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Yamuna Nagar News: यमुनानगर-गुमथला मार्ग पर धूल के गुबार से वाहन चालक परेशान
Sun, 18 May 2025 12:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 18 May 2025 12:06 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
जठलाना। नवनिर्मित यमुनानगर-गुमथला मार्ग पर ठेकेदार की लापरवाही वाहन चालकों पर भारी पड़ सकती है। सड़क निर्माण कार्य पूर्ण होने के बावजूद ठेकेदार ने बची हुई रेत हटाने की जहमत नहीं उठाई, जिससे सड़क पर किसी वाहन के गुजरने पर धूल का गुबार उड़ने लगता है। इससे लोगों को हादसे का खतरा सता रहा है।
हालात यह हैं कि जगह-जगह रेत के ढेर नजर आ रहे हैं। इसका सबसे अधिक खामियाजा दोपहिया वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है। जैसे ही कोई वाहन चलता है तो उसके पीछे धूल का गुबार उड़ने लगता है। इससे आगे कुछ भी दिखाई नहीं देता। कई बार तो आमने सामने से आ रहे वाहन एक दूसरे से टकराने से बाल-बाल बचते हैं।
स्थानीय निवासी सर्वजीत सिंह, बलविंद्र, अमरजीत सिंह और सतनाम सिंह ने बताया कि सड़क पर रेत व धूल के कारण न सिर्फ वाहन फिसलने का खतरा है, बल्कि लगातार उड़ती धूल से लोगों को आंखों और सांस की समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल जाने वाले बच्चे, दुपहिया सवार और बुजुर्गों के लिए यह सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनती जा रही है।
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जठलाना। नवनिर्मित यमुनानगर-गुमथला मार्ग पर ठेकेदार की लापरवाही वाहन चालकों पर भारी पड़ सकती है। सड़क निर्माण कार्य पूर्ण होने के बावजूद ठेकेदार ने बची हुई रेत हटाने की जहमत नहीं उठाई, जिससे सड़क पर किसी वाहन के गुजरने पर धूल का गुबार उड़ने लगता है। इससे लोगों को हादसे का खतरा सता रहा है।
हालात यह हैं कि जगह-जगह रेत के ढेर नजर आ रहे हैं। इसका सबसे अधिक खामियाजा दोपहिया वाहन चालकों को उठाना पड़ रहा है। जैसे ही कोई वाहन चलता है तो उसके पीछे धूल का गुबार उड़ने लगता है। इससे आगे कुछ भी दिखाई नहीं देता। कई बार तो आमने सामने से आ रहे वाहन एक दूसरे से टकराने से बाल-बाल बचते हैं।
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स्थानीय निवासी सर्वजीत सिंह, बलविंद्र, अमरजीत सिंह और सतनाम सिंह ने बताया कि सड़क पर रेत व धूल के कारण न सिर्फ वाहन फिसलने का खतरा है, बल्कि लगातार उड़ती धूल से लोगों को आंखों और सांस की समस्याओं का भी सामना करना पड़ रहा है। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने कहा कि स्कूल जाने वाले बच्चे, दुपहिया सवार और बुजुर्गों के लिए यह सड़क दुर्घटनाओं का कारण बनती जा रही है।
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