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कुत्तों ने मार डाली सत्तर भेड़ें, प्रशासन अब भी मौन
अमर उजाला, यमुनानगर
Updated Fri, 16 May 2014 01:29 AM IST
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यमुनानगर। जम्मू कॉलोनी में कैंप क्षेत्र का शमशान घाट स्थित है। जिसके आसपास काफी जगह खाली है। जहां लोग अपने मरे पशुओं को फेंक जाते हैं। जिसे आवारा कुत्ते खाते है।
मांस खाने के कारण कॉलोनी के कुत्ते बहुत ही आक्रामक और खूंखार हो गए है। जो किसी पर भी हमला कर देते है। एक दो नहीं कॉलोनी में ऐसे आवारा कुत्तों का एक झुंड है। जिन्हें मांस न मिलने पर यह अन्य जानवरों के साथ-साथ छोटे बच्चों और अन्य लोगों पर भी हमला बोल देते है।
क्षेत्र में कई लोगों को इन कुत्तों ने काट खाया है। पहले भी इन आवारा और खूंखार कुत्तों को पकड़ने को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह बात वार्ड नंबर 14 की महिला पार्षद निर्मला चौहान ने गुरुवार को डीसी से कही। पार्षद ने कहा कि यह इसी का नतीजा है कि मंगलवार देर रात पशुबाड़े में घुसकर खूंखार कुत्तों ने 100 भेड़ों को नोंच खाया। इससे 70 भेड़ों की मौत हो गई।
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पार्षद ने आरोप लगाया कि अगर उस समय कार्रवाई की जाती तो यह घटना नहीं होता। उन्होंने कहा कि कुत्ते इतने खूंखार हो चुके है कि शाम के समय उस ओर जाने वाले लोगों पर हमला कर देते है। वहीं बच्चों और जानवरों पर भी कुत्तों द्वारा कई बार हमला किया जा चुका है।
प्रशासनिक अधिकारी अब भी मौन हैं। पार्षद ने डीसी से गुहार लगाई की जल्द से जल्द समास्या का समाधान किया जाए ताकि लोगों को इस समस्या से निजात मिल सके। इस दौरान कुलदीप, फकीर चंद, प्रीतम लाल, अजरुदीन, शेर सिंह, गुरदीप, ऊषा रानी, राज सिंह, संदीप सिंह, कमल राणा, संतोष कुमार, अंजू, राजेंद्र पाल सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।
22 लोगों का पेट कैसे भरेगा साहब!
डीसी साहब मेरे परिवार के 22 सदस्यों की रोजी रोटी पशुपालन पर ही निर्भर है। जिस कारण उन्होंने भेड़ें पाल रखी है। जो उनकी आय का एक मात्र साधन है। मंगलवार देर रात आवार, खूंखार कुत्तों ने मेरे पशु बाड़े में घुस गए और उसकी 100 भेड़ों को नोंच खाया। 70 को तो इस कद्र काटा की उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अब उनकी भूखे मरने की नौबत आ गई है। 22 लोगों का पेट अब कैसे पलेगा।
कर्ज लेकर उसने भेड़ों का व्यवसाय शुरू किया था। अब वह बर्बाद हो चुका है। यह प्रशासन की लापरवाही के कारण हुआ है जिस कारण प्रशासन को उसकी आर्थिक मदद करनी चाहिए। यह बात जम्मू कॉलोनी बी निवासी बलवंत पाल ने गुरुवार को डीसी से कही। उसने बताया कि भेड़ों के मरने से उसका करीब 4 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
जिससे उसका बाल-बाल कर्जे में डूब गया है। उसने बताया कि कई बार प्रशासन से आवार और खूंखार कुत्तों को पकड़ने को लेकर शिकायत की गई। लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई। जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ रहा है। बलवंत पाल ने डीसी से गुहार लगाई कि प्रशासन की ओर से उसे आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वह फिर से व्यवसाय कर अपने परिवार का पेट पाल सके। इस दौरान कुलदीप, बलवंत पाल, लालचंद, प्रीतम लाल, अशोक पाल, धर्मपाल, कौश्लया देवी सहित अन्य उपस्थित रहे।
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मांस खाने के कारण कॉलोनी के कुत्ते बहुत ही आक्रामक और खूंखार हो गए है। जो किसी पर भी हमला कर देते है। एक दो नहीं कॉलोनी में ऐसे आवारा कुत्तों का एक झुंड है। जिन्हें मांस न मिलने पर यह अन्य जानवरों के साथ-साथ छोटे बच्चों और अन्य लोगों पर भी हमला बोल देते है।
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क्षेत्र में कई लोगों को इन कुत्तों ने काट खाया है। पहले भी इन आवारा और खूंखार कुत्तों को पकड़ने को लेकर प्रशासन से गुहार लगाई थी। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। यह बात वार्ड नंबर 14 की महिला पार्षद निर्मला चौहान ने गुरुवार को डीसी से कही। पार्षद ने कहा कि यह इसी का नतीजा है कि मंगलवार देर रात पशुबाड़े में घुसकर खूंखार कुत्तों ने 100 भेड़ों को नोंच खाया। इससे 70 भेड़ों की मौत हो गई।
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पार्षद ने आरोप लगाया कि अगर उस समय कार्रवाई की जाती तो यह घटना नहीं होता। उन्होंने कहा कि कुत्ते इतने खूंखार हो चुके है कि शाम के समय उस ओर जाने वाले लोगों पर हमला कर देते है। वहीं बच्चों और जानवरों पर भी कुत्तों द्वारा कई बार हमला किया जा चुका है।
प्रशासनिक अधिकारी अब भी मौन हैं। पार्षद ने डीसी से गुहार लगाई की जल्द से जल्द समास्या का समाधान किया जाए ताकि लोगों को इस समस्या से निजात मिल सके। इस दौरान कुलदीप, फकीर चंद, प्रीतम लाल, अजरुदीन, शेर सिंह, गुरदीप, ऊषा रानी, राज सिंह, संदीप सिंह, कमल राणा, संतोष कुमार, अंजू, राजेंद्र पाल सहित दर्जनों लोग उपस्थित रहे।
22 लोगों का पेट कैसे भरेगा साहब!
डीसी साहब मेरे परिवार के 22 सदस्यों की रोजी रोटी पशुपालन पर ही निर्भर है। जिस कारण उन्होंने भेड़ें पाल रखी है। जो उनकी आय का एक मात्र साधन है। मंगलवार देर रात आवार, खूंखार कुत्तों ने मेरे पशु बाड़े में घुस गए और उसकी 100 भेड़ों को नोंच खाया। 70 को तो इस कद्र काटा की उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अब उनकी भूखे मरने की नौबत आ गई है। 22 लोगों का पेट अब कैसे पलेगा।
कर्ज लेकर उसने भेड़ों का व्यवसाय शुरू किया था। अब वह बर्बाद हो चुका है। यह प्रशासन की लापरवाही के कारण हुआ है जिस कारण प्रशासन को उसकी आर्थिक मदद करनी चाहिए। यह बात जम्मू कॉलोनी बी निवासी बलवंत पाल ने गुरुवार को डीसी से कही। उसने बताया कि भेड़ों के मरने से उसका करीब 4 लाख रुपये का नुकसान हुआ है।
जिससे उसका बाल-बाल कर्जे में डूब गया है। उसने बताया कि कई बार प्रशासन से आवार और खूंखार कुत्तों को पकड़ने को लेकर शिकायत की गई। लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई। जिसका खामियाजा उसे भुगतना पड़ रहा है। बलवंत पाल ने डीसी से गुहार लगाई कि प्रशासन की ओर से उसे आर्थिक सहायता दी जाए ताकि वह फिर से व्यवसाय कर अपने परिवार का पेट पाल सके। इस दौरान कुलदीप, बलवंत पाल, लालचंद, प्रीतम लाल, अशोक पाल, धर्मपाल, कौश्लया देवी सहित अन्य उपस्थित रहे।