Yamunanagar: कोटला के प्राइमरी स्कूल के अंदर बना नाला, बारिश के दिनों में कमरों में भर जाता है गंदा पानी, बच्चे बाहर पढ़ने को मजबूर
राजकीय प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज मदन बताते हैं स्कूल में 106 बच्चे पढ़ते हैं। इन दिनों नाले और बारिश के गंदे पानी के चलते बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है। बच्चों को पेड़ों के नीचे या फिर सेकेंडरी स्कूल के बरामदे में क्लास लगानी पड़ती है।
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साढौरा के गांव कोटला के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को लचर व्यवस्था का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। सिस्टम इस तरह गड़बड़ाया हुआ है कि आंच बच्चों के स्वास्थ्य तक पहुंच गई है। दरअसल, इस स्कूल में बारिश के दिनों में बच्चों की कक्षाएं बाहर, जबकि गंदा बदबूदार पानी कमरों के भीतर होता है। यह हालात मौजूदा समय में स्कूल में बने हैं। गंदा पानी भी दो से तीन फुट भर गया है। ऐसे में बच्चों की कक्षाएं साथ लगते सेकेंडरी स्कूल के बरामदे या फिर पेड़ों के नीचे लगाई जा रही हैं।
हालात बनने के दो कारण
दरअसल, प्राइमरी स्कूल में गंदा पानी जमा होने के दो कारणा है। पहला स्कूल की बिल्डिंग के अंदर से गांव की ही निकासी के लिए नाला बनाया हुआ है। जो काफी समय से बना है लेकिन अब यह एक जगह से टूट चुका है। इसका गंदा बदबूदार पानी प्राइमरी स्कूल की तरफ भर गया है। दूसरा कारण बिल्डिंग नीचे होना। इस स्कूल की बिल्डिंग नीचे हो गई, जबकि सेकेंडरी स्कूल की बिल्डिंग ऊपर है। ऐसे में अब यहां गंदा पानी जमा होने लगा है। सबसे ज्यादा विकट समस्या बारिश के दिनों में हो जाती है। जिससे स्कूल के कमरों में दो से तीन फीट पानी जमा हो जाता है।
106 बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा असर
राजकीय प्राथमिक विद्यालय के इंचार्ज मदन बताते हैं स्कूल में 106 बच्चे पढ़ते हैं। इन दिनों नाले और बारिश के गंदे पानी के चलते बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित हो रही है। बच्चों को पेड़ों के नीचे या फिर सेकेंडरी स्कूल के बरामदे में क्लास लगानी पड़ती है। स्कूल में बने नाले के कारण समस्या बनी है। गंदे पानी के कारण बच्चों को फुंसी बुखार आदि की शिकायत रहती है। इस समस्या की जानकारी विभागीय अधिकारियों सहित जनप्रतिनिधियों को भी अवगत कराया जा चुका है लेकिन कोई सुध नहीं लेता। मदन बताते हैं बारिश के दिनों में प्राइमरी स्कूल में गंदा पानी जमा हो जाने के चलते सेकेंडरी स्कूल के अलावा पास बनी व्यायामशाला में भी बिठाकर बच्चों की पढ़ाई कराने पड़ती है। चार पांच साल से अधिक इस तरह की समस्या बनी हुई है।
मैं अभी नया हूं, कईं जगहों के बारे में अच्छे से नहीं पता है। इस समस्या के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है, लेकिन समस्या गंभीर है। बच्चों के भविष्य को देखते हुए इस समस्या का समाधान कराया जाएगा। अगर स्कूल की बिल्डिंग नीचे है तो प्रस्ताव बनाकर भरत कराया जाएगा। - प्रेम सिंह पूनिया, जिला शिक्षा अधिकारी।