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रेहड़ी फड़ी वालों को दिया जाएगा डिजिटल लेनदेन का प्रशिक्षण
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शहर के रेहड़ी फड़ी वालों को नगर निगम की ओर से एक बार फिर से डिजिटल लेन-देन का प्रशिक्षण किया जाएगा। आवास और शहरी कार्य मंत्रालय की तरफ से एक विशेष अभियान मैं भी डिजिटल 3.0 का शुभारंभ किया है। इसके तहत ट्विन सिटी के एक हजार से ज्यादा रेहड़ी फड़ी वालों को जागरूक किया जाएगा। यूपीआई आईडी, क्यूआर कोड जारी करने और डिजिटल प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए भारतपे, एमस्वाइप, फोनपे, पेटीएम, एसवेयर के विशेषज्ञ इस प्रशिक्षण अभियान में नगर निगम के अधिकारियों का सहयोग करेंगे।
नगर निगम में इस समय1019 स्ट्रीट वेंडर पंजीकृत हैं। अभी तक रेहड़ी वाला गली में आता था या फिर लोग बाजार में सामान लेते थे तो उन्हें नकद पैसे देने पड़ते थे, लेकिन अब वे अब मोबाइल से ही पेमेंट कर सकेंगे। जिन रेहड़ी-फड़ी वालों को स्थानीय निकाय विभाग ने पंजीकृत कर लाइसेंस दिया है, वे अब ऑनलाइन पेमेंट लेंगे। इससे पहले भी नगर निगम की तरफ से रेहड़ी फड़ी वालों को डिजिटल लेन देने के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने 1 जून 2020 से शुरू किया था। कोरोना काल में हुए नुकसान को कम करने के लिए शुरू हुई इस योजना का लक्ष्य सस्ती ब्याज दरों पर रेहड़ी और फेरीवालों को लोन उपलब्ध कराना है। यह योजना मार्च 2022 तक के लिए है। इस योजना के लाभार्थियों को जो भी लोन दिया जाता है उसमें किसी तरह की गारंटी नहीं ली जाती है।
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यह योजना नियमित पुनर्भुगतान पर 7 फीसदी की दर से ब्याज सब्सिडी के साथ 10 हजार रुपये तक की किफायती कार्यशील पूंजी के ऋण की सुविधा भी प्रदान करती है। स्ट्रीट वेंडरों के समय पर पुनर्भुगतान करने से दूसरी और तीसरी किश्त में 20 हजार रुपये और 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त करने का मौका मिलता है। योजना के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए डिजिटल लेनदेन करने पर स्ट्रीट वेंडरों को 1,200 रुपये तक का कैश बैक भी प्रदान किया जाता है।
वर्जन
पीएम स्वानिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडरों को डिजिटल लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पहले भी प्रशिक्षण शिविर लगाए जा चुके हैं। अब फिर से उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। हाल ही में शहर के काफी रेहड़ी-पटरी वालों को ऋण भी दिया गया है। डिजिटल लेन देन का प्रशिक्षण पाने के बाद उपभोक्ता और विक्रेता दोनों को काफी फायदा होगा।
-अजय सिंह तोमर, निगमायुक्त यमुनानगर जगाधरी
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नगर निगम में इस समय1019 स्ट्रीट वेंडर पंजीकृत हैं। अभी तक रेहड़ी वाला गली में आता था या फिर लोग बाजार में सामान लेते थे तो उन्हें नकद पैसे देने पड़ते थे, लेकिन अब वे अब मोबाइल से ही पेमेंट कर सकेंगे। जिन रेहड़ी-फड़ी वालों को स्थानीय निकाय विभाग ने पंजीकृत कर लाइसेंस दिया है, वे अब ऑनलाइन पेमेंट लेंगे। इससे पहले भी नगर निगम की तरफ से रेहड़ी फड़ी वालों को डिजिटल लेन देने के लिए प्रशिक्षण दिया जा चुका है।
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उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना को आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने 1 जून 2020 से शुरू किया था। कोरोना काल में हुए नुकसान को कम करने के लिए शुरू हुई इस योजना का लक्ष्य सस्ती ब्याज दरों पर रेहड़ी और फेरीवालों को लोन उपलब्ध कराना है। यह योजना मार्च 2022 तक के लिए है। इस योजना के लाभार्थियों को जो भी लोन दिया जाता है उसमें किसी तरह की गारंटी नहीं ली जाती है।
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यह योजना नियमित पुनर्भुगतान पर 7 फीसदी की दर से ब्याज सब्सिडी के साथ 10 हजार रुपये तक की किफायती कार्यशील पूंजी के ऋण की सुविधा भी प्रदान करती है। स्ट्रीट वेंडरों के समय पर पुनर्भुगतान करने से दूसरी और तीसरी किश्त में 20 हजार रुपये और 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त करने का मौका मिलता है। योजना के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए डिजिटल लेनदेन करने पर स्ट्रीट वेंडरों को 1,200 रुपये तक का कैश बैक भी प्रदान किया जाता है।
वर्जन
पीएम स्वानिधि योजना के तहत स्ट्रीट वेंडरों को डिजिटल लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। पहले भी प्रशिक्षण शिविर लगाए जा चुके हैं। अब फिर से उन्हें प्रशिक्षण दिया जाएगा। हाल ही में शहर के काफी रेहड़ी-पटरी वालों को ऋण भी दिया गया है। डिजिटल लेन देन का प्रशिक्षण पाने के बाद उपभोक्ता और विक्रेता दोनों को काफी फायदा होगा।
-अजय सिंह तोमर, निगमायुक्त यमुनानगर जगाधरी