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Yamuna Nagar News: जिला नागरिक अस्पताल को कुत्तों ने बनाया ठिकाना
Sun, 14 Jul 2024 03:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sun, 14 Jul 2024 03:24 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल को लावारिस कुत्तों नेठिकाना बना लिया है। सुबह से लेकर रात तक कुत्ते अस्पताल में ही रहते हैं।कुत्तों की रात भी अस्पताल में ही कटती है। वह अपनी मर्जी से बिना किसी डर के किसी भी मरीज के वार्ड, डॉक्टर के केबिन में भी चले जाते हैं, परंतु कोई उन्हें रोकने वाला नहीं है।
नगर निगम के अधिकारी पहले ही कुत्ते पकड़ने को लेकर अपने हाथ खड़े कर चुके हैं। इसका खामियाजा अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीज भुगत रहे हैं। कुत्ते भवन के अंदर भी चैन की नींद लेते रहते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि कोई न तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखाएगा और न ही पकड़ने की हिम्मत जुटा पाएगा।
बड़ी संख्या में लावारिस कुत्ते जिला अस्पताल के भवन व परिसर में रोजाना घूमते रहते हैं। सुबह ओपीडी में मरीजों के आने से पहले ही कुत्ते अंदर डेरा डाल लेते हैं। अस्पताल के अंदर सेंट्रल एसी चलता है। बाहर गर्मी लगती है। इसलिए कुत्ते भी ठंडी हवा का आनंद अस्पताल के अंदर बड़े आराम से लेते हैं। यहां तक की जहां पर मरीज दवा लेने के लिए लाइन में लगते हैं वहां पर भी कुत्ते बैठे रहते हैं।
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अस्पताल के अंदर कब लावारिस कुत्ते मरीज को अपने दांतों से काट लें, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। पहले तो कुत्ते केवल अस्पताल परिसर में ही घूमते थे। अब यह अस्पताल के अंदर मरीजों के पास ही बैठे रहते हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 1500 से 1800 मरीजों की ओपीडी होती है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण अस्पताल में सुबह से दोपहर तक बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसे में लावारिस कुत्ते अस्पताल में बड़े आराम से बैठे रहते हैं।
नगर निगम के अधिकारियों को बोला था : पीएमओ
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि यह सही है कि अस्पताल में काफी कुत्ते घूमते रहते हैं। इन कुत्तों को पकड़ने के लिए नगर निगम के अधिकारियों से भी कहा गया, लेकिन उन्होंने कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देते हुए इन्हें पकड़ने से मना कर दिया। फिलहाल नगर निगम की तरफ से कुत्तों की नसबंदी भी नहीं की जा रही। फिर भी वह प्रबंध कराएंगी ताकि कोई भी कुत्ता अस्पताल के भवन में प्रवेश न करें।
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यमुनानगर। मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल को लावारिस कुत्तों नेठिकाना बना लिया है। सुबह से लेकर रात तक कुत्ते अस्पताल में ही रहते हैं।कुत्तों की रात भी अस्पताल में ही कटती है। वह अपनी मर्जी से बिना किसी डर के किसी भी मरीज के वार्ड, डॉक्टर के केबिन में भी चले जाते हैं, परंतु कोई उन्हें रोकने वाला नहीं है।
नगर निगम के अधिकारी पहले ही कुत्ते पकड़ने को लेकर अपने हाथ खड़े कर चुके हैं। इसका खामियाजा अस्पताल में उपचार के लिए आने वाले मरीज भुगत रहे हैं। कुत्ते भवन के अंदर भी चैन की नींद लेते रहते हैं क्योंकि उन्हें पता है कि कोई न तो उन्हें बाहर का रास्ता दिखाएगा और न ही पकड़ने की हिम्मत जुटा पाएगा।
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बड़ी संख्या में लावारिस कुत्ते जिला अस्पताल के भवन व परिसर में रोजाना घूमते रहते हैं। सुबह ओपीडी में मरीजों के आने से पहले ही कुत्ते अंदर डेरा डाल लेते हैं। अस्पताल के अंदर सेंट्रल एसी चलता है। बाहर गर्मी लगती है। इसलिए कुत्ते भी ठंडी हवा का आनंद अस्पताल के अंदर बड़े आराम से लेते हैं। यहां तक की जहां पर मरीज दवा लेने के लिए लाइन में लगते हैं वहां पर भी कुत्ते बैठे रहते हैं।
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अस्पताल के अंदर कब लावारिस कुत्ते मरीज को अपने दांतों से काट लें, इस बारे में कुछ कहा नहीं जा सकता। पहले तो कुत्ते केवल अस्पताल परिसर में ही घूमते थे। अब यह अस्पताल के अंदर मरीजों के पास ही बैठे रहते हैं। जिला अस्पताल में रोजाना 1500 से 1800 मरीजों की ओपीडी होती है। मरीजों की संख्या अधिक होने के कारण अस्पताल में सुबह से दोपहर तक बहुत ज्यादा भीड़ रहती है। ऐसे में लावारिस कुत्ते अस्पताल में बड़े आराम से बैठे रहते हैं।
नगर निगम के अधिकारियों को बोला था : पीएमओ
मुकंद लाल जिला नागरिक अस्पताल की पीएमओ डॉ. दिव्या मंगला ने बताया कि यह सही है कि अस्पताल में काफी कुत्ते घूमते रहते हैं। इन कुत्तों को पकड़ने के लिए नगर निगम के अधिकारियों से भी कहा गया, लेकिन उन्होंने कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला देते हुए इन्हें पकड़ने से मना कर दिया। फिलहाल नगर निगम की तरफ से कुत्तों की नसबंदी भी नहीं की जा रही। फिर भी वह प्रबंध कराएंगी ताकि कोई भी कुत्ता अस्पताल के भवन में प्रवेश न करें।