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आईएमए से जुड़े 250 निजी अस्पतालों के डाक्टरों ने रखी हड़ताल, शाम को निकाला कैंडल मार्च

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 03 Apr 2022 02:03 AM IST
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Doctors of 250 private hospitals associated with IMA put on strike
यमुनानगर। राजस्थान के दोसा शहर की डाक्टर अर्चना शर्मा द्वारा हत्या का केस दर्ज होने के बाद की गई आत्महत्या के विरोध जिले के करीब 250 निजी अस्पतालों के डाक्टर शनिवार को दिनभर हड़ताल पर रहे। सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक डाक्टरों ने अस्पतालों की ओपीडी में मरीज नहीं देखे। हालांकि अस्पतालों में इमरजेंसी सेवाएं चलती रही। हड़ताल की वजह से मरीज परेशान रहे। वह उपचार के लिए अस्पताल में आते रहे और हताश होकर वापस लौटते रहे। देर शाम को सभी डाक्टर नेहरू पार्क पर एकत्रित हुए और कैंडल मार्च निकाल कर डॉ. अर्चना शर्मा की आत्मिक शांति के लिए प्रार्थना की। वहीं डाक्टरों ने इस मामले में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की।
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इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की प्रेसिडेंट डॉ. सुनीला सोनी के नेतृत्व में सभी डाक्टर शनिवार को जिमखाना क्लब में एकत्रित हुए। डॉ. सुनीला सोनी ने कहा कि डॉ. अर्चना शर्मा एक जानीमानी डाक्टर थी। वह समाज के कुछ घृणित एवं असामाजिक तत्वों के आचरण की भेंट चढ़ गई। डिलीवरी के बाद उनके अस्पताल में महिला की मौत हो गई। परिजन बिना कोई विरोध जताए महिला के शव को घर ले गए थे, परंतु बाद में कुछ लोगों द्वारा भड़काने के बाद वह शव लेकर सड़क पर आ गए। पुलिस ने बिना कुछ सोचे समझे डाक्टर अर्चना पर हत्या का केस दर्ज कर लिया। इतना ही नहीं नेताओं व एसएचओ ने मिलकर अर्चना शर्मा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया।
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आईएमए के पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. योगेश जिंदल ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट आदेश है कि जब तक क्लीनिकल बोर्ड द्वारा किसी डाक्टर के खिलाफ कार्यवाही के आदेश नहीं दिए जाते तब तक उसके खिलाफ कोई भी केस दर्ज नहीं किया जा सकता। एसएचओ को यह तक नहीं पता कि हत्या सोची समझी साजिश के तहत की जाती है। परेशान डॉ. अर्चना ने आत्महत्या कर ली। आईएमए इसे आत्महत्या नहीं प्रशासन द्वारा की गई हत्या मानती है। किसी भी व्यक्ति को आत्महत्या के लिए मजबूर करना भी दंडनीय अपराध है। राजस्थान सरकार ने एसएचओ को सस्पेंड कर दिया व एसपी का तबादला कर दिया। परंतु अब तक दोनों पर केस दर्ज नहीं किया। सभी डाक्टर अर्चना शर्मा के परिवार के साथ हैं। अगर इस पर जल्द कार्रवाई न हुई तो सभी प्राइवेट डॉक्टर भी हड़ताल पर चले जाएंगे। मौके पर डॉ. डीके सोनी, डॉ. एवीएस रवि, डॉ. आर मसीह, डॉ. नरेंद्र कश्यप, डॉ. विक्रम भारती, डॉ. रविंद्र सिंह गिल, डॉ. संजीव, डॉ. सुनीता स्वरूप, डॉ. जिंद्र चड्ढा, डॉ. दीपिका अग्रवाल, डॉ. अरूण गुप्ता समेत अन्य मौजूद रहे।
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