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Yamuna Nagar News: जिला खनन अधिकारी निलंबित, मुख्यालय से अटैच
Sat, 04 Jul 2026 01:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Sat, 04 Jul 2026 01:13 AM IST
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डॉ. राजेश शेखावत।
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में तैनात जिला खनन अधिकारी एवं सहायक खनन अभियंता डॉ. राजेश कुमार शेरावत को खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग की ओर से तीन जुलाई 2026 को जारी आदेश में उन्हें हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम 5(1) के तहत निलंबित किए जाने की जानकारी दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय महानिदेशक, खान एवं भू-विज्ञान विभाग, पंचकूला निर्धारित किया गया है।
हालांकि विभागीय आदेशों में निलंबन का कोई कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन जिले में लंबे समय से बढ़ रही अवैध खनन गतिविधियों के चलते इस कार्रवाई को उससे जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले काफी समय से जिले की अधिकांश वैध खनन साइटें बंद पड़ी हैं। इसके बावजूद अवैध खनन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
वहीं खनन स्थलों पर पहले से जमा रेत और बजरी के स्टॉक को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। वैध खनन बंद होने के बावजूद इन स्टॉक का लगातार उपलब्ध रहना चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में विभाग की इस कार्रवाई को लेकर विभिन्न तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। फिलहाल विभाग ने निलंबन के पीछे किसी भी प्रकार की आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की है।
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यमुनानगर। जिले में तैनात जिला खनन अधिकारी एवं सहायक खनन अभियंता डॉ. राजेश कुमार शेरावत को खान एवं भू-विज्ञान विभाग ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विभाग की ओर से तीन जुलाई 2026 को जारी आदेश में उन्हें हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के नियम 5(1) के तहत निलंबित किए जाने की जानकारी दी गई है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय महानिदेशक, खान एवं भू-विज्ञान विभाग, पंचकूला निर्धारित किया गया है।
हालांकि विभागीय आदेशों में निलंबन का कोई कारण स्पष्ट नहीं किया गया है, लेकिन जिले में लंबे समय से बढ़ रही अवैध खनन गतिविधियों के चलते इस कार्रवाई को उससे जोड़कर देखा जा रहा है। पिछले काफी समय से जिले की अधिकांश वैध खनन साइटें बंद पड़ी हैं। इसके बावजूद अवैध खनन की शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं।
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वहीं खनन स्थलों पर पहले से जमा रेत और बजरी के स्टॉक को लेकर भी सवाल उठते रहे हैं। वैध खनन बंद होने के बावजूद इन स्टॉक का लगातार उपलब्ध रहना चर्चा का विषय बना हुआ है। ऐसे में विभाग की इस कार्रवाई को लेकर विभिन्न तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। फिलहाल विभाग ने निलंबन के पीछे किसी भी प्रकार की आधिकारिक वजह सार्वजनिक नहीं की है।
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