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Yamuna Nagar News: भक्तों ने की मां शैलपुत्री की पूजा, आज मां ब्रह्मचारिणी पूजन का विधान

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 16 Oct 2023 12:15 PM IST
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Devotees worshiped Mother Shailputri, today the ritual of worshiping Mother Brahmacharini
नवरात्रि महोत्सव को लेकर भक्तों में काफी उत्साह है। रविवार को शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो गई। पहले दिन भक्तों ने घरों में घट की स्थापना की और मां को घर आमंत्रित किया। इससे पूर्व भक्तों नवरात्रि पूजन की तैयारियों में जुटे रहे।
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शनिवार देर शाम तक लोगों ने घरों, प्रतिष्ठानों, दुकानों, कार्यालय इत्यादि की सफाई और स्थान शुद्धि की। जबकि रविवार को शुभ मुहूर्त के अनुसार घट की स्थापना की। वहीं नवरात्रि महोत्सव को लेकर मंदिरों में खूब रौनक रही। इस दौरान भक्तों ने मंदिरों में पहुंचकर मां की स्तुति की। नवरात्रि के लिए मंदिरों को भव्य व आकर्षित रूप से सजाया गया है।
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नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा हुई। भक्तों ने मां शैलपुत्री की पूजा कर उन्हें भोग अर्पित किया। जबकि द्वितीय नवरात्रि पर मां ब्रह्मचारिणी की पूजा का विधान है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से साधक को भक्ति, वैराग्य, आत्मिक शांति, सांसारिक मोह से मुक्ति मिलती है। मान्यता है कि मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से ब्रह्मलोक में स्थान प्राप्त होता है। शुभ मुहूर्त व विधि से मां की पूजा करने से सर्व कामना सिद्धि का वरदान मिलता है।
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बूड़िया निवासी ज्योतिषाचार्या एवं पंडित ललित शर्मा ने बताया कि नवरात्रि के दूसरे दिन मां के ब्रह्मचारिणी स्वरूप की पूजा की जाती है। मां का ये स्वरूप ज्ञान, बुद्धि और विवेक का बल देने वाला माना जाता है। उन्होंने बताया कि जो लोग कार्य में कुशलता व जीवन में कौशलता की चाह रखते हैं, उन्हें मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करनी चाहिए। मां ब्रह्मचारिणी के पूजन से कौशल में निखार आता है। मन व मस्तिष्क स्थिर होता है और शांति प्राप्त होती है। मां की शुभ मुहूर्त में पूजा करने से साधक की सभी कामनाएं सिद्ध होती है।






पंडित ललित शर्मा ने बताया कि ब्रह्म का आचरण यानि तप का आचरण करने के कारण मां का नाम ब्रह्मचारिणी पड़ा है। मां ब्रह्मचारिणी तपस्या का आचरण करती हैं। जिनके पूजन के लिए प्रात: स्नानादि से निवृत्त होकर मंदिर में चौकी स्थापित करें। चौकी पर मां की प्रतिमा व चित्र की स्थापना करें। इसके पश्चायत मां को फूल, अक्षत, चंदन, फल, रोली, लौंग, पान व सुपारी अर्पित करें। उन्होंने बताया कि मां को दूध, दूध से बने व्यंजन व सफेद वस्तु प्रिय हैं। ऐसे में माखन, मिश्री, मावा, नारियल, बर्फी व दूध के बने व्यंजन का भोग लगाना चाहिए। मां को शक्कर का भी भोग लाया जा सकता है। मां को लाल व सफेद पुष्प अर्पित करने चाहिए।


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