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Yamuna Nagar News: डॉक्टर बोले-आश्वासन नहीं भुगतान चाहिए
Wed, 05 Feb 2025 01:15 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 05 Feb 2025 01:15 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। आयुष्मान कार्ड पर अपना या किसी परिजन का उपचार कराने की सोच रहे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। आईएमए के बैनर तले निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों का उपचार करने से इन्कार कर दिया है। डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी सूरत में झुकने वाले नहीं हैं। उन्हें आश्वासन नहीं, अस्पताल चलाने के लिए पैसा चाहिए।
चंडीगढ़ में उच्चाधिकारियों से हुई बातचीत के बाद जिले के निजली अस्पतालों के डॉक्टरों ने आपस में ऑनलाइन बैठक की थी। इसमें डॉक्टरों ने मंगलवार से आयुष्मान कार्ड पर लोगों का उपचार करने के लिए सहमति जताई। इस पर मंगलवार को अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड पर उपचार नहीं किया गया।
आयुष्मान योजना के पैनल में जिले के 35 निजी व 10 सरकारी अस्पताल हैं। जिनमें लोग कार्ड दिखाकर हर साल पांच लाख रुपये तक का उपचार करवा सकते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक यमुनानगर में चार से पांच हजार केस ऐसे हैं जिनका करीब 22 से 25 कराेड़ रुपये का भुगतान प्रदेश सरकार की तरफ से नहीं किया गया है।
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जिले में आयुष्मान भारत योजना के प्रतिनिधि डाॅ. जेके गुलाटी व डॉ. डीके सोनी ने आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों को उपचार का भुगतान नहीं हुआ है। वहीं भुगतान में 60 से 90 प्रतिशत तक की कटौती कर दी जाती है। जब सरकार पेमेंट ही नहीं कर रही तो वह अस्पतालों का खर्च कैसे उठाएं।
कोई अस्पताल यदि 35 हजार रुपये का बिल बनाकर भेजता है तो उसे 10 हजार मिलते हैं। एक बार तो 18 हजार की जगह 1800 रुपये ही दिए गए थे। सरकार पहले बिलों को मंजूर करती है और फिर खुद ही उसे रिजेक्ट कर देती है।
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यमुनानगर। आयुष्मान कार्ड पर अपना या किसी परिजन का उपचार कराने की सोच रहे लोगों की परेशानी बढ़ गई है। आईएमए के बैनर तले निजी अस्पताल के डॉक्टरों ने आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों का उपचार करने से इन्कार कर दिया है। डॉक्टरों ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी सूरत में झुकने वाले नहीं हैं। उन्हें आश्वासन नहीं, अस्पताल चलाने के लिए पैसा चाहिए।
चंडीगढ़ में उच्चाधिकारियों से हुई बातचीत के बाद जिले के निजली अस्पतालों के डॉक्टरों ने आपस में ऑनलाइन बैठक की थी। इसमें डॉक्टरों ने मंगलवार से आयुष्मान कार्ड पर लोगों का उपचार करने के लिए सहमति जताई। इस पर मंगलवार को अस्पतालों में आयुष्मान कार्ड पर उपचार नहीं किया गया।
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आयुष्मान योजना के पैनल में जिले के 35 निजी व 10 सरकारी अस्पताल हैं। जिनमें लोग कार्ड दिखाकर हर साल पांच लाख रुपये तक का उपचार करवा सकते हैं। डॉक्टरों के मुताबिक यमुनानगर में चार से पांच हजार केस ऐसे हैं जिनका करीब 22 से 25 कराेड़ रुपये का भुगतान प्रदेश सरकार की तरफ से नहीं किया गया है।
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जिले में आयुष्मान भारत योजना के प्रतिनिधि डाॅ. जेके गुलाटी व डॉ. डीके सोनी ने आरोप लगाया कि निजी अस्पतालों को उपचार का भुगतान नहीं हुआ है। वहीं भुगतान में 60 से 90 प्रतिशत तक की कटौती कर दी जाती है। जब सरकार पेमेंट ही नहीं कर रही तो वह अस्पतालों का खर्च कैसे उठाएं।
कोई अस्पताल यदि 35 हजार रुपये का बिल बनाकर भेजता है तो उसे 10 हजार मिलते हैं। एक बार तो 18 हजार की जगह 1800 रुपये ही दिए गए थे। सरकार पहले बिलों को मंजूर करती है और फिर खुद ही उसे रिजेक्ट कर देती है।