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Yamuna Nagar News: स्कूल छोड़ चुके बच्चों को पढ़ाएंगे 47 स्वयंसेवक
Fri, 18 Sep 2026 01:50 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Fri, 18 Sep 2026 01:50 AM IST
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स्कूल छोड़ने वाले बच्चों का स्वागत करतीं शिक्षिका।संस्थान
संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। जिले में स्कूल से बाहर रह रहे छह से 14 वर्ष आयु के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 47 एजुकेशन वॉलियंटर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शुक्रवार को चयनित वॉलियंटर को नियुक्ति पत्र दिए गए। ये वॉलियंटर अब ड्रॉपआउट बच्चों को छह माह का ब्रिज कोर्स करवाएंगे और इसके बाद उन्हें उनके क्षेत्र के राजकीय स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा।
समग्र शिक्षा के तहत जिला परियोजना संयोजक एवं जिला परियोजना अधिकारी केएस संधावा के नेतृत्व में चयनित शिक्षा स्वयंसेवक ने 27 अगस्त से पांच सितंबर तक जिले में ड्रॉपआउट बच्चों का सर्वे किया था।
सर्वे के दौरान स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने की योजना तैयार की गई। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद स्वयंसेवकों को आवंटित स्कूलों में भेजा गया। यहां एसटीसी कक्षा में पहुंचने वाले बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया।
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अधिकारियों ने वॉलियंटर को बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाने और उन्हें स्कूल की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में एपीसी डॉ. धर्मबीर कदम और जिला कोऑर्डिनेटर मधु जायसवाल मौजूद रहे।
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जगाधरी। जिले में स्कूल से बाहर रह रहे छह से 14 वर्ष आयु के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए 47 एजुकेशन वॉलियंटर को जिम्मेदारी सौंपी गई है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शुक्रवार को चयनित वॉलियंटर को नियुक्ति पत्र दिए गए। ये वॉलियंटर अब ड्रॉपआउट बच्चों को छह माह का ब्रिज कोर्स करवाएंगे और इसके बाद उन्हें उनके क्षेत्र के राजकीय स्कूलों में दाखिला दिलाया जाएगा।
समग्र शिक्षा के तहत जिला परियोजना संयोजक एवं जिला परियोजना अधिकारी केएस संधावा के नेतृत्व में चयनित शिक्षा स्वयंसेवक ने 27 अगस्त से पांच सितंबर तक जिले में ड्रॉपआउट बच्चों का सर्वे किया था।
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सर्वे के दौरान स्कूल से बाहर बच्चों की पहचान कर उन्हें शिक्षा से जोड़ने की योजना तैयार की गई। नियुक्ति पत्र मिलने के बाद स्वयंसेवकों को आवंटित स्कूलों में भेजा गया। यहां एसटीसी कक्षा में पहुंचने वाले बच्चों का तिलक लगाकर स्वागत किया गया।
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अधिकारियों ने वॉलियंटर को बच्चों को नियमित रूप से पढ़ाने और उन्हें स्कूल की मुख्यधारा से जोड़ने के निर्देश दिए। कार्यक्रम में एपीसी डॉ. धर्मबीर कदम और जिला कोऑर्डिनेटर मधु जायसवाल मौजूद रहे।