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Yamuna Nagar News: कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की झांकी देख श्रद्धालु मंत्रमुग्ध

Sun, 29 Sep 2024 02:13 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर Updated Sun, 29 Sep 2024 02:13 AM IST
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Devotees were mesmerized by seeing the tableau of Krishna-Rukmini marriage
संवाद न्यूज एजेंसी
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बिलासपुर। क्षेत्र के खेड़ा मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा में शनिवार को सातवें दिन श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इस दौरान हरिशरण महाराज ने प्रवचन किया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण लीला, कंस वध व रुकमणी विवाह प्रसंग का वर्णन किया। कथा में सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल के प्रिंसिपल सुबे सिंह पंजेटा मुख्यातिथि रहे।
हरिशरण महाराज ने बताया कि महारास में पांच अध्याय है। उनमें गाए जाने वाले पंच गीत भागवत के पंच प्राण हैं। जो भी ठाकुर जी के इन पांच गीतों को भाव से गाता है वह भव पार हो जाता है। उन्हें वृंदावन की भक्ति सहज प्राप्त हो जाती है। उन्होंने कहा कि महारास में भगवान श्रीकृष्ण ने बांसुरी बजाकर गोपियों का आह्वान किया और महारास लीला द्वारा ही जीवात्मा परमात्मा का ही मिलन हुआ।
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उन्होंने कहा कि भगवान कृष्ण ने 16 हजार कन्याओं से विवाह कर उनका उद्धार किया। भगवान श्रीकृष्ण रुकमणि के विवाह की झांकी ने सभी को खूब आनंदित किया। भागवत कथा के छठे दिन कथा स्थल पर रुकमणि विवाह के आयोजन ने श्रद्धालुओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि जीव परमात्मा का अंश है। इसलिए जीव में अपार शक्ति होती है यदि कोई कमी रहती है वह मात्र संकल्प की होती है। संकल्प एवं कपट रहित होने से प्रभु उसे निश्चित रूप से पूरा करते हैं।
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कथा व्यास ने कहा कि भगवान विष्णु के पृथ्वी पर अवतरित होने के प्रमुख कारण में एक कंस वध भी था। कंस के अत्याचार से पृथ्वी पर त्राहि त्राहि मच गई थी। तब कृष्ण अवतरित हुए और कंस को यह पता था कि उसका वध श्रीकृष्ण के हाथों ही होना निश्चित है। इसलिए उसने बाल्यावस्था में ही श्रीकृष्ण को अनेक बार मरवाने का प्रयास किया, लेकिन हर प्रयास भगवान के सामने असफल रहा।

श्रीकृष्ण ने अपने मामा कंस का वध कर मथुरा नगरी को कंस के अत्याचारों से मुक्ति दिला दी। उन्होंने कहा कि मनुष्य स्वयं भगवान बनने के बजाय प्रभु का दास बनने का प्रयास करें। चूंकि भक्ति भाव देख कर जब प्रभु में वात्सल्य जागता है तो वे सब कुछ छोड़ कर अपने भक्तरूपी संतान के पास दौड़े चले आते हैं। इस दौरान प्रधान अनिल कक्कड़, राकेश बेदी, राजेश सिंगला, रणजीत सैनी, कमल धमीजा, रवि भूषण, रविंद्र गोयल, नरेश वर्मा, अशोक धीमान, संदीप कुमार सहित अन्य उपस्थित रहे।
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