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Yamuna Nagar News: जेल में कुछ भी नहीं सूंघ पाए डॉग स्क्वायड

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 20 Apr 2023 03:31 AM IST
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dog squad could not smell anything in jail
यमुनानगर। जिला पुलिस इन दिनों पूरे एक्शन के मूड में है। ऑपरेशन प्रहार के तहत चार दिन पहले पुलिस की स्पेशल टीमों ने जहां जिले में 17 जगहों पर छापेमारी कर 39 लाख रुपये नकदी, हथियार, मोबाइल के अलावा सिम बरामद हुए थे। ये छापेमारी उनके घरों पर की गई थी जो गैंगस्टर गतिविधियों से जुड़े के अलावा उनके सहायक थे। इसी कड़ी के तहत जिला जेल पुलिस की टीमों के निशाने पर रही।
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चार डीएसपी की मौजूदगी में 200 पुलिसकर्मी सुबह छह बजे ही जेल परिसर में पहुंच गई। यहां तक जेल प्रशासन को इसकी भनक तक नहीं लगी। एक के बाद एक जेल परिसर में आई पुलिस की गाड़ियों को देखकर जेल परिसर में हलचल मच गई। इसके बाद टीमें जेल प्रशासन के 50 कर्मचारियों के साथ सर्च अभियान चलाया। इस दौरान डॉग स्क्वायड की टीम भी साथ रही। करीब डेढ़ घंटे चले इस सर्च अभियान के तहत खोजी कुत्ते भी कुछ सूंघ भी नहीं पाए। ऐसे में पुलिस की टीमों को वापस लौटना पड़ा। इस ऑपरेशन में डीएसपी राजीव सिंह, रजत गुलिया, प्रमोद कुमार, नरिंद्र सिंह, जेल सुपरिंटेंडेंट विशाल छिब्बर, डीएसपी जेल वरुण कुमार व भूपेंद्र सिंह तथा जिला पुलिस के चारों अपराध यूनिट सहित 200 अधिकारी व कर्मचारी व 50 जिला कारागार के अधिकारी व कर्मचारी शामिल रहे।
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जेल का छाना कौना-कौना
सर्च अभियान के दौरान पुलिस की टीमों ने जेल का कौना-कौना छाना। इस दौरान जो संदिग्ध लग रहे थे उनकी भी तलाशी ली। बता दें जिला जेल में 10 ब्लॉक व तीन चक्की हैं। इनमें 45 कैदी जम्मू कश्मीर के पत्थरबाजी मामले में यहां बंद हैं। हालांकि इन पर नजर बनाए रखने के लिए जेल में बीएसएफ तैनात है। लेकिन बुधवार को जिला जेल पूरी तरह से छावनी में तबदील हो गई। उसके बाद तलाशी अभियान शुरू हुआ। बता दें यमुनानगर जेल में कुल 1223 कैदी व बंदी है इनमें करीब 29 महिलाएं बंदी भी शामिल हैं।
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इसलिए डॉग स्क्वायड की पड़ी जरूरत
किसी भी छुपाए हुए नशीले पदार्थों को ढूंढने के लिए विशेष तौर पर डॉग स्क्वायड से सर्च अभियान चलाया गया। यहां तक किसी भी प्रतिबंधित वस्तुओं को ढूंढने के लिए मेटल डिटेक्टर व अन्य उपकरणों का भी प्रयोग किया गया। क्योंकि कई बार गैंगस्टर और अपराधी जेल में रहते हुए गलत गतिविधियों को अंजाम देते रहे हैं। इस तरह की सूचना पुलिस के पास आने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जाता है। वहीं जेल के एस्कोट गार्द के मुलाजिमों को भी यह निर्देश दिए कि मुलजिमों को अच्छी तरह चेक करके ही जेल से बाहर निकले व पेशी के बाद अन्दर बंद करें।

वर्जन
समय समय पर जेल में इस तरह के सर्च ऑपरेशन चलाए जाते रहते हैं। आगे भी इस तरह के सर्च ऑपरेशन चलाए जाएंगे ताकि जेल से होने वाली कोई भी संभावित आपराधिक गतिविधि पर रोक लगाई जा सके। जेल में कोई गैर कानूनी गतिविधि ना चल रही हो इसको लेकर यह सर्च ऑपरेशन चलाया जाता है। जिला जेल की एक-एक बैरक की जांच की गई। किसी भी तरह की गलत या संदिग्ध गतिविधि व वस्तु नहीं मिली।

-राजीव सिंह, डीएसपी।
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वर्जन
यह सर्च अभियान डेढ़ घंटे चला है। इस दौरान टीमों को कुछ नहीं मिला है। वैैसे तो जेल के कर्मचारियों को पहले ही सख्त निर्देश दिए हुए हैं की वे हर कैदी-बंदी पर नजर रखे। यहां तक जेल में बंदियों से मिलने के लिए आने वालों की भी अच्छी तरह से तलाशी ली जाती है।
-विशाल छिब्बर, जेल अधीक्षक।
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