया विभाग की तरफ से मच्छरों का लारवा जांचने के लिए इस बार 40 ब्रीडिंग चेकर रखे गए थे। इनमें से 10 ग्रामीण व 30 शहरी क्षेत्र में लगाए गए थे।
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इसके साथ ही प्रत्येक सोमवार काे प्रवासी मजदूरों के आबादी क्षेत्र में लारवा की चेकिंग व जागरूकता कार्यक्रम किए गए। ऐसा पहली बार देखा गया कि जब नगर निगम की तरफ से सभी वार्डों में एक-दो बार नहीं बल्कि कई-कई बार बार फॉगिंग कराई गई। इतना ही नहीं यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने भी स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम के अधिकारियों की कई बार बैठक ली। उन्होंने निर्देश दिए कि फॉगिंग अभियान रूकना नहीं चाहिए। उधर डेंगू से लोगों को निजात दिलाने के लिए कुछ एनजीओ भी स्वास्थ्य विभाग की मदद करने के लिए आगे आई।
रोटरी क्लब यमुनानगर रिवेरा ने अधिकारियों के साथ मिलकर लोगों को जागरूक किया। डेंगू के 101 केस ग्रामीण व 87 शहरी क्षेत्र में मिले। इनमें 110 पुरुष व 78 महिलाएं डेंगू की शिकार हुई। वहीं 7941 जगह पर डेंगू फैलाने वाले मच्छरों का लारवा मिला जिसके बाद लोगों को नोटिस दिए गए।