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Yamuna Nagar News: डॉक्टर नहीं होने से गर्भवतियां जगाधरी हो रहीं रेफर

Fri, 20 Dec 2024 03:18 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Fri, 20 Dec 2024 03:18 AM IST
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Due to lack of doctors, pregnant women are being referred
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल में गायनी न होने से गर्भवतियों की परेशानी बढ़ गई है। गायनी न होने से उन गर्भवतियों को सब डिवीजन नागरिक अस्पताल जगाधरी में रेफर किया जा रहा जिनकी डिलीवरी सर्जरी से होनी है। ऐसे में सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी पर काम का बोझ बढ़ गया है। जगाधरी गर्भवतियों को लेटाने के लिए बिस्तर तक नहीं मिल रहे। मजबूरी में जच्चा-बच्चा को बरामदे में या फिर फॉल्डिंग पर लेटाना पड़ रहा है। जिला नागरिक अस्पताल में गायनी के आने से गर्भवतियों की परेशानी कब कम होगी फिलहाल इसे लेकर कुछ भी नहीं कहा जा सकता।
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जिला नागरिक अस्पताल में काफी समय से गायनी का पद खाली पड़ा है। ऐसे में गर्भवतियों को दिक्कत न हो इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने अनुबंध पर गायनी डॉक्टर को रखा था। परंतु गायनी डॉक्टर अब खुर्द गर्भवती हैं। इसलिए वह काफी समय से कभी अस्पताल में आ रही थी और कभी छुट्टी कर लेती थी। परंतु अब वह मेटरनिटी लीव पर चली गई हैं। ऐसे में कई माह तक वह काम पर नहीं लौट पाएंगी। अब जिला अस्पताल में केवल नॉर्मल डिलीवरी ही हो रही हैं। यह डिलीवरी भी अस्पताल का स्टाफ या फिर एमबीबीएस डॉक्टर करवा रहे हैं। जिस महिला की डिलीवरी सर्जरी से होनी है उसे जगाधरी के सब डिवीजन अस्पताल में रेफर कर दिया जाता है। जगाधरी अस्पताल में हर माह 600 डिलीवरी ः सब डिवीजन अस्पताल जगाधरी में हर माह औसतन 600 डिलीवरी होती है। इस तरह से रोजाना 20 डिलीवरी होती है। इनमें 40 प्रतिशत डिलीवरी सर्जरी से होती हैं। जगाधरी अस्पताल 100 बेड का है। जिस महिला की डिलीवरी नॉर्मल होती है उसे कम से कम 72 घंटे और सिजेरियन को पांच से सात दिन तक अस्पताल में रखना पड़ता है। अस्पताल में रोजमर्रा की ओपीडी भी काफी होती है। ऐसे में अस्पताल में हर समय भीड़ रहती है। बेड की कमी को देखते हुए एमएस की तरफ से फॉल्डिंग बेड की व्यवस्था की गई है। कई बार तो दानी सज्जनों से बेड मंगवाने पड़ते हैं।
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अब तो हालत ऐसी हो गई है कि अस्पताल में डिलीवरी के बाद बच्चे व उसकी मां को लेटाने के लिए जगह भी नहीं बची है। इसलिए उन्हें कभी बरामदे में लेटाया जाता है तो कभी कहीं। इतना ही नहीं एक बेड पर दो-दो गर्भवतियों को रखना पड़ रहा है।
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गायनी के लिए लिखा है : सिविल सर्जन डॉ. मंजीत सिंह का कहना है कि जिला अस्पताल में अनुबंध पर गायनी को रखा गया था। वह मेटरनिटी लीव पर चली गई हैं। इसलिए जगाधरी के अस्पताल में गर्भवतियों को रेफर किया जा रहा है। इस बारे में मुख्यालय को अवगत करवा दिया गया है।
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