फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Yamuna Nagar News ›   Due to the attitude of the railways, the drainage plan has remained incomplete for five years.

Yamuna Nagar News: रेलवे के रवैये से जलनिकासी की योजना पांच साल से अधूरी

Tue, 28 Oct 2025 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Tue, 28 Oct 2025 12:48 AM IST
विज्ञापन
Due to the attitude of the railways, the drainage plan has remained incomplete for five years.
यहीं पर रेल लाइन के नीचे से दबाया जाना है पाइप। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


यमुनानगर। रेलवे के रवैये ने जगाधरी शहर की जलनिकासी योजना पर पांच साल से ब्रेक लगा रखा है। वह भी तब जब रेलवे ने रेल लाइन के नीचे पाइप लाइन दबाने के लिए नगर निगम से चार करोड़ रुपये ले लिए थे। इसका खामियाजा हर साल मानसून में जगाधरी व यमुनानगर शहर के लोग भुगत रहे हैं।
तेज बारिश होने पर जगाधरी शहर का एक बड़ा हिस्सा बरसाती पानी में डूब जाता है। पाइप लाइन दबाने के लिए नगर निगम ने कई बार रेलवे को पत्र भी लिखा, लेकिन रेलवे अधिकारी अपनी मर्जी से काम करने की जिद पर अड़े हैं। सूत्रों की माने तो रेलवे नगर निगम से अभी और पैसा मांग सकता है। वह इसलिए कि पांच साल पहले के एस्टीमेट के आधार पर रेलवे ने निगम से रुपये लिए थे। तब से अब तक महंगाई काफी बढ़ चुकी है।
विज्ञापन

बरसात होने पर जगाधरी शहर का बरसाती पानी यमुनानगर शहर में जलभराव का बड़ा कारण बनता है। इसके लिए जगाधरी के पानी को बड़े पाइप के माध्यम से जम्मू कॉलोनी स्थित सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाने की योजना बनी थी। अमरुत योजना के तहत 24 फरवरी 2019 को बरसाती पानी की निकासी के लिए लाइन डालने के काम का शिलान्यास यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन

साढ़े चार किलोमीटर लंबी लाइन पर नौ करोड़ 15 लाख रुपये खर्च किए जाने थे। 15 अगस्त 2019 तक काम पूरा करने का लक्ष्य रखा था। लाइन में 900 एमएम से 1800 एमएम के पाइप डाले गए हैं। लाइन में 100 मेनहोल बनाए गए। करीब 196 प्वाइंट से गंदा पानी लाइन में डाला जाना है। शिलान्यास के छह माह तक तो एजेंसी ने काम ही शुरू नहीं किया।
पाइप डालने का काम शुरू हुआ तो रेलवे बाईपास के नजदीक आकर रुक गया। पहले यहां बाइपास के साथ लगती जमीन निजी व्यक्ति की निकल आई, जिन्होंने अपनी जमीन से पाइप दबाने से मना कर दिया। इनके साथ किसी तरह सुलह हुई तो रेलवे ने बिना एनओसी पाइप दबाने से मना कर दिया। लाइन के नीचे रेलवे की ओर से ही पाइप दबाया जाना है। इसके लिए नगर निगम ने रेलवे को करीब चार करोड़ रुपये जमा करवाए। पांच साल बाद भी रेलवे ने काम शुरू नहीं किया है।



इन कॉलोनियों को मिलेगी राहत
रेलवे के नीचे पाइप डालने का काम पूरा हो तो इस लाइन में पानी छोड़ा जाएगा। इसमें पानी छोड़ने से सरोजनी कॉलोनी, प्रोफेसर कॉलोनी, टैगोर गार्डन, शक्ति नगर, श्याम नगर, मॉडर्न कॉलोनी, लाजपत नगर, विजय कॉलोनी, चांदपुर, जम्मू कॉलोनी, कैंप एरिया, कृष्णा कॉलोनी, हरिनगर, विष्णु नगर, बैंक कॉलोनी समेत अन्य इलाकों का पानी इसमें डाला जाएगा। इससे शहर के बड़े नालों पर पानी का दबाव कम होगा। नाले ओवरफ्लो नहीं होंगे तो बरसात का पानी भी निचले इलाकों में नुकसान नहीं पहुंचाएगा।

जगाधरी का पानी एसटीपी तक ले जाने में केवल रेलवे लाइन के नीचे से पाइप डालने का काम ही बचा है। इसके लिए कुछ दिन पहले ही रेलवे अधिकारियों से बात हुई है। रेलवे ने जल्द पाइप लाइन डालने का काम शुरू करने की बात कही है। - महाबीर प्रसाद, आयुक्त, नगर निगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed