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Yamuna Nagar News: नर सिंह अवतार की लीला देखकर श्रद्धालु भावविभोर
Wed, 20 Aug 2025 01:24 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
Updated Wed, 20 Aug 2025 01:24 AM IST
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प्रवचन करते कथा व्यास। आयोजक
संवाद न्यूज एजेंसी
व्यासपुर। कस्बा में छोटा बस स्टैंड के नजदीक प्राचीन शनि देव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पंडित विजय वशिष्ठ से कथा श्रवण कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
सबसे पहले नर सिंह अवतार की लीला का मंचन किया गया, जिसमें भगवान नर सिंह ने प्रह्लाद की रक्षा कर अधर्म का अंत किया। इस प्रसंग को सुनते ही श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ भगवान का आह्वान किया और वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके बाद मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जन्म का भव्य आयोजन हुआ। जैसे ही कथा व्यास ने श्री राम जन्म प्रसंग का वर्णन किया। पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
मंदिर प्रांगण में भगवान श्रीराम के जन्म का दृश्य देखते ही श्रद्धालु अपने आप को अयोध्या की पावन धरा पर महसूस करने लगे। सभी ने भगवान राम का स्वागत पुष्पों और आरती से किया। कथा के अगले दिवस भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव अत्यंत धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया गया।
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जैसे ही श्रीकृष्ण जन्म की घोषणा हुई, मंदिर में ढोल-नगाड़ों और शंख ध्वनि से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने झूम-झूम कर नृत्य किया और एक-दूसरे को प्रसाद वितरण किया। नंद उत्सव जैसा माहौल बन गया। भक्तों ने भगवान कृष्ण का स्वागत फूलों की वर्षा से किया।
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व्यासपुर। कस्बा में छोटा बस स्टैंड के नजदीक प्राचीन शनि देव मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथा व्यास पंडित विजय वशिष्ठ से कथा श्रवण कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।
सबसे पहले नर सिंह अवतार की लीला का मंचन किया गया, जिसमें भगवान नर सिंह ने प्रह्लाद की रक्षा कर अधर्म का अंत किया। इस प्रसंग को सुनते ही श्रद्धालुओं ने जयकारों के साथ भगवान का आह्वान किया और वातावरण भक्तिमय हो उठा। इसके बाद मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम जन्म का भव्य आयोजन हुआ। जैसे ही कथा व्यास ने श्री राम जन्म प्रसंग का वर्णन किया। पूरा पंडाल जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा।
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मंदिर प्रांगण में भगवान श्रीराम के जन्म का दृश्य देखते ही श्रद्धालु अपने आप को अयोध्या की पावन धरा पर महसूस करने लगे। सभी ने भगवान राम का स्वागत पुष्पों और आरती से किया। कथा के अगले दिवस भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव अत्यंत धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाया गया।
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जैसे ही श्रीकृष्ण जन्म की घोषणा हुई, मंदिर में ढोल-नगाड़ों और शंख ध्वनि से वातावरण गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने झूम-झूम कर नृत्य किया और एक-दूसरे को प्रसाद वितरण किया। नंद उत्सव जैसा माहौल बन गया। भक्तों ने भगवान कृष्ण का स्वागत फूलों की वर्षा से किया।