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शिवाजी पार्क कॉलोनी में मरीजों को जांचा, लिए पानी के सैंपल
अमर उजाला ब्यूरो, यमुनानगर
Updated Thu, 06 Aug 2015 12:08 AM IST
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शिवाजी पार्क कॉलोनी में पीलिया और डायरिया के कुछ केस सामने आने पर स्वास्थ्य तथा जनस्वास्थ्य विभाग की टीमों ने बुधवार को ज्वाइंट आपरेशन चलाया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मरीजों की जांच कर स्टेटस रिपोर्ट तैयार की। साथ ही तीन जगह से पानी के सैंपल लिए, जिन्हें जांच के भेजा। उधर, पब्लिक हेल्थ की टीम देर शाम तक पानी के दूषित होने की वजह जानने में जुटी रही, लेकिन कहीं कोई लीकेज व अन्य फाल्ट नहीं मिला।
कॉलोनी निवासियों की मानें तो माहभर से ट्यूबवेल से घरों में दूषित पेयजल की सप्लाई हो रही है। बीच-बीच में काई युक्त पानी आ रहा है, जिसे पीकर कॉलोनी के एक दर्जन से अधिक बच्चे व किशोर पीलिया की चपेट में आ गए और डायरिया के भी केस सामने आ रहे हैं। अमर उजाला ने पांच अगस्त को खबर प्रकाशित कर यह मामला प्रशासन के संज्ञान में लाया।
इस पर बुधवार को हरकत दिखाते हुए जनस्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें कॉलोनी में पहुंची और ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया। सबसे पहले स्वास्टय विभाग की टीम ने दिनेश कुमार की अगुवाई में जनस्वास्थ्य विभाग की टीम के समक्ष तीन जगह से पानी के सेंपल लिए, जिन्हें जांच के बाद प्रयोगशाला में भेज दिया गया। इसके साथ ही टीम में मरीजों की जांच कर स्टेट्स रिपोर्ट तैयार की गई।
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टीम में शामिल एएनएम व आशा वर्कर्स ने कॉलोनी के घर-घर में जाकर जलजनित रोगों से बचाव के लिए निवासियों को जागरूक किया। उन्होंने लोगों को सप्लाई के पानी को उबालकर पीने की सलाह दी। इसके साथ जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने ट्यूबवेल से सप्लाई लाइन को चेक कर लीकेज व अन्य फॉल्ट को तलाशने का प्रयास किया।
टीम को मौके पर भेजकर पानी की सेंपलिंग की कार्रवाई के साथ आसपास लीकेज व अन्य फॉल्ट ढूंढने का प्रयास किया, किंतु अभी दूषित पानी की वजह टे्रस नहीं हुई है। फिलहाल पाइप लाइन की सफाई कराई जा रही है, ताकि पानी में काई आने की शिकायत को दूर किया जा सके।
सुमित गर्ग, एसडीओ, जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियंत्रिकी विभाग।
कॉलोनी में टीम को भेजकर पानी के तीन सेंपल लिए गए। मरीजों की जांच करने के बाद स्टेटस रिपोर्ट तैयार की गई है और उन्हें व आसपास के लोगों को जलजनित रोगों से बचाव के लिए जागरू किया गया है।
डॉ. रमेश, कार्यवाहक सीएमओ, यमुनानगर।
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कॉलोनी निवासियों की मानें तो माहभर से ट्यूबवेल से घरों में दूषित पेयजल की सप्लाई हो रही है। बीच-बीच में काई युक्त पानी आ रहा है, जिसे पीकर कॉलोनी के एक दर्जन से अधिक बच्चे व किशोर पीलिया की चपेट में आ गए और डायरिया के भी केस सामने आ रहे हैं। अमर उजाला ने पांच अगस्त को खबर प्रकाशित कर यह मामला प्रशासन के संज्ञान में लाया।
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इस पर बुधवार को हरकत दिखाते हुए जनस्वास्थ्य विभाग और स्वास्थ्य विभाग की टीमें कॉलोनी में पहुंची और ज्वाइंट ऑपरेशन चलाया। सबसे पहले स्वास्टय विभाग की टीम ने दिनेश कुमार की अगुवाई में जनस्वास्थ्य विभाग की टीम के समक्ष तीन जगह से पानी के सेंपल लिए, जिन्हें जांच के बाद प्रयोगशाला में भेज दिया गया। इसके साथ ही टीम में मरीजों की जांच कर स्टेट्स रिपोर्ट तैयार की गई।
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टीम में शामिल एएनएम व आशा वर्कर्स ने कॉलोनी के घर-घर में जाकर जलजनित रोगों से बचाव के लिए निवासियों को जागरूक किया। उन्होंने लोगों को सप्लाई के पानी को उबालकर पीने की सलाह दी। इसके साथ जनस्वास्थ्य विभाग की टीम ने ट्यूबवेल से सप्लाई लाइन को चेक कर लीकेज व अन्य फॉल्ट को तलाशने का प्रयास किया।
टीम को मौके पर भेजकर पानी की सेंपलिंग की कार्रवाई के साथ आसपास लीकेज व अन्य फॉल्ट ढूंढने का प्रयास किया, किंतु अभी दूषित पानी की वजह टे्रस नहीं हुई है। फिलहाल पाइप लाइन की सफाई कराई जा रही है, ताकि पानी में काई आने की शिकायत को दूर किया जा सके।
सुमित गर्ग, एसडीओ, जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियंत्रिकी विभाग।
कॉलोनी में टीम को भेजकर पानी के तीन सेंपल लिए गए। मरीजों की जांच करने के बाद स्टेटस रिपोर्ट तैयार की गई है और उन्हें व आसपास के लोगों को जलजनित रोगों से बचाव के लिए जागरू किया गया है।
डॉ. रमेश, कार्यवाहक सीएमओ, यमुनानगर।